NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
विपक्षी नेताओं ने सोच-समझकर प्रदर्शन स्थलों से दूर रहने का निर्णय किया: वाम नेता
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, ‘‘प्रदर्शन स्थलों से दूर रहने के लिए यह हमारी तरफ से सोच-समझकर किया गया फैसला है। इसीलिए प्रदर्शन स्थलों पर हमने पार्टी का कोई बैनर नहीं लगाया।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 Dec 2020
सीताराम येचुरी

नयी दिल्ली। देश के सभी प्रमुख विपक्षी दलों ने आज किसान आंदोलन और भारत बंद के समर्थन में ज़ोरदार प्रदर्शन किया। हालांकि ये नेता किसानों के प्रदर्शनस्थल पर नहीं पहुंचे। यह फ़ैसला एक समझदारी के तहत किया गया।

वाम नेताओं ने किसानों के ‘भारत बंद’ को समर्थन देते हुए मंगलवार को कहा कि विपक्षी नेताओं ने सोच-समझकर प्रदर्शन स्थलों से दूर रहने का निर्णय किया है।

सरकार ने विपक्षी दलों पर राजनीतिक लाभ के लिए किसानों के प्रदर्शन का समर्थन करने का आरोप लगाया है। विपक्षी दलों ने आरोप को खारिज किया है और कहा है कि किसानों की मांगें वैध हैं।

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, ‘‘प्रदर्शन स्थलों से दूर रहने के लिए यह हमारी तरफ से सोच-समझकर किया गया फैसला है। इसीलिए प्रदर्शन स्थलों पर हमने पार्टी का कोई बैनर नहीं लगाया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, संसद सदस्य के रूप में एकजुटता जताने के लिए हमारे सांसद वहां हैं। हम मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहते। सिर्फ वाम दलों ने ही नहीं, बल्कि समूचे विपक्ष ने यह निर्णय लिया है कि सांसदों को छोड़कर कोई अन्य नेता किसानों के साथ नहीं होगा।’’

येचुरी ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता प्रदर्शन स्थलों पर हैं लेकिन उनके पास पार्टी का कोई बैनर या पोस्टर नहीं है।

हालांकि, राजनीतिक दलों से जुड़े किसान समूहों और ट्रेड यूनियनों के बैनर एवं पोस्टर प्रदर्शन स्थलों पर देखे जा सकते हैं।

भाकपा महासचिव डी राजा ने भी कहा कि किसानों का आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और यह दिखाने के लिए निर्णय किया गया कि राजनीतिक नेता प्रदर्शन स्थलों पर नहीं जाएंगे।

(समाचार एजेंसी भाषा का इनपुट)

farmers protest
Bharat Bandh
Farm bills 2020
left parties
Sitaram yechury
CPI-M

Related Stories

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात

देशव्यापी हड़ताल: दिल्ली में भी देखने को मिला व्यापक असर

दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल का दूसरा दिन, जगह-जगह धरना-प्रदर्शन

मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ भारत बंद का दिखा दम !

क्यों मिला मजदूरों की हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा का समर्थन


बाकी खबरें

  • election
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव दूसरा चरण:  वोट अपील के बहाने सियासी बयानबाज़ी के बीच मतदान
    14 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव कितने अहम हैं, ये दिग्गज राजनेताओं की सक्रियता से ही भांपा जा सकता है, मतदान के पहले तक राजनीतिक दलों और राजनेताओं की ओर से वोट के लिए अपील की जा रही है, वो भी बेहद तीखे…
  • unemployment
    तारिक़ अनवर
    उत्तर प्रदेश: क्या बेरोज़गारी ने बीजेपी का युवा वोट छीन लिया है?
    14 Feb 2022
    21 साल की एक अंग्रेज़ी ग्रेजुएट शिकायत करते हुए कहती हैं कि उनकी शिक्षा के बावजूद, उन्हें राज्य में बेरोज़गारी के चलते उपले बनाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
  • delhi high court
    भाषा
    अदालत ने ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 44 हजार बच्चों के दाख़िले पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा
    14 Feb 2022
    पीठ ने कहा, ‘‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम और पिछले वर्ष सीटों की संख्या, प्राप्त आवेदनों और दाखिलों की संख्या को लेकर एक संक्षिप्त और स्पष्ट जवाब दाखिल करें।’’ अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी।
  • ashok gehlot
    भाषा
    रीट पर गतिरोध कायम, सरकार ने कहा ‘एसओजी पर विश्वास रखे विपक्ष’
    14 Feb 2022
    इस मुद्दे पर विधानसभा में हुई विशेष चर्चा पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट मुख्य विपक्षी दल के विधायकों ने सदन में नारेबाजी व प्रदर्शन जारी रखा। ये विधायक तीन कार्यदिवसों से इसको लेकर सदन में प्रदर्शन कर…
  • ISRO
    भाषा
    इसरो का 2022 का पहला प्रक्षेपण: धरती पर नज़र रखने वाला उपग्रह सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित
    14 Feb 2022
    पीएसएलवी-सी 52 के जरिए धरती पर नजर रखने वाले उपग्रह ईओएस-04 और दो छोटे उपग्रहों को सोमवार को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित कर दिया। इसरो ने इसे ‘‘अद्भुत उपलब्धि’’ बताया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License