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भारत
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जलियांवाला बाग़ परिसर पुनर्निर्माण पर विपक्ष, इतिहासकार उठा रहे सवाल, कहा शहीदों का अपमान
‘‘जलियांवाला बाग़ के शहीदों का ऐसा अपमान वही कर सकता है जो शहादत का मतलब नहीं जानता। मैं एक शहीद का बेटा हूं। शहीदों का अपमान किसी कीमत पर सहन नहीं करूंगा। हम इस अभद्र क्रूरता के ख़िलाफ़ हैं।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Sep 2021
Jallianwala bagh

नयी दिल्ली: पंजाब के अमृतसर स्थित जलियांवाला बाग स्मारक के  पुनर्निर्माण को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष से लेकर प्रसिद्ध इतिहासकार भी इसके  पुनर्निर्माण की आलोचना कर रहे हैं। उनहोंने जलियांवाला बाग स्मारक के पुनर्निर्माण को इतिहास के साथ छेड़छाड़ बताया है। 

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने जलियांवाला बाग स्मारक स्थल का पुनर्निर्माण किये जाने के बाद इसकी भव्यता को लेकर सोशल मीडिया में उठ रहे सवालों का हवाला देते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि यह शहीदों का अपमान है और यह वही कर सकता है जो शहादत का मतलब नहीं जानता।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘जलियांवाला बाग़ के शहीदों का ऐसा अपमान वही कर सकता है जो शहादत का मतलब नहीं जानता। मैं एक शहीद का बेटा हूं। शहीदों का अपमान किसी कीमत पर सहन नहीं करूंगा। हम इस अभद्र क्रूरता के ख़िलाफ़ हैं।’’

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा, ‘‘जिन्होंने आजादी की लड़ाई नहीं लड़ी, वे उन लोगों को नहीं समझ सकते, जिन्होंने आजादी की लड़ाई लड़ी।’’ राहुल गांधी ने उस खबर का स्क्रीनशॉट साझा किया जिसमें कहा गया है कि इस स्मारक स्थल की भव्यता को लेकर सोशल मीडिया में लोगों ने गुस्से का इजहार किया है।

इसी तरह वामपंथी पार्टी भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) यानी माकपा  के नेता सीताराम येचुरी ने भी केंद्र सरकार पर  हमला बोलते हुए कहा, ‘जो लोग आजादी की लड़ाई से दूर रहे हैं, वही ऐसा काम कर सकते हैं।’

उन्होंने ट्ववीट किया और लिखा कि ‘यह हमारे शहीदों का अपमान है। बैसाखी के लिए इकट्ठा हुए हिंदू, मुस्लिम, सिखों के जलियांवाला बाग हत्याकांड ने हमारी आजादी की लड़ाई को तेज़ किया था। यहां की हर ईंट अंग्रेजों के भयावह राज की गवाह है, जो लोग आजादी की लड़ाई से दूर रहे हैं, वही ऐसा काम कर सकते हैं।’

इसी तरह का ट्ववीट शिवसेना सांसद और प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी किया और इसे सामूहिक इतिहास के लिए नुकसान  बताया।  

प्रसिद्ध इतिहासकार एस. इरफान हबीब ने ट्वीट कर कहा, ‘यह स्मारकों का निगमीकरण है, जहां आधुनिक संरचनाओं के नाम पर हेरिटेज मूल्य को खोया जा रहा है। इतिहास से छेड़छाड़ किए बिना विरासतों की देखभाल करें’

आपको बता दें  पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलियांवाला बाग के पुनर्निर्मित परिसर का उद्घाटन किया है।

इस बाग का केंद्रीय स्थल माने जाने वाले ‘‘ज्वाला स्मारक’’ की मरम्मत करने के साथ-साथ, परिसर का पुनर्निर्माण किया गया है, वहां स्थित तालाब को एक ‘‘लिली तालाब’’ के रूप में फिर से विकसित किया गया है तथा लोगों को आने-जाने में सुविधा के लिए यहां स्थित मार्गों को चौड़ा किया गया है।

इस परिसर में अनेक नई और आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है जिनमें लोगों की आवाजाही के लिए उपयुक्त संकेतकों से युक्त नव विकसित मार्ग, महत्वपूर्ण स्थानों को रोशन करना, और अधिक वृक्षारोपण के साथ बेहतर भूदृश्य, चट्टान युक्त निर्माण कार्य तथा पूरे बगीचे में ऑडियो नोड्स लगाना शामिल हैं।

इसके अलावा मोक्ष स्थल, अमर ज्योति और ध्वज मस्तूल को समाहित करने के लिए भी कार्य किया गया है।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

jallianwala bagh
Narendra modi

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