NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
चारा घोटाले में चालीस महीने से जेल में बंद लालू यादव की रिहाई का आदेश
झारखंड राज्य अधिवक्ता परिषद झारखंड स्टेट बार काउंसिल ने राज्य में कोरोना  को देखते हुए पूरे राज्य के अधिवक्ताओं को दो मई तक सभी प्रकार के न्यायिक कार्यों से दूर रहने का निर्देश  दिया था ,इसी कारण ज़मानत के बाद भी लालू रिहा न हो सके थे 
भाषा
30 Apr 2021
चारा घोटाले में चालीस महीने से जेल में बंद लालू यादव की रिहाई का आदेश

रांची : चारा घोटाले के तीन विभिन्न मामलों में सजा पाने के बाद 23 दिसंबर, 2017 से जेल में बंद राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को सीबीआई की विशेष अदालत ने बृहस्पतिवार शाम न्यायिक हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया।

जमानत बांड और एक-एक लाख रुपये मूल्य के दो निजी मुचलके यहां केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत में प्रस्तुत किये गये जिसने लालू की रिहाई के आदेश दिये ।

यद्यपि लालू अभी भी दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) में इलाजरत हैं इसलिए अस्पताल से उनकी छुट्टी के बारे में अब एम्स प्रशासन को निर्णय लेना है।

झारखंड के कारागार महानिरीक्षक वीरेन्द्र भूषण ने ‘पीटीआई’ को बताया कि विशेष सीबीआई अदालत के रिहाई के आदेश के बाद आज लालू यादव को शाम को न्यायिक हिरासत से रिहा कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि लालू की रिहाई के आदेश की प्रति रांची स्थित बिरसा मुंडा जेल के अधिकारियों ने आज नयी दिल्ली स्थित एम्स के निदेशक एवं वहां के अन्य अधिकारियों को मेल कर दी तथा वहां स्थित सुरक्षा अधिकारियों को भी इसकी सूचना दे दी गई।

भारतीय विधिज्ञ परिषद् ने बुधवार को जारी अपने निर्देश में कहा था कि अदालतों से जमानत पाने के बाद भी न्यायिक हिरासत में किसी कैदी का बंद रहना न्याय विरुद्ध है । लिहाजा उसने देश की सभी विधिज्ञ परिषदों को निर्देश दिया था कि वह जमानत प्राप्त लोगों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी करने की अधिवक्ताओं को अनुमति दें जिससे ऐसे लोगों की रिहाई सुनिश्चित करायी जा सके।

परिषद् के इस दिशा निर्देश के बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद समेत जेल में बंद सैकड़ों लोगों को आज राहत मिली।

चारा घोटाले के दुमका कोषागार से गबन के मामले में 17 अप्रैल को झारखंड उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बावजूद राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव अब तक न्यायिक हिरासत से रिहा नहीं हो सके थे क्योंकि झारखंड राज्य अधिवक्ता परिषद झारखंड स्टेट बार काउंसिल ने राज्य में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए पूरे राज्य के अधिवक्ताओं को दो मई तक सभी प्रकार के न्यायिक कार्यों से दूर रहने का निर्देश जारी किया था जिसके चलते सीबीआई की विशेष अदालत से जमानत बांड भरने और लालू की रिहाई के आदेश निर्गत करने आदि की कार्यवाही पूरी नहीं की जा सकी थी।

लालू प्रसाद यादव 23 दिसंबर, 2017 को देवघर कोषागार से लगभग 89 लाख रुपये की राशि के गबन के आरोप में यहां सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा दोषी ठहराये जाने के बाद से जेल में थे।

चारा घोटाले के अन्य तीन मामलों में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है।

झारखंड उच्च न्यायालय में सत्रह अप्रैल को सीबीआई की ओर से केन्द्र सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता राजीव सिन्हा ने लालू यादव को फिलहाल जमानत देने का यह कह कर विरोध किया था कि दुमका कोषागार मामले में लालू को सीबीआई की अदालत ने कुल चैदह वर्ष की जेल की सजा सुनायी है लिहाजा जमानत के लिए आधी सजा पूरी करने का आधार तभी माना जायेगा जब लालू इस मामले में न्यायिक हिरासत में सात वर्ष की अवधि पूरी कर लेंगे।

लेकिन लालू के लिए दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सीबीआई की इस दलील का विरोध किया और कहा कि 19 फरवरी को लालू यादव की इस मामले में दाखिल पहली जमानत याचिका को खारिज करते हुए उच्च न्यायालय ने स्वयं माना था कि लालू को जमानत देने के लिए सिर्फ एक माह, 17 दिनों की न्यायिक हिरासत की अवधि और पूरी करनी है।

सिब्बल ने कहा कि लालू ने दुमका मामले में तय सात वर्ष की कैद की सजा की आधी अवधि छह अप्रैल को ही पूरी कर ली है।

न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह ने भी इस मामले में सीबीआई की दलील को खारिज कर दिया था और कहा था कि लालू को इस मामले में सीबीआई अदालत से भारतीय दंड संहिता के तहत मिली सात वर्ष की कैद की सजा एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मिली सात वर्ष की कैद की सजा एक साथ भुगतनी है अथवा एक के बाद एक भुगतनी है, इस मुद्दे पर अपील पर सुनवाई के दौरान बहस की जा सकेगी।

पीठ ने यह भी कहा था कि 19 फरवरी के न्यायालय के आदेश को सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती भी नहीं दी है लिहाजा अब तक की परंपरा के अनुसार चारा घोटाले के किसी मामले में सजा की आधी अवधि न्यायिक हिरासत में पूरी कर लेने के चलते लालू को दुमका कोषागार से गबन के मामले में जमानत दी जाती है। न्यायालय ने जमानत देने के आदेश में लालू की 73 वर्ष की उम्र एवं बीमारियों का भी जिक्र किया।

न्यायालय ने लालू यादव को जमानत के लिए दुमका मामले में जुर्माने की साठ लाख रुपये की राशि में से दस लाख रुपये की रकम निचली अदालत में जमा करवाने और एक-एक लाख रुपये के दो निजी मुचलके देने के भी निर्देश दिये थे।

लालू यादव के खिलाफ डोरंडा कोषागार से गबन के एक अन्य मामले में अभी सीबीआई की विशेष अदालत में रांची में बहस जारी है और इस मामले में फैसला आना अभी बाकी है।

LALU YADAV
chara ghotala

Related Stories

चारा घोटाला: झारखंड उच्च न्यायालय ने लालू यादव को डोरंडा कोषागार मामले में ज़मानत दी

चारा घोटाला : डोरंडा कोषागार गबन मामले में दोषी लालू प्रसाद यादव को पांच साल कैद की सज़ा

चारा घोटाला: सीबीआई अदालत ने डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद को दोषी ठहराया

बिहार में जातीय जनगणना का मुद्दा बीजेपी की परेशानी क्यों बना हुआ है?

‘महारानी’ : राजनीति में संतुलन का खेल!

जेल से बाहर आए लालू यादव ने ऑनलाइन बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत की

बिहार चुनाव: आर्थिक मुद्दे उठाने से महागठबंधन का बढ़ता असर

राम मन्दिर बनेगा, मगर इन्साफ कब ?

पटना दूध मंडी प्रदर्शन : प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद प्रदर्शन ख़त्म

लालू यादव को चारा घोटाले के देवघर मामले में जमानत


बाकी खबरें

  • poonam
    सरोजिनी बिष्ट
    यूपी पुलिस की पिटाई की शिकार ‘आशा’ पूनम पांडे की कहानी
    16 Nov 2021
    आख़िर पूनम ने ऐसा क्या अपराध कर दिया था कि पुलिस ने न केवल उन्हें इतनी बेहरमी से पीटा, बल्कि उनपर मुकदमा भी दर्ज कर दिया।
  • UP
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी : जनता बदलाव का मन बना चुकी, बनावटी भीड़ और मेगा-इवेंट अब उसे बदल नहीं पाएंगे
    16 Nov 2021
    उत्तर-प्रदेश में चुनाव की हलचल तेज होती जा रही है। पिछले 15 दिन के अंदर यूपी में मोदी-शाह के आधे दर्जन कार्यक्रम हो चुके हैं। आज 16 नवम्बर को प्रधानमंत्री पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन करने…
  • Ramraj government's indifference towards farmers
    ओंकार सिंह
    लड़ाई अंधेरे से, लेकिन उजाला से वास्ता नहीं: रामराज वाली सरकार की किसानों के प्रति उदासीनता
    16 Nov 2021
    इस रामराज में अंधियारे और उजाले के मायने बहुत साफ हैं। उजाला मतलब हुक्मरानों और रईसों के हिस्से की चीज। अंधेरा मतलब महंगे तेल, राशन-सब्जी और ईंधन के लिए बिलबिलाते आम किसान-मजदूर के हिस्से की चीज।   
  • दित्सा भट्टाचार्य
    एबीवीपी सदस्यों के कथित हमले के ख़िलाफ़ जेएनयू छात्रों ने निकाली विरोध रैली
    16 Nov 2021
    जेएनयूएसयू सदस्यों का कहना है कि एक संगठन द्वारा रीडिंग सत्र आयोजित करने के लिए बुक किए गए यूनियन रूम पर एबीवीपी के सदस्यों ने क़ब्ज़ा कर लिया था। एबीवीपी सदस्यों पर यह भी आरोप है कि उन्होंने कार्यक्रम…
  • Amid rising tide of labor actions, Starbucks workers set to vote on unionizing
    मोनिका क्रूज़
    श्रमिकों के तीव्र होते संघर्ष के बीच स्टारबक्स के कर्मचारी यूनियन बनाने को लेकर मतदान करेंगे
    16 Nov 2021
    न्यूयॉर्क में स्टारबक्स के कामगार इस कंपनी के कॉर्पोरेट-स्वामित्व वाले स्टोर में संभावित रूप से  बनने वाले पहले यूनियन के लिए वोट करेंगे। कामगारों ने न्यूयॉर्क के ऊपर के तीन और स्टोरों में यूनियन का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License