NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
चाको ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया, केरल इकाई में गुटबाजी का आरोप लगाया
पिछले एक साल के भीतर ज्योतिरादित्य सिंधिया के बाद चाको ऐसे दूसरे वरिष्ठ नेता हैं जिन्होंने पार्टी छोड़ी है। चाको कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य रहे हैं।
भाषा
11 Mar 2021
P. C. Chacko

नयी दिल्ली/कोच्चि : केरल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बुधवार को कांग्रेस को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब उसके वरिष्ठ नेता पी सी चाको ने पार्टी छोड़ने की घोषणा की और आरोप लगाया कि चुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवार तय करने में गुटबाजी हावी रही।

पिछले एक साल के भीतर ज्योतिरादित्य सिंधिया के बाद चाको ऐसे दूसरे वरिष्ठ नेता हैं जिन्होंने पार्टी छोड़ी है। चाको कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य रहे हैं।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह से टकराव के बीच सिंधिया पिछले साल मार्च में भाजपा में शामिल हो गए थे। सिंधिया खेमे के 20 से अधिक विधायकों ने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया था, जिसके बाद कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिर गई थी।

कांग्रेस में ‘ग्रुप 23’ से जुड़े विवाद की पृष्ठभूमि में चाको ने यह आरोप भी लगाया कि पिछले दो वर्षों से पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व सक्रिय नहीं है।

उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफे की घोषणा की, लेकिन भविष्य के अपने कदम के बारे में कुछ नहीं बताया। हालांकि चाको ने भाजपा को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि वह केरल में कोई ‘राजनीतिक फैक्टर’ नहीं है।

चाको ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को अपना इस्तीफा भेज दिया है।

चाको ने यह भी बताया कि वह पार्टी छोड़ने के बारे में कई दिनों से विचार कर रहे थे।

उन्होंने दावा किया, ‘‘कांग्रेस में कोई लोकतंत्र नहीं बचा है। उम्मीदवारों की सूची के बारे में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के साथ कोई चर्चा नहीं की गई।’’

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि केरल में छह अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवारों का चयन दो समूहों ने अलोकतांत्रिक तरीके से किया। इसमें एक ‘ए’ समूह का नेतृत्व ओमन चांडी और ‘आई’ समूह का नेतृत्व रमेश चेन्नीथला कर रहे हैं।

चाको ने कहा कि दोनों समूह दिवंगत नेता के करूणाकरन और वरिष्ठ नेता ए के एंटनी के समय से ही सक्रिय हैं। ‘ए’ समूह का नेतृत्व एंटनी करते थे और ‘आई’ समूह का नेतृत्व करूणाकरन करते थे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस में राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा कोई नहीं है जो पार्टी का नेतृत्व संभाल सके और ऐसे में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रही सोनिया गांधी ने जिम्मेदारी ली।

चाको ने कहा कि कांग्रेस कार्य समिति ने एकमत से राहुल गांधी से आग्रह किया कि वह पार्टी के अध्यक्ष फिर से बनें, लेकिन वह तैयार नहीं हुए।

केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने चाको के इस कदम पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने उन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि दिल्ली में प्रभारी रहते हुए गुटबाजी को बढ़ावा देने वाले व्यक्ति ने पार्टी से जाने में बहुत देर कर दी।

उन्होंने चाको के बयान को लेकर ट्वीट किया, ‘‘ यह बात वह व्यक्ति कहता है जिसने दिल्ली में गुटबाजी को सक्रियता के साथ प्रोत्साहित किया और बढ़ावा दिया। बहुत देर कर दी हुजूर जाते जाते।’’

उल्लेखनीय है कि पिछले साल हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय चाको कांग्रेस के दिल्ली प्रभारी थे। उस चुनाव में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल सका था और ज्यादातर सीटों पर पार्टी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। इस चुनाव के बाद ही चाको ने प्रभारी पद से इस्तीफा दे दिया था।

P. C. Chacko
Congress
Kerala
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • पब्लिक का पैसा, सेठों के हाथ
    न्यूज़क्लिक टीम
    पब्लिक का पैसा, सेठों के हाथ
    16 Jul 2021
    पिछले दो दशकों में कई कंपनियों ने सरकारी बैंकों से करोड़ों रूपये का क़र्ज़ लिया और उसे कभी लौटाया नहींI अब सरकारी बैंक कुछ पैसा वापस लेकर इस कर्ज़े को रफादफा कर रहे हैंI इससे जनता का पैसा बड़े…
  • सरकार बनाने में विफल रहने के बाद लेबनान के नवनियुक्त प्रधानमंत्री हरीरी का इस्तीफ़ा
    पीपल्स डिस्पैच
    सरकार बनाने में विफल रहने के बाद लेबनान के नवनियुक्त प्रधानमंत्री हरीरी का इस्तीफ़ा
    16 Jul 2021
    केवल सात महीने सत्ता में रहे प्रधानमंत्री हसन दिआब द्वारा बेरूत विस्फोटों के बाद अपने पद से इस्तीफ़ा देने के बाद लेबनान में पिछले साल अगस्त से कार्यवाहक सरकार थी।
  • "दिल्ली 2041 के लिए डीडीए का मास्टर प्लान कामगार वर्ग की समस्याओं का समाधान करने में नाकाम"
    रौनक छाबड़ा
    "दिल्ली 2041 के लिए डीडीए का मास्टर प्लान कामगार वर्ग की समस्याओं का समाधान करने में नाकाम"
    16 Jul 2021
    गुरुवार को 'मैं भी दिल्ली' कैंपेन ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस बुलाकर दिल्ली-2041 के मसौदे पर चर्चा की। यह एक क़ानूनी दस्तावेज़ है, जिसके पास दिल्ली में शहरी विकास को बदलने की ताक़त है।
  • इंटरकल्चरल एजुकेशन लॉ लागू करने की मांग को लेकर इक्वाडोर के शिक्षक भूख हड़ताल पर
    पीपल्स डिस्पैच
    इंटरकल्चरल एजुकेशन लॉ लागू करने की मांग को लेकर इक्वाडोर के शिक्षक भूख हड़ताल पर
    16 Jul 2021
    इस क़ानून में शिक्षा क्षेत्र के लिए बजट में वृद्धि का प्रावधान है, ये समावेशी और गुणवत्तापूर्ण सरकारी शिक्षा की गारंटी देता है, शिक्षकों के मूल वेतन में वृद्धि करता है। इसमें कोविड-19 महामारी के कारण…
  • अल्जीरिया में 100 से अधिक हिरक प्रदर्शनकारी रिहा
    पीपल्स डिस्पैच
    अल्जीरिया में 100 से अधिक हिरक प्रदर्शनकारी रिहा
    16 Jul 2021
    इस सामूहिक रिहाई से पहले, सरकार विरोधी हिरक विरोध प्रदर्शनों या अन्य विपक्षी समूहों में समर्थन या भाग लेने के लिए अल्जीरियाई सरकार द्वारा 300 से अधिक राजनीतिक क़ैदियों को हिरासत में लिया गया था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License