NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
असम में एक बूथ पर मतदाता सूची में सिर्फ़ 90 नाम, वोट पड़े 171, पांच अधिकारी निलंबित
इन चुनावों में कहीं ईवीएम बीजेपी उम्मीदवार की गाड़ी में मिल रही है, कहीं तृणमूल नेता के घर में और ये तो कमाल ही हो गया कि असम के एक मतदान केंद्र पर सिर्फ़ 90 मतदाता पंजीकृत थे, लेकिन वोट पड़े 171।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Apr 2021
असम में एक बूथ पर मतदाता सूची में सिर्फ़ 90 नाम, वोट पड़े 171, पांच अधिकारी निलंबित
Image courtesy :The Print

हाफलोंग (असम): पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में बड़े दिलचस्प नज़ारे मिल रहे हैं। कहीं ईवीएम बीजेपी उम्मीदवार की गाड़ी में मिल रही है, कहीं तृणमूल नेता के घर में और ये तो कमाल ही हो गया कि असम के एक मतदान केंद्र पर सिर्फ़ 90 मतदाता पंजीकृत थे, लेकिन वोट पड़े 171।

जी हां, असम के दीमा हसाओ जिले में एक मतदान केंद्र पर बड़ी अनियमितता का खुलासा हुआ है। उस मतदान केंद्र पर सिर्फ 90 मतदाता पंजीकृत हैं, लेकिन कुल 171 वोट पड़े। इस घटना के प्रकाश में आने के बाद पांच चुनाव अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि यह मतदान केंद्र हाफलोंग विधानसभा क्षेत्र में है। इस जगह दूसरे चरण में एक अप्रैल को मतदान हुआ था। हाफलोंग में 74 प्रतिशत मतदान हुआ था।

उन्होंने बताया कि इस घटना के प्रकाश में आने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदान केंद्र के पांच चुनाव अधिकारियों को निलंबित करके यहां दोबारा मतदान कराने का प्रस्ताव रखा है। यह मतदान केंद्र खोटलिर एलपी स्कूल के 107 (ए) में था।

हालांकि, इस मतदान केंद्र पर दोबारा चुनाव कराने के लिए अभी आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।

दीमा हसाओ के पुलिस उपायुक्त सह जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से निलंबन आदेश दो अप्रैल को ही जारी किया गया था, लेकिन यह सोमवार को प्रकाश में आया।

कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के लिये चुनाव आयोग ने एस ल्हांगुम (सेक्टर ऑफिसर), प्रह्लाद सी रॉय (पीठासीन अधिकारी), परमेश्वर चारंगसा (प्रथम मतदान अधिकारी), स्वराज कांति दास (द्वितीय मतदान अधिकारी) और एल थीक (तृतीय मतदान अधिकारी) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

अधिकारियों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि मतदान केंद्र के लिये मतदाता सूची में सिर्फ 90 नाम थे लेकिन ईवीएम में 171 वोट पड़े हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि गांव के प्रधान ने मतदाता सूची को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और वह अपनी सूची लेकर वहां आ गया। इसके बाद गांव के लोगों ने उसी सूची के हिसाब से मतदान किया। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चुनाव अधिकारियों ने गांव के प्रधान की मांग क्यों स्वीकार कर ली और वहां पर सुरक्षाकर्मी तैनात थे या नहीं तथा उनकी क्या भूमिका रही।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

इन्हें भी पढ़ें :

अब तृणमूल नेता के घर वीवीपैट और ईवीएम मिली, चुनाव अधिकारी निलंबित

असम ईवीएम विवाद: निर्वाचन अधिकारी और तीन अन्य अफ़सर निलंबित, एक मतदान केन्द्र पर पुनर्मतदान के आदेश

Assam
Assam Elections Update
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • सोनिया यादव
    बलात्कार को लेकर राजनेताओं में संवेदनशीलता कब नज़र आएगी?
    13 Apr 2022
    अक्सर राजनेताओं के बयान कभी महिलाओं की बॉडी शेमिंग करते नज़र आते हैं तो कभी बलात्कार जैसे गंभीर अपराध को मामूली बताने या पीड़ित को प्रताड़ित करने की कोशिश। बार-बार राजनीति से महिला विरोधी बयान अब…
  • underprivileged
    भारत डोगरा
    कमज़ोर वर्गों के लिए बनाई गईं योजनाएं क्यों भारी कटौती की शिकार हो जाती हैं
    13 Apr 2022
    क्या कोविड-19 से उत्पन्न संकट ने सरकार के बजट को बुरी तरह से निचोड़ दिया है, या यह उसकी तरफ से समाज के सबसे कमज़ोर वर्गों के अधिकारों की सरासर उपेक्षा है? इनके कुछ आंकड़े खुद ही सब कुछ बयां करते हैं।
  • ramnovmi
    अजय सिंह
    मुस्लिम जेनोसाइड का ख़तरा और रामनवमी
    13 Apr 2022
    एक बात साफ़ हो चली है, वह यह कि भारत में मुसलमानों के क़त्लेआम या जनसंहार (जेनोसाइड) की आशंका व ख़तरा काल्पनिक नहीं, वास्तविक है। इस मंडराते ख़तरे को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।
  • srilanka
    पार्थ एस घोष
    श्रीलंका का संकट सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी
    13 Apr 2022
    निर्ल्लज तरीके के निजीकरण और सिंहली अति-राष्ट्रवाद पर अंकुश लगाने के लिए अधिकाधिक राजकीय हस्तक्षेप पर श्रीलंका में चल रही बहस, सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी है कि ऐसी गलतियां दोबारा न दोहराई…
  • रवि कौशल
    बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, छात्र बोले- जेएनयू प्रशासन का रवैया पक्षपात भरा है
    13 Apr 2022
    जेएनयू छात्र संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मंगलवार को वे उप कुलपति से उनके कार्यालय में नहीं मिल सके। यह लोग जेएनयू में हुई हिंसा की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License