NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
दो टूक: ओमिक्रॉन का ख़तरा लेकिन प्रधानमंत्री रैलियों में व्यस्त
जैसे ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया को ओमिक्रॉन के ख़तरे से सावधान किया तो प्रधानमंत्री ने भी ट्वीट करके लोगों को शारीरिक दूरी बनाए रखने और मास्क पहनने की सीख दे डाली। लेकिन अगले ही पल विशाल सभाएं करने में और उद्घाटनों में व्यस्त हो गए।
राज कुमार
20 Dec 2021
Modi rally

स्वास्थ्य एवं परिवार मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने 17 दिसंबर को एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि देश में कोविड के नये वैरियेंट ओमिक्रॉन के केस 100 से ज्यादा हो चुके हैं। उन्होने बताया कि देश के 11 राज्यों में ओमिक्रॉन के 101 मामले मिल चुके हैं। आज 20 दिसंबर तक यह केस बढ़कर 157 हो गए हैं। और यह 12 राज्यों तक पहुंच गया है।

आइसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने भी ओमिक्रॉन के ख़तरे बारे में चेताया है। जिसे स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट भी किया है। डॉ. बलराम भार्गव ने कहा है कि “इस समय अवांछित यात्राओं को टालें और बड़ी भीड़ इकट्ठा ना करें। उत्सव आदि कम लोगों के साथ मनाएं। ”

लेकिन ये सब कैसे हो सकता है क्योंकि देश में पांच राज्यों में चुनाव जो हैं। आप सब जानते हैं कि भाजपा और विपक्ष आये दिन बड़ी-बड़ी रैलियां कर रहा है। लगता है हम एक बार फिर से कोरोना की दूसरी लहर वाली स्थिति में फंस गये हैं। जब पश्चिम बंगाल, केरल, पुंडुचेरी, तमिलनाडु और असम में चुनाव थे। परिणामस्वरूप विशाल रैलियों के आयोजन हो रहे थे और दूसरी तरफ कुंभ चल रहा था। लगभग वैसी ही स्थिति अब भी बनती दिखाई दे रही है। इसे अच्छे से समझने के लिए आइये, एक बार ओमिक्रॉन के बारे में जान लेते हैं।

क्या है ओमिक्रॉन?

ओमिक्रॉन कोरोना का नया वैरियेंट है। जो नवंबर 2021 में कई देशों में पाया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ऐसा लगता है कि ओमिक्रॉन वैरियेंट डेल्टा वैरियेंट से भी ज्यादा फैल सकता है। यह वैरियेंट साउथ अफ्रिका में डेल्टा वैरियेंट से ज्यादा गति से फैला है। अगर कम्युनिटि ट्रांसमिसन हो जाता है तो ये डेल्टा को पीछे छोड़ देगा।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने कहा है कि ओमिक्रॉन अब तक दुनिया के 77 देशों में फैल चुका है। ओमिक्रॉन जितनी तेज़ी से फैल रहा है हमने पिछले किसी वैरियेंट को इतना तेजी से फैलते नहीं देखा है। हमें चिंता इस बात की है कि लोग ओमिक्रॉन को हल्के में ले रहे हैं और ख़ारिज कर रहे हैं।

ओमिक्रॉन और पांच राज्यों में चुनाव

आइसीएमआर के डॉ. बलराम भार्गव सावधान कर रहे हैं कि भीड़ इकट्ठा करने से बचें। नीति आयोग मेंबर आफ हेल्थ डॉ. वीके पॉल चेता रहे हैं कि हम उसी स्थिति में हैं जिस स्थिति में दूसरी लहर से पहले थे। दूसरी लहर से पहले भी लोग बचाव संबंधी ज़रूरी व्यवहार के प्रति लापरवाह हो गये थे। उसी तरह से अब भी हो रहा है। डॉ. वीके पॉल ने कहा है कि मास्क बहुत ज़रूरी है।

तमाम राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं और वैज्ञानिक बिरादरी ओमिक्रॉन को गंभीरता से लेने को कह रही है। लेकिन कोई क्या करे जब देश के गृह मंत्री और खुद प्रधानमंत्री बड़ी-बड़ी रैलियां करने में व्यस्त हैं। विपक्षी पार्टियां भी बड़ी-बड़ी रैलियां कर रही हैं। नीति आयोग के डॉ. वीके पॉल मास्क लगाने को कह रहे हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश और गोवा आदि राज्यों में धड़ल्ले से हो रही चुनावी रैलियों में आपने कितने लोगों को और नेताओं को मास्क लगाए देखा है?  क्या चुनावी सभाओं ओर रैलियों में शारीरिक दूरी का पालन हो रहा है?

देश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया भी ओमिक्रॉन से बेख़बर लगते है। वे खुद भी प्रधानमंत्री की विशाल चुनावी रैलियों को रिट्वीट कर रहे हैं। जिनमें साफतौर पर भारी भीड़ देखी जा सकती है। प्रधानमंत्री के मन की बात को रिट्वीट कर रहे हैं। तमाम चुनावी प्रोपेगंडा को ट्वीट और रिट्वीट कर रहे हैं। कायदे से उन्हें तो इस पर ऐतराज़ जताना चाहिये और ओमिक्रॉन के ख़तरे को देखते हुए कोविड अनुरूप व्यवहार की अनुशंसा करनी चाहिये। लेकिन वो खुद चुनावी प्रोपेगंडा का हिस्सा बने हुए हैं। प्रधानमंत्री के उन वीडियो को धड़ल्ले से रिट्वीट कर रहे हैं जिनमें बिना मास्क और शारीरिक दूरी के पालन के भारी भीड़ देखी जा सकती है।

जैसे ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया को ओमिक्रॉन के ख़तरे से सावधान किया तो प्रधानमंत्री ने भी ट्वीट करके लोगों को शारीरिक दूरी बनाए रखने और मास्क पहनने की सीख दे डाली। लेकिन अगले ही पल विशाल सभाएं करने में और उद्घाटनों में व्यस्त हो गए। भारत में ओमिक्रॉन के केस आने के बाद की प्रधानमंत्री की गतिविधियों पर आइये एक बार नज़र डालते हैं।

प्रधानमंत्री की रैलियां और ओमिक्रॉन

भारत में 3 दिसंबर को ओमिक्रॉन का पहला केस पाया गया। दो सप्ताह में ही ये आंकड़ा शुक्रवार 17 दिसंबर को 100 पार कर गया और सोमवार 20 दिसंबर तक यह संख्या 157 हो गई है। इसी दौरान प्रधानमंत्री ने कई ऐसी रैलियां और आयोजन किये जिसमें हज़ारों-लाखों लोग इकठ्ठा हुए। आइये! प्रधानमंत्री की 3 दिसंबर के बाद की बड़ी सभाओं और आयोजनों पर एक नज़र डालते हैं।

7 दिसंबर को उत्तर प्रदेश, गोरखपुर में बड़ी रैली की गई जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए।

11 दिसंबर को उत्तर प्रदेश, बलरामपुर में सरयू नहर परियोजना के लांच के मौके पर रैली की गई। जिसमें प्रधानमंत्री शामिल हुए।

13 दिसंबर को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के उद्घाटन पर विशाल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी शामिल हुए। पूरे देश ने उस आयोजन और इकट्ठा हुई भीड़ को देखा है।

14 दिसंबर को उत्तर प्रदेश, उमराहा में सद्गुरु सदाफल देव विहंगम योग संस्थान के 98वें वार्षिक उत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। कार्यक्रम में हज़ारों की भीड़ पहुंची।

17 दिसंबर को मध्य प्रदेश, भोपाल में जनजातीय गौरव दिवस महासम्मेलन में प्रधानमंत्री शामिल हुए। जिसमें भारी संख्या में लोग आए।

18 दिसंबर को उत्तर प्रदेश, शाहजहांपुर में गांगा एक्सप्रेसवे के शिलान्यास के मौके पर रैली में प्रधानमंत्री शामिल हुए। भारी तादाद में भीड़ थी।

19 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी गोवा लिबरेशन डे कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए गोवा पहुंचे। इस मौके पर विकास कार्यों का उद्घाटन भी किया।

ओमिक्रॉन के केस आने के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात बड़े कार्यक्रम कर चुके हैं। और आगे भी करने जा रहे हैं। इन सब कार्यक्रमों में भारी तादाद में भीड़ इकट्ठा हो रही है। सभी कार्यक्रमों में चुनावी भाषण हुए हैं।

ज्यादातर रैलियां उत्तर प्रदेश में की गई हैं। क्योंकि उत्तर प्रदेश में चुनाव हैं। प्रधानमंत्री का एक कार्यक्रम गोवा में भी हुआ। क्योंकि गोवा में भी चुनाव हैं। तो क्या माना जाए कि प्रधानमंत्री की प्राथमिकता पर कोरोना नहीं बल्कि चुनाव है? क्या प्रधानमंत्री आइसीएमआर और विश्व स्वास्थ्य संगठन की चेतावनी को गंभीरता से ले रहे हैं?

क्‍या सरकार ने दूसरी लहर से कोई सबक़ लिया?

एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने दूसरी लहर के कई कारक माने थे। लेकिन उन्होंने कहा था कि दो कारक सबसे प्रमुख हैं।

1. जनवरी-फरवरी माह में जब टीकाकरण शुरु हुआ और केस कम हुए तो लोगों ने मान लिया कि कोरोना चला गया है और बचाव संबंधी व्यवहार में लापरवाह हो गये।

2. बड़े पैमाने पर धार्मिक आयोजन और चुनाव रैलियां भी दूसरी लहर का प्रमुख कारण हैं।

तो क्या आपको नहीं लगता कि हम फिर से कोरोना की दूसरी लहर जैसी स्थिति में फंस गये हैं और सरकार चुनाव में व्यस्त है। दूसरी लहर के हृद्य विदारक दृश्यों, गंगा में तैरती लाशों, बिना मेडिकल सुविधाओं के मरते लोगों और शमशान घाटों में बंटते टोकन से हमने क्या सीखा? क्या आपको लगता है कि हमने सचमुच कुछ सीखा? क्या ओमिक्रॉन के ख़तरे को सचमुच इस तरह हल्के में लिया जा सकता है जैसे हमारी सरकार ले रही है।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार है। विचार व्यक्तिगत हैं।)

इसे देखें: पड़ताल दुनिया भर की: ओमिक्रॉन का बढ़ता ख़ौफ़ और क्या शीत युद्ध की वापसी होगी

Omicron
Omicron variant
COVID-19
Coronavirus
UP ELections 2022
Narendra modi
PM Modi Rally
WHO

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • Antony Blinken
    एम. के. भद्रकुमार
    रूस को अमेरिकी जवाब देने में ब्लिंकन देरी कर रहे हैं
    21 Jan 2022
    रूस की सुरक्षा गारंटी देने की मांगों पर औपचारिक प्रतिक्रिया देने की समय सीमा नजदीक आने के साथ ही अमेरिकी कूटनीति तेज हो गई है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के क़रीब साढ़े तीन लाख नए मामले सामने आए
    21 Jan 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के साढ़े तीन लाख के क़रीब यानी 3,47,254 नए मामले सामने आए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 5.23 फ़ीसदी यानी 20 लाख 18 हज़ार 825 हो गयी है।
  • jute mill
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    बंगाल : जूट मिल बंद होने से क़रीब एक लाख मज़दूर होंगे प्रभावित
    21 Jan 2022
    नौ प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने केंद्रीय कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से हस्तक्षेप की मांग की है।
  • online education
    सतीश भारतीय
    ऑनलाइन शिक्षा में विभिन्न समस्याओं से जूझते विद्यार्थियों का बयान
    21 Jan 2022
    मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों और शिक्षकों की प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट ज्ञात हो रहा है कि इस वक्त ऑनलाइन शिक्षा एक औपचारिकता के रूप में विद्यमान है। सरकार ने धरातलीय हकीकत जाने बगैर ऑनलाइन शिक्षा कोरोना…
  • Ukraine
    न्यूज़क्लिक टीम
    पड़ताल दुनिया भर कीः यमन का ड्रोन हमला हो या यूक्रेन पर तनाव, कब्ज़ा और लालच है असल मकसद
    20 Jan 2022
    'पड़ताल दुनिया भर की' में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबु धाबी पर किये ड्रोन हमले की असल कहानी पर प्रकाश डाला न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License