NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
एविक्शन मोरेटोरियम पारित करने में कांग्रेस की विफलता के बाद अमेरिका में नाराज़गी
प्रगतिशील लोगों का कहना है कि कांग्रेस ये क़ानून पारित करने में विफल रहा क्योंकि बाइडेन प्रशासन अंतिम समय तक कांग्रेस को सूचित करने में विफल रहा।
पीपल्स डिस्पैच
02 Aug 2021
एविक्शन मोरेटोरियम पारित करने में कांग्रेस की विफलता के बाद अमेरिका में नाराज़गी

कांग्रेस में शुक्रवार 30 जुलाई को फेडरल एविक्शन मोरेटोरियम के विस्तार को लेकर अतिआवश्यक कानून पारित न होने के चलते अमेरिका भर में नाराजगी फैल गई। ये मोरेटोरियम जो पिछले 11 महीने से अधिक समय से सदन में था वह 31 जुलाई को समाप्त हो गया। इसने देश भर में लाखों लोगों को बेदखली के खतरे में डाल दिया। शुक्रवार को विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी ने सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रयास को सर्वसम्मति से 18 अक्टूबर तक मोरेटोरियम पारित करने को ब्लॉक कर दिया।

समय पर इस कानून के पारित ने होने से न केवल हाउसिंग राइट्स एक्टिविस्ट की ओर से बल्कि डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर प्रगतिशील लोगों से भी सख्त प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। उधर प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने रिपब्लिकन पर इस कानून को रोकने का आरोप लगाते हुए उसे "पूर्णतः क्रूरता वाला कार्य" बताया है, वहीं प्रगतिशील वर्गों ने राष्ट्रपति जो बाइडेन प्रशासन और पार्टी के कांग्रेस नेतृत्व को समय पर कार्य करने में विफल रहने के लिए दोषी ठहराया।

अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज़ और कोरी बुश जैसे डेमोक्रेटिक सदस्यों ने इस मोरेटोरियम का विस्तार करने के लिए एक विधायी उपाय की मांग करने के लिए पिछले हफ्ते गुरुवार तक इंतजार करने के लिए बाइडेन प्रशासन पर आरोप लगाया है। बाइडेन प्रशासन ने पिछले हफ्ते कहा था कि जून में भूस्वामियों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कारण वह सेंटर फॉर डीजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (सीडीसी) का विस्तार करने में असमर्थ था।

एविक्शन बैन को विस्तार करने में कांग्रेस की विफलता के विरोध में कांग्रेस सदस्य कोरी बुश ने शुक्रवार को रात भर जगी रहीं। बुश को कांग्रेस की सदस्य बनने से पहले बेघर होने का सामना करना पड़ा था और वर्ष के अंत तक प्रतिबंध को जारी रखने की मांग करने वाली सबसे प्रमुख आवाज़ों में से एक रही हैं।

अनुमान के मुताबिक, विलंबित किराया भुगतान के चलते अमेरिका भर में कम से कम 3.6 मिलियन किरायेदारों पर अगले दो महीनों में एविक्शन का जोखिम है। COVID-19 महामारी और इसके परिणामों के चलते 6.5 मिलियन से अधिक परिवारों में 15 मिलियन से अधिक किरायेदार भी कथित तौर पर अपना किराया देने में पीछे रहे हैं। एविक्शन मोरेटोरियम ऐसे समय में समाप्त हुआ है जब राज्य सरकारों द्वारा COVID-19 राहत उपायों को वापस लिया जा रहा है, जिससे लाखों लोग अधर में हैं।

America
Congress
Federal Aviation Moratorium
Democratic Party

Related Stories

हार्दिक पटेल भाजपा में शामिल, कहा प्रधानमंत्री का छोटा सिपाही बनकर काम करूंगा

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!

ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी को धन शोधन के मामले में तलब किया

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

कांग्रेस के चिंतन शिविर का क्या असर रहा? 3 मुख्य नेताओं ने छोड़ा पार्टी का साथ

‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप


बाकी खबरें

  • अनिल सिन्हा
    उत्तर प्रदेशः हम क्यों नहीं देख पा रहे हैं जनमत के अपहरण को!
    12 Mar 2022
    हालात के समग्र विश्लेषण की जगह सरलीकरण का सहारा लेकर हम उत्तर प्रदेश में 2024 के पूर्वाभ्यास को नहीं समझ सकते हैं।
  • uttarakhand
    एम.ओबैद
    उत्तराखंडः 5 सीटें ऐसी जिन पर 1 हज़ार से कम वोटों से हुई हार-जीत
    12 Mar 2022
    प्रदेश की पांच ऐसी सीटें हैं जहां एक हज़ार से कम वोटों के अंतर से प्रत्याशियों की जीत-हार का फ़ैसला हुआ। आइए जानते हैं कि कौन सी हैं ये सीटें—
  • ITI
    सौरव कुमार
    बेंगलुरु: बर्ख़ास्तगी के विरोध में ITI कर्मचारियों का धरना जारी, 100 दिन पार 
    12 Mar 2022
    एक फैक्ट-फाइंडिंग पैनल के मुतबिक, पहली कोविड-19 लहर के बाद ही आईटीआई ने ठेके पर कार्यरत श्रमिकों को ‘कुशल’ से ‘अकुशल’ की श्रेणी में पदावनत कर दिया था।
  • Caste in UP elections
    अजय कुमार
    CSDS पोस्ट पोल सर्वे: भाजपा का जातिगत गठबंधन समाजवादी पार्टी से ज़्यादा कामयाब
    12 Mar 2022
    सीएसडीएस के उत्तर प्रदेश के सर्वे के मुताबिक भाजपा और भाजपा के सहयोगी दलों ने यादव और मुस्लिमों को छोड़कर प्रदेश की तकरीबन हर जाति से अच्छा खासा वोट हासिल किया है।
  • app based wokers
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: डिलीवरी बॉयज का शोषण करती ऐप कंपनियां, सरकारी हस्तक्षेप की ज़रूरत 
    12 Mar 2022
    "हम चाहते हैं कि हमारे वास्तविक नियोक्ता, फ्लिपकार्ट या ई-कार्ट हमें नियुक्ति पत्र दें और हर महीने के लिए हमारा एक निश्चित भुगतान तय किया जाए। सरकार ने जैसा ओला और उबर के मामले में हस्तक्षेप किया,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License