NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ग्रीस के शरणार्थी शिविर में आग लगने से एक बच्चे की मौत
शरणार्थियों के बाहर जाने के लिए तुर्की द्वारा अपनी सीमाएं खोले जाने के बाद मोरिया और अन्य शिविरों में हालात बिगड़ गए हैं।
पीपल्स डिस्पैच
17 Mar 2020
Greece
शरणार्थियों के साथ एकजुटता दिखाते हुए लेवोस में शनिवार को लगभग हजारों मूलवासियों ने मार्च निकाला। 

ग्रीक द्वीप लेसबोस के एक शरणार्थी शिविर में सोमवार 16 मार्च को आग लगने से एक बच्चे की मौत हो गई। शिविर में सोमवार दोपहर को एक कंटेनर में आग लग गई जिसका इस्तेमाल शरणार्थी परिवारों के लिए अस्थायी घर बनाने के लिए किया गया है। इलाके में चली तेज हवाओं ने आग को भड़का दिया जिस पर बाद में अग्नि विभाग के कर्मचारियों द्वारा काबू पा लिया गया।


इस द्वीप पर 3000 की क्षमता वाले मोरिया शरणार्थी शिविर में अब सामाजिक और मानवीय समस्याओं के कारण 20000 से अधिक लोग रह रहे हैं जिससे ये शिविर अधिक भीड़भाड़ वाला हो गया है। इस द्वीप पर शरणार्थियों और विरोधी मूल निवासियों के एक वर्ग के बीच झड़प और आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं। इस महीने तुर्की से आए शरणार्थियों की आमद बढ़ने से हालात बदतर हो गए हैं।

शनिवार को लेसवोस के मुख्य शहर मायटिलीन में लगभग एक हजार मूल निवासी ने शिविर में शरणार्थियों के साथ एकजुटता दिखाते हुए इल द्वीप में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शिविरों में लोगों की परेशानियों को दूर करने के लिए ग्रीक सरकार से कार्रवाई करने की मांग की है। 13 मार्च को मोरिया शरणार्थी के कर्मचारी शिविरों की स्थितियों में सुधार के लिए सरकारी हस्तक्षेप की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए।

शरणार्थी शिविरों में रहन-सहन की स्थिति प्रवासियों की आमद में हालिया वृद्धि के चलते अधिक घुटन वाली हो गई है क्योंकि तुर्की सरकार ने तुर्की में रह रहे शरणार्थियों को यूरोप की तरफ जाने के लिए ग्रीस के साथ लगी सीमा को खोल दिया है।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ ग्रीस (केकेई) की सेक्टोरल कमेटी ने ग्रीक सरकार से इन द्वीपों में संघर्षरत शरणार्थियों की तुरंत मदद करने की मांग की है और साथ ही इस द्वीप पर हिंसक दक्षिणपंथी समूहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भी आह्वान किया है जो शरणार्थियों और शांतिप्रिय मूल निवासी लोगों को जोखिम में डालता हैं।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Greece
Refugee camp
fire in camp
Communist party of greece
KKE
International news

Related Stories

नाइजीरिया के लागोस में तेल पाइपलाइन के पास विस्फोट से 15 लोगों की मौत हो गई


बाकी खबरें

  • yogi
    रोहित घोष
    यूपी चुनाव: योगी आदित्यनाथ बार-बार  क्यों कर रहे हैं 'डबल इंजन की सरकार' के वाक्यांश का इस्तेमाल?
    25 Feb 2022
    दोनों नेताओं के बीच स्पष्ट मतभेदों के बावजूद योगी आदित्यनाथ नरेंद्र मोदी के नाम का इसतेमाल करने के लिए बाध्य हैं, क्योंकि उन्हें मालूम है कि नरेंद्र मोदी अब भी जनता के बीच लोकप्रिय हैं, जबकि योगी…
  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    खोज ख़बर, युद्ध और दांवः Ukraine पर हमला और UP का आवारा पशु से गरमाया चुनाव
    24 Feb 2022
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने Ukraine पर Russia द्वारा हमले से अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति की हार पर चर्चा की। साथ ही, Uttar Pradesh चुनावों में आवारा पशु, नौकरी के सवालों पर केंद्रित होती…
  • UP Elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव 2022 : आवारा पशु हैं एक बड़ा मुद्दा
    24 Feb 2022
    न्यूज़क्लिक के इस ख़ास इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता ने सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता डॉ संदीप पांडे से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। डॉ पांडेय ने…
  • russia ukrain
    अजय कुमार
    अमेरिकी लालच से पैदा हुआ रूस और यूक्रेन का तनाव, दुनिया पर क्या असर डाल सकता है?
    24 Feb 2022
    अमेरिका के लालच से पैदा हुआ रूस और यूक्रेन का तनाव अगर बहुत लंबे समय तक चलता रहा तो दुनिया के बहुत से मुल्कों में आम लोगों के जीवन जीने की लागत बहुत महँगी हो जाएगी।
  • Tribal Migrant Workers
    काशिफ काकवी
    मध्य प्रदेश के जनजातीय प्रवासी मज़दूरों के शोषण और यौन उत्पीड़न की कहानी
    24 Feb 2022
    गन्ना काटने वाले 300 मज़दूरों को महाराष्ट्र और कर्नाटक की मिलों से रिहा करवाया गया। इनमें से कई महिलाओं का यौन शोषण किया गया था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License