NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जलियांवाला बाग़ परिसर पुनर्निर्माण पर विपक्ष, इतिहासकार उठा रहे सवाल, कहा शहीदों का अपमान
‘‘जलियांवाला बाग़ के शहीदों का ऐसा अपमान वही कर सकता है जो शहादत का मतलब नहीं जानता। मैं एक शहीद का बेटा हूं। शहीदों का अपमान किसी कीमत पर सहन नहीं करूंगा। हम इस अभद्र क्रूरता के ख़िलाफ़ हैं।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Sep 2021
Jallianwala bagh

नयी दिल्ली: पंजाब के अमृतसर स्थित जलियांवाला बाग स्मारक के  पुनर्निर्माण को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष से लेकर प्रसिद्ध इतिहासकार भी इसके  पुनर्निर्माण की आलोचना कर रहे हैं। उनहोंने जलियांवाला बाग स्मारक के पुनर्निर्माण को इतिहास के साथ छेड़छाड़ बताया है। 

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने जलियांवाला बाग स्मारक स्थल का पुनर्निर्माण किये जाने के बाद इसकी भव्यता को लेकर सोशल मीडिया में उठ रहे सवालों का हवाला देते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि यह शहीदों का अपमान है और यह वही कर सकता है जो शहादत का मतलब नहीं जानता।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘जलियांवाला बाग़ के शहीदों का ऐसा अपमान वही कर सकता है जो शहादत का मतलब नहीं जानता। मैं एक शहीद का बेटा हूं। शहीदों का अपमान किसी कीमत पर सहन नहीं करूंगा। हम इस अभद्र क्रूरता के ख़िलाफ़ हैं।’’

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा, ‘‘जिन्होंने आजादी की लड़ाई नहीं लड़ी, वे उन लोगों को नहीं समझ सकते, जिन्होंने आजादी की लड़ाई लड़ी।’’ राहुल गांधी ने उस खबर का स्क्रीनशॉट साझा किया जिसमें कहा गया है कि इस स्मारक स्थल की भव्यता को लेकर सोशल मीडिया में लोगों ने गुस्से का इजहार किया है।

इसी तरह वामपंथी पार्टी भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) यानी माकपा  के नेता सीताराम येचुरी ने भी केंद्र सरकार पर  हमला बोलते हुए कहा, ‘जो लोग आजादी की लड़ाई से दूर रहे हैं, वही ऐसा काम कर सकते हैं।’

उन्होंने ट्ववीट किया और लिखा कि ‘यह हमारे शहीदों का अपमान है। बैसाखी के लिए इकट्ठा हुए हिंदू, मुस्लिम, सिखों के जलियांवाला बाग हत्याकांड ने हमारी आजादी की लड़ाई को तेज़ किया था। यहां की हर ईंट अंग्रेजों के भयावह राज की गवाह है, जो लोग आजादी की लड़ाई से दूर रहे हैं, वही ऐसा काम कर सकते हैं।’

इसी तरह का ट्ववीट शिवसेना सांसद और प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी किया और इसे सामूहिक इतिहास के लिए नुकसान  बताया।  

प्रसिद्ध इतिहासकार एस. इरफान हबीब ने ट्वीट कर कहा, ‘यह स्मारकों का निगमीकरण है, जहां आधुनिक संरचनाओं के नाम पर हेरिटेज मूल्य को खोया जा रहा है। इतिहास से छेड़छाड़ किए बिना विरासतों की देखभाल करें’

आपको बता दें  पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलियांवाला बाग के पुनर्निर्मित परिसर का उद्घाटन किया है।

इस बाग का केंद्रीय स्थल माने जाने वाले ‘‘ज्वाला स्मारक’’ की मरम्मत करने के साथ-साथ, परिसर का पुनर्निर्माण किया गया है, वहां स्थित तालाब को एक ‘‘लिली तालाब’’ के रूप में फिर से विकसित किया गया है तथा लोगों को आने-जाने में सुविधा के लिए यहां स्थित मार्गों को चौड़ा किया गया है।

इस परिसर में अनेक नई और आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है जिनमें लोगों की आवाजाही के लिए उपयुक्त संकेतकों से युक्त नव विकसित मार्ग, महत्वपूर्ण स्थानों को रोशन करना, और अधिक वृक्षारोपण के साथ बेहतर भूदृश्य, चट्टान युक्त निर्माण कार्य तथा पूरे बगीचे में ऑडियो नोड्स लगाना शामिल हैं।

इसके अलावा मोक्ष स्थल, अमर ज्योति और ध्वज मस्तूल को समाहित करने के लिए भी कार्य किया गया है।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

jallianwala bagh
Narendra modi

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 


बाकी खबरें

  • किसान आंदोलन
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसान आंदोलन: करनाल हिंसा के विरोध में देश भर में आंदोलन, 5 सितंबर की महापंचायत की तैयारी ज़ोरों पर
    02 Sep 2021
    करनाल की घटनाओं के बचाव हेतु सामने आई हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार की चौतरफा निंदा हो रही है। वहीं पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के बीच सार्वजनिक विवाद सामने आया। इस बीच शांतिपूर्ण…
  • जब जज ही निशाने पर हों, तो फिर आरटीआई एक्टिविस्ट, व्हिसलब्लोअर की क्या बिसात
    सर्वेश माथुर
    जब जज ही निशाने पर हों, तो फिर आरटीआई एक्टिविस्ट, व्हिसलब्लोअर की क्या बिसात
    02 Sep 2021
    भ्रष्टाचार को जड़ से ख़त्म करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक समन्वित कार्रवाई की ज़रूरत है, जो कि सड़ रही व्यवस्था की मुख्य वजह है।
  • उनके तालिबान तालिबान, हमारे वाले संत?
    बादल सरोज
    उनके तालिबान तालिबान, हमारे वाले संत?
    02 Sep 2021
    "उनके तालिबान तालिबान हमारे तालिबान संत" का दोहरापन कही नहीं ले जाएगा। भेड़िये सिर्फ भेड़िये होते हैं और लाखों वर्ष का विवरण और हजारों वर्ष की सभ्यता गवाह है कि भेड़ियों ने कभी गांव नहीं बसाये।
  • रिपब्लिक भारत ने ‘तालिबान का क्रूर चेहरा’ दिखाते हुए BSP नेता हाजी याक़ूब क़ुरैशी की फ़ोटो दिखायी
    प्रियंका झा
    रिपब्लिक भारत ने ‘तालिबान का क्रूर चेहरा’ दिखाते हुए BSP नेता हाजी याक़ूब क़ुरैशी की फ़ोटो दिखायी
    02 Sep 2021
    रिपब्लिक भारत के एक शो का एक स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है. लोग कह रहे हैं कि चैनल ने तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर के बेटे मुल्ला याक़ूब के नाम के साथ यूपी से बसपा के नेता हाजी…
  • 5 सितंबर की महापंचायत से पहले बोले किसान नेता- मुज़फ़्फ़रनगर में दंगों की राजनीति को दफ़न कर देंगे
    रवि कौशल
    5 सितंबर की महापंचायत से पहले बोले किसान नेता- मुज़फ़्फ़रनगर में दंगों की राजनीति को दफ़न कर देंगे
    02 Sep 2021
    एसकेएम के नेताओं को आशा है कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चलाए गए सघन अभियान के बाद महापंचायतों में बहुत भीड़ उमड़ेगी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License