NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कृषि
भारत
राजनीति
विपक्षी नेताओं ने की राष्ट्रपति से मुलाक़ात, नए कृषि क़ानूनों को रद्द करने का अनुरोध
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद विपक्षी नेता सीताराम येचुरी ने कहा, 'हमने राष्ट्रपति को बताया कि तीन कृषि कानून अलोकतांत्रिक तरीके से संसद में पारित किए गए और इन क़ानूनों को वापस लिए जाने का अनुरोध किया।'
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Dec 2020
Rahul and Yechuri

नयी दिल्ली:  केंद्र के नए कृषि कानूनों को लेकर जारी किसानों के आंदोलन के बीच बुधवार शाम को विपक्ष के कुल पांच नेताओं कांग्रेस नेता राहुल गांधी, एनसीपी नेता शरद पवार, सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी, सीपीआई महासचिव डी राजा और डीएमके नेता टीकेएस इलांगोवन ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की।

कोविड-19 प्रोटोकॉल की वजह से सिर्फ़ पांच नेताओं को राष्ट्रपति से मुलाकात संभव हो सकी। विपक्षी नेताओं ने किसानों के प्रति एकजुटता जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान तीन कृषि क़ानूनों को निरस्त करने का अनुरोध किया।

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद विपक्षी नेता सीताराम येचुरी ने कहा, 'हमने राष्ट्रपति को बताया कि तीन कृषि कानून अलोकतांत्रिक तरीके से संसद में पारित किए गए और इन कानूनों को वापस लिए जाने का अनुरोध किया।'

Due to #COVID19 restrictions, only a 5-member delegation is permitted to meet the President of India. More than 20 political parties have extended their support to the ongoing historic farmers’ struggles & asked for the repeal of the retrograde Agri-Laws.https://t.co/lndUgo56UZ

— CPI (M) (@cpimspeak) December 9, 2020

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, 'राष्ट्रपति के साथ मुलाकात में हमने कृषि कानूनों को रद्द किए जाने का अनुरोध किया क्योंकि ये कानून बिना चर्चा के पारित किए गए।'

देश का किसान समझ गया है कि मोदी सरकार ने उन्हें धोखा दिया है और अब वो पीछे नहीं हटने वाला क्योंकि वो जानता है कि अगर आज समझौता कर लिया तो उसका भविष्य नहीं बचेगा।

किसान हिंदुस्तान है!

हम सब किसान के साथ हैं, डटे रहिए। pic.twitter.com/8r8aW3GwMw

— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 9, 2020

उन्होंने कहा, 'जिस तरह से कृषि विधेयक पारित किए गए, हमें लगता है कि यह किसानों का अपमान है इसलिए वे ठंड के मौसम में भी प्रदर्शन कर रहे हैं।'

राहुल ने कहा, 'हमने राष्ट्रपति से कहा कि कृषि कानूनों को वापस लिया जाना बेहद महत्वपूर्ण है।'

गौरतलब है कि पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत देश के विभिन्न हिस्सों के किसान पिछले कई दिनों से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान संगठनों की अपनी मांगों को लेकर सरकार के साथ पांच दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन बात नहीं बन पाई है।

भारत बंद के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने भी मंगलवार को किसान संगठनों के 13 नेताओं से बातचीत की थी, लेकिन उसमें भी कोई हल नहीं निकल पाया था।

उसके बाद बुधवार को सरकार और किसानों के प्रतिनिधियों के बीच होने वाली छठे दौर की वार्ता रद्द कर दी गई थी। इसके बाद आज सरकार की ओर से किसानों को एक लिखित प्रस्ताव दिया गया है, जिसे किसानों ने ख़ारिज कर दिया है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Rahul Gandhi
Sitaram yechury
opposition parties
Opposition Leaders
Ramnath Kovind
Farm bills 2020

Related Stories

किसान आज देश की संसद का एजेंडा तय कर रहे हैं, कल देश की राजनीति की तक़दीर तय करेंगे

पड़ताल: कृषि क्षेत्र में निजी मंडियां बनाने से क्या ख़त्म हो जाएगी बिचौलियों की भूमिका?

पड़ताल: एमएसपी पर सरकार बनाम किसान, कौन किस सीमा तक सही?

चुनाव से पहले तमिलनाडु पर कृपा बरसाने लगे राष्ट्रीय नेता, अन्नाद्रमुक के कृषि क़र्ज़ माफ़ी की आलोचना 

किसान आंदोलन: देश भर में 'रेल रोको' का दिखा व्यापक असर !

कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग यानी कृषि क्षेत्र से किसानों को बाहर धकेलने का रास्ता!

नए कृषि क़ानून: किसानों को छोटा बनाम बड़ा में क्यों बांट रही है सरकार?

कृषि क़ानून: बढ़ते विरोध के बीच प्रधानमंत्री मोदी तलाश रहे हैं दूसरों का कंधा!

विडंबना: नया बजट किसानों के प्रश्न को संबोधित करने का ढोंग तक नहीं करता

कृषि क़ानूनों को लेकर राज्यसभा में विपक्ष ने सरकार को घेरा, कृषि मंत्री से नोकझोंक


बाकी खबरें

  • Hijab controversy
    भाषा
    हिजाब विवाद: बेंगलुरु के कॉलेज ने सिख लड़की को पगड़ी हटाने को कहा
    24 Feb 2022
    सूत्रों के अनुसार, लड़की के परिवार का कहना है कि उनकी बेटी पगड़ी नहीं हटायेगी और वे कानूनी राय ले रहे हैं, क्योंकि उच्च न्यायालय और सरकार के आदेश में सिख पगड़ी का उल्लेख नहीं है।
  • up elections
    असद रिज़वी
    लखनऊ में रोज़गार, महंगाई, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन रहे मतदाताओं के लिए बड़े मुद्दे
    24 Feb 2022
    लखनऊ में मतदाओं ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर वोट डाले। सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली बड़ा मुद्दा था। वहीं कोविड-19 प्रबंधन, कोविड-19 मुफ्त टीका,  मुफ्त अनाज वितरण पर लोगों की अलग-अलग…
  • M.G. Devasahayam
    सतीश भारतीय
    लोकतांत्रिक व्यवस्था में व्याप्त खामियों को उजाकर करती एम.जी देवसहायम की किताब ‘‘चुनावी लोकतंत्र‘‘
    24 Feb 2022
    ‘‘चुनावी लोकतंत्र?‘‘ किताब बताती है कि कैसे चुनावी प्रक्रियाओं की सत्यता को नष्ट करने के व्यवस्थित प्रयासों में तेजी आयी है और कैसे इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
  • Salempur
    विजय विनीत
    यूपी इलेक्शनः सलेमपुर में इस बार नहीं है मोदी लहर, मुकाबला मंडल-कमंडल के बीच होगा 
    24 Feb 2022
    देवरिया जिले की सलेमपुर सीट पर शहर और गावों के वोटर बंटे हुए नजर आ रहे हैं। कोविड के दौर में योगी सरकार के दावे अपनी जगह है, लेकिन लोगों को याद है कि ऑक्सीजन की कमी और इलाज के अभाव में न जाने कितनों…
  • Inequality
    प्रभात पटनायक
    आर्थिक असमानता: पूंजीवाद बनाम समाजवाद
    24 Feb 2022
    पूंजीवादी उत्पादन पद्धति के चलते पैदा हुई असमानता मानव इतिहास में अब तक पैदा हुई किसी भी असमानता के मुकाबले सबसे अधिक गहरी असमानता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License