NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
किसानों का एकबार ‘फिर दिल्ली चलो’; ‘ऑपरेशन क्लीन’ का जवाब ‘ऑपरेशन शक्ति’ से देने का ऐलान
संयुक्त किसान मोर्चा ने कोरोना की सफाई के नाम पर किसान आंदोलन का सफाया करने के अंदेशे के बीच इससे मुकाबला करने की रणनीति बनाई है। 24 अप्रैल से सभी किसानों को "फिर दिल्ली चलो" के नारे के साथ मोर्चों पर वापसी का आह्वान किया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 Apr 2021
skm

किसान आंदोलन अपने 145वें दिन में प्रवेश कर गया है। लेकिन सरकार किसानों की मांगों से अभी भी मुंह मोड़े हुए है। इस बीच कई समाचार पत्रों में खबर चलाई गई कि कोरोना माहमारी के बीच किसानों को हटाने के लिए सरकार ‘ऑपरेशन क्लीन’ चलाने जा रही है। इसपर किसान संगठनों ने बताया कि अगर ऐसा होता है तो वो पूरी तरह तैयार हैं और उन्होंने सरकार के "ऑपरेशन क्लीन" की धमकी का मुकाबला "ऑपरेशन शक्ति" से करने की रणनीति बनाई है। इस रणनीति के तहत एक तरफ तो किसान "प्रतिरोध सप्ताह" मनाकर सभी मोर्चों पर कोरोना का मुकाबला करने का पुख्ता इंतजाम करेंगे तो दूसरी तरफ अगले सप्ताह से किसानों को वापस अपने मोर्चों पर आने का आह्वान किया गया है। शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में बनी इस योजना का खुलासा सोमवार को सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया गया।

पिछले कुछ दिनों से यह संकेत मिल रहे हैं कि सरकार कोरोना संक्रमण के बहाने किसान आंदोलन को खत्म करना चाहती है। मीडिया में कई रिपोर्ट आई है कि विधानसभा चुनाव पूरा होते ही "ऑपरेशन क्लीन" के नाम से हरियाणा और केंद्र सरकार ने किसानों के मोर्चों पर हमला कर उसका सफाया करने की योजना बनाई है। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने कहा इसी योजना की भूमिका बनाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कोरोना संकट के चलते किसान आंदोलन को खत्म करने की अपील का नाटक भी किया है। एसकेएम ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर ऐसी कोई कार्यवाही हुई तो किसान उसका डटकर मुकाबला करेंगे।

इस चुनौती का मुकाबला करने के लिए किसान आंदोलन ने दोहरी रणनीति बनाई है। एक ओर तो संयुक्त किसान मोर्चा ने कटाई का काम पूरा होते ही सभी किसानों को अपने अपने मोर्चे पर वापस आने का आह्वान किया है। भारतीय किसान यूनियन (उग्राहा) पहले ही अपने सदस्यों को 21 अप्रैल से टिकरी बॉर्डर पर पहुंचने का आह्वान कर चुका है। इसका स्वागत करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा ने बाकी सभी संगठनों से आग्रह किया है कि वे भी किसानों को 24 अप्रैल से "फिर दिल्ली चलो" का आह्वान कर अपने मोर्चों पर पहुंचने का कार्यक्रम बनाएं।

ज्ञात हो कि 24 अप्रैल को किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान संघर्ष के 150 दिन पूरे हो रहे हैं।

इसके साथ साथ संयुक्त किसान मोर्चा ने यह भी फैसला किया है कि आने वाले एक सप्ताह में मोर्चे की तरफ से कोरोना का मुकाबला करने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने कहा याद रहे कि कोरोना संक्रमण नया नहीं है। दिल्ली के बाहर मोर्चे लगाते समय भी देश में कोरोना का संक्रमण फैला हुआ था। लेकिन पिछले 5 महीने में किसान आंदोलन के किसी भी मोर्चे में कभी भी कोरोना संक्रमण फैलने की खबर नहीं आई है। इसलिए सरकार द्वारा किसान आंदोलन पर उंगली उठाने का कोई आधार नहीं है।

मोर्चे ने कहा कोरोना का मुकाबला करने में बीजेपी सरकारों का निकम्मापन और पाखंड अब पूरे देश के सामने आ चुका है जबकि खुद प्रधानमंत्री और गृहमंत्री विधानसभा चुनाव में बड़ी से बड़ी भीड़ जुटाने का दावा कर रहे हैं। इस सरकार को किसानों को महामारी से बचने की नसीहत देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। संयुक्त किसान मोर्चा कोरोना की आड़ में सरकार द्वारा जनता में डर फैलाने, आम जनता पर दोष डालने, उनपर जुर्माना ठोकने और कॉरपोरेट घरानों को मुनाफे की खुली छूट देने की निंदा करता है।

किसान नेताओं ने साफतौर पर कहा कि सरकार की इस दोमुंही और गैर जिम्मेदाराना हरकतों की आड़ में किसान आंदोलन अपनी जिम्मेवारी से पीठ नहीं मोड़ेगा। इसलिए संयुक्त किसान मोर्चा ने घोषणा की है कि सभी मोर्चों पर मंगलवार 20 अप्रैल से लेकर सोमवार 26 अप्रैल तक "प्रतिरोध सप्ताह" मनाया जाएगा जिसके तहत कोरोना का मुकाबला करने के लिए निम्नलिखित इंतजाम किए जाएंगे:

 • सभी मोर्चों पर हर ट्रॉली या टेंट में कोरोना से बचाव के लिए सावधानियों की जानकारी दी जाएगी।

• सभी मोर्चों पर किसानों को मास्क उपलब्ध करवाए जाएंगे और उसके इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा।

• सभी मोर्चों पर वैक्सीनेशन कैंप का इंतजाम किया जाएगा ताकि 45 साल से ज्यादा उम्र के किसान टीका लगा सकें।

• मोर्चों पर होने वाली दैनिक बैठकों में भीड़ के चलते संक्रमण फैलने से रोकने के इंतजाम किए जाएंगे।

• सभी मेडिकल कैंप में थर्मामीटर, मास्क और ऑक्सीमीटर की संख्या को बढ़ाया जाएगा। कोविड-19 के लक्षण दिखने पर तुरंत इलाज की व्यवस्था की जाएगी।

• कोविड से बचाव और इलाज में संयुक्त किसान मोर्चा स्थानीय प्रशासन से पूरा सहयोग करेगा।

संयुक्त किसान मोर्चा ने तय किया है कि प्रस्तावित संसद मार्च की तारीख और उसके स्वरूप की घोषणा उचित समय पर परिस्थितियों के मूल्यांकन के बाद की जाएगी। दिल्ली पुलिस द्वारा किसान नेताओं को मारने की योजना के आरोप में कुछ शार्प शूटर को गिरफ्तार करने की खबर पर चिंता व्यक्त करते हुए मोर्चा ने मांग की है कि इसका ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए ताकि पिछली बार की तरह पुलिस ऐसे षड्यंत्रों पर पर्दा ना डाल पाए। पंजाब हरियाणा और राजस्थान के सभी टोल प्लाजा को टोल मुक्त करने के अपने आह्वान को दोहराते हुए संयुक्त किसान मोर्चा ने बाकी टोल प्लाजा को भी टोल मुक्त करने का कार्यक्रम घोषित किया।

इसके साथ ही किसान संगठनों ने किसान आंदोलन को और मजबूत करने के लिए आगामी 10 मई को देश भर से किसान संगठनों और किसान आंदोलन के हितैषी मजदूर विद्यार्थी युवा और अन्य लोकतांत्रिक संगठनों का के प्रतिनिधियों का एक विशेष सम्मेलन आयोजित करने का आवाह्न किया है। सन् 1857 में इसी दिन देश की स्वाधीनता का पहला संग्राम शुरू हुआ था।

 

SKM
MSP
Operation Clean
Farmer protests
Farm Laws

Related Stories

किसानों और सत्ता-प्रतिष्ठान के बीच जंग जारी है

छोटे-मझोले किसानों पर लू की मार, प्रति क्विंटल गेंहू के लिए यूनियनों ने मांगा 500 रुपये बोनस

अगर फ़्लाइट, कैब और ट्रेन का किराया डायनामिक हो सकता है, तो फिर खेती की एमएसपी डायनामिक क्यों नहीं हो सकती?

किसान-आंदोलन के पुनर्जीवन की तैयारियां तेज़

MSP पर लड़ने के सिवा किसानों के पास रास्ता ही क्या है?

पूर्वांचल में ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बीच सड़कों पर उतरे मज़दूर

देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर

सावधान: यूं ही नहीं जारी की है अनिल घनवट ने 'कृषि सुधार' के लिए 'सुप्रीम कमेटी' की रिपोर्ट 

मोदी सरकार की वादाख़िलाफ़ी पर आंदोलन को नए सिरे से धार देने में जुटे पूर्वांचल के किसान

ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या हम कोविड-19 महामारी से मुक्ति की ओर हैं?
    28 Jan 2022
    आज हम डॉ. सत्यजीत के साथ कुछ महानगरों में ओमिक्रॉन संक्रमण के कम होते आँकड़ों के बारे में समझने की कोशिश करेंगे। पैंडेमिक (Pandemic) और एंडेमिक (Endemic) के बीच के फर्क पर भी सत्यजीत बात करेंगे। साथ…
  • Haryana Anganwadi Workers' Protest
    न्यूज़क्लिक टीम
    हरियाणा: आंगनवाड़ी कर्मचारियों के आंदोलन के 50 दिन पूरे
    28 Jan 2022
    हरियाणा में 8 दिसंबर 2022 को शुरू हुआ आंगनवाड़ी कर्मचारियों के आंदोलन ने अपने 50 दिन पूरे कर लिए हैं. प्रदर्शन कर रही कर्मचारियों का आरोप है कि 2018 में प्रधानमंत्री द्वारा मानदेय बढ़ाने का वादा आज…
  • manik sarkar
    संदीप चक्रवर्ती
    त्रिपुरा : पूर्व सीएम माणिक सरकार ने मोदी-शाह पर लगाया राज्य के इतिहास से 'छेड़छाड़' का आरोप
    27 Jan 2022
    माणिक सरकार ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने जनशिक्षा आंदोलन का अपमान किया है, जिस आंदोलन ने त्रिपुरा में रियासती हुकुमत के अंत का रास्ता तैयार किया था।
  • Public Safety Act
    अब्दुल हन्नान
    पब्लिक सेफ़्टी एक्ट: मनमुताबिक़ हिरासत में ली जाने की कार्रवाईयां जारी, नए कश्मीर में असहमति की कोई जगह नहीं
    27 Jan 2022
    कयूम की तरफ़ से जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट में रिट पेटिशन लगाई गई थी, जिसे ख़ारिज कर दिया गया था। इसके बाद पेटेंट अपील दाखिल की गई थी।
  •  रेलवे भर्ती मामला: बर्बर पुलिसया हमलों के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    रेलवे भर्ती मामला: बर्बर पुलिसया हमलों के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा
    27 Jan 2022
    आंदोलनकारियों पर बर्बर पुलिसिया हिंसा के खिलाफ देशभर के छात्र लामबंद हो रहे हैं। इस बीच बुधवार की देर रात पटना के पत्रकार नगर थाने में पुलिस ने इस प्रदर्शन के पीछे कोचिंग संचालकों की भूमिका को मानते…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License