NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अहमदाबाद में 46 फीसदी से अधिक इमारतों के पास नहीं है अग्नि सुरक्षा एनओसी: नगर निकाय
हलफनामे के अनुसार, 2,425 स्कूलों में से 1,353 के पास कोई वैध अग्नि सुरक्षा एनओसी नहीं है जबकि 3,165 आवासीय भवनों में से 1,876 भवनों, 1,344 आवासीय-सह-वाणिज्यिक संस्थानों में से 663, और 1,268 वाणिज्यिक संरचनाओं में से 443 के पास कोई अग्नि सुरक्षा एनओसी नहीं है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Jun 2021
अहमदाबाद में 46 फीसदी से अधिक इमारतों के पास नहीं है अग्नि सुरक्षा एनओसी: नगर निकाय
Image courtesy : TOI

शहर के नगर निकाय ने बुधवार को गुजरात उच्च न्यायालय को बताया कि अहमदाबाद शहर में 46 प्रतिशत से अधिक इमारतों के पास वैध अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं है।ये सिर्फ़ एक शहर का मामला नहीं है बल्कि यह बात राज्य में आम हो गई है।  इससे पहले गुजरात उच्च न्यायालय ने भरूच के अस्पताल में हुई आग लगने की घटना के संबंध में सरकारी अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराए जाने के अनुरोध वाली याचिका पर   राज्य सरकार से जवाब तलब किया।  गुजरात में कोविड-19 महामारी के हालात को लेकर दायर जनहित याचिका पर जारी सुनवाई के दौरान यह मामला सामने आया जिसका अदालत ने स्वत: संज्ञान लिया। याचिका में दावा किया गया कि एक मई को भरूच के जिस अस्पताल में आग लगी, उसके पास शहर के अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) नहीं था। इस घटना में कोविड-19 के 16 मरीजों और दो नर्स की मौत हो गई थी।

अभी अहमदबाद की जो रिपोर्ट है उसके मुताबिक़ अस्पतालों, स्कूलों, आवासीय और आवासीय-सह-वाणिज्यिक इकाइयों, मॉल, मल्टीप्लेक्स, थिएटरों को इसके लिए निर्धारित मानदंडों के अनुपालन के बाद स्थानीय अधिकारियों से अग्नि सुरक्षा एनओसी की आवश्यकता होती है।

न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी और न्यायमूर्ति भार्गव डी करिया की अदालत में दाखिल एक हलफनामे में, अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने कहा कि ऐसी 10,329 इमारतों में से, 4,784 या 46.3 प्रतिशत, वैध अग्नि सुरक्षा एनओसी के बिना हैं। इसमें कहा गया है कि शहर के 1,852 अस्पतालों और क्लीनिकों में से 374 के पास कोई अग्नि सुरक्षा एनओसी नहीं है, जिसे अग्नि सुरक्षा प्रणाली के लिए निर्धारित मानदंडों को पूरा करने के बाद सक्षम अधिकारियों से प्राप्त करना होता है।

हलफनामे के अनुसार, 2,425 स्कूलों में से 1,353 के पास कोई वैध अग्नि सुरक्षा एनओसी नहीं है जबकि 3,165 आवासीय भवनों में से 1,876 भवनों, 1,344 आवासीय-सह-वाणिज्यिक संस्थानों में से 663, और 1,268 वाणिज्यिक संरचनाओं में से 443 के पास कोई अग्नि सुरक्षा एनओसी नहीं है।

इस बीच, राजकोट शहर के नगर निकाय ने कहा कि 268 अस्पतालों और क्लीनिकों में से 244 के पास वैध अग्नि सुरक्षा एनओसी नहीं है।

अधिवक्ता अमित पांचाल द्वारा अग्नि सुरक्षा मुद्दे पर एक जनहित याचिका दाखिल की गई है जिस पर 11 जून को सुनवाई होगी।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

Gujrat
ahmedabad
AMC
Amdavad Municipal Corporation

Related Stories

दक्षिणी गुजरात में सिंचाई परियोजना के लिए आदिवासियों का विस्थापन

मेवानी की सज़ा पर कांग्रेस ने पूछा, क्या गुजरात में दलितों के मुद्दे उठाना अपराध है?

ख़बरों के आगे-पीछे: गुजरात में मोदी के चुनावी प्रचार से लेकर यूपी में मायावती-भाजपा की दोस्ती पर..

मैंने क्यों साबरमती आश्रम को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की है?

क़ानून और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद बिना सुरक्षा उपकरण के सीवर में उतारे जा रहे सफाईकर्मी

गुजरात : दवाई बनाने वाली कंपनी में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा, चपेट में आए आसपास घर बनाकर रह रहे श्रमिक

गुजरात में तीन लोगों के पास से 313 करोड़ रुपये मूल्य की मादक पदार्थ जब्त

गुजरात मछुआरा गोलीबारी: 10 पाकिस्तानी नौवहन सुरक्षाकर्मियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

गुजरात में किसानों की करंट लगने से मौत

गुजरातः ‘हिंदुत्व की प्रयोगशाला’ बचाने में जुटे हैं मोदी-आरएसएस 


बाकी खबरें

  • up
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः पुरानी तस्वीरों को यूपी के विकास के प्रमाण के तौर पर पेश कर रही भाजपा
    27 Dec 2021
    भाजपा उत्तर प्रदेश के वीडियो में काफ़ी ऐसी तस्वीरें इस्तेमाल की गई हैं जो या तो अन्य राज्यों की हैं या फिर भाजपा के शासनकाल से पहले की हैं।
  • Mirza Ghalib
    सत्यम् तिवारी
    आह ग़ालिब, वाह ग़ालिब: हम ने ये माना कि दिल्ली में रहें, खावेंगे क्या?
    27 Dec 2021
    ग़ालिब के ख़ुतूत को देखें तो 1857 के ग़दर के बाद 1859 से जो भी लिखा गया, उसके इख्तिताम पर लिखा होता, 'नजात का तालिब, ग़ालिब…’
  • Periyar
    बी. सिवरामन
    समकालीन दौर में पेरियार की प्रासंगिकता
    27 Dec 2021
    पेरियार ईवी रामासामी सिर्फ एक तमिल नेता नहीं थे और उन्हें ब्राह्मण-विरोधी जाति की राजनीति के नेता नहीं माना जा सकता है। बल्कि, वर्ण-जाति व्यवस्था के हिंदू जाति-सामंतवाद के ख़िलाफ़ एक अग्रणी सेनानी के…
  • River
    भारत डोगरा
    केन-बेतवा लिंकिंग परियोजना केवल प्रतिष्ठा से है जुड़ी, इसमें जल संकट का समाधान नहीं
    27 Dec 2021
    केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना की भारी आर्थिक लागत और पारिस्थितिक नुकसान को देखते हुए इससे मिलने वाले लाभ संदिग्ध हैं। इसलिए यह परियोजना उचित नहीं है।
  • bihar
    राहुल कुमार गौरव
    पीएम के 'मन की बात' में शामिल जैविक ग्राम में खाद की कमी से गेहूं की बुआई न के बराबर
    27 Dec 2021
    बिहार के जिस जैविक ग्राम को पीएम मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम में 29 अगस्त को शामिल किया गया था वहां जैविक खाद तो दूर डीएपी की भी भारी किल्लत है जिसके चलते अब तक यहां 80% क्षेत्रों में गेहूं की बुआई…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License