NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फ़िलिस्तीनी पीपल्स पार्टी फ़िलिस्तीनी सरकार से हटी
वामपंथी पार्टी ने अपने फ़ैसले के बावजूद सरकार से इस्तीफ़ा देने से इनकार करने के बाद पीए श्रम मंत्री नारी अबू जैश को अपनी सदस्यता से भी निष्कासित कर दिया।
पीपल्स डिस्पैच
14 Jul 2021
फ़िलिस्तीनी पीपल्स पार्टी फ़िलिस्तीनी सरकार से हटी

पैलेस्टिनियन पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की केंद्रीय समिति ने 13 जुलाई को पुष्टि की कि उसने पैलेसटिनियन अथॉरिटी के श्रम मंत्री नासरी अबू जैश को अपनी प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है और यह अब मोहम्मद शतायेह के नेतृत्व वाली पीए सरकार का हिस्सा नहीं है। पीपीपी केंद्रीय समिति ने एक बयान जारी कर कहा कि इसका "अब किसी भी रूप में या सरकार में किसी के द्वारा प्रतिनिधित्व नहीं किया जाता है"।

नासरी अबू जैश के निष्कासन पीए सरकार से हटने के अपने 27 जून के फैसले में ऐसा करने के लिए कहने के बावजूद पीए में मंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया। 24 जून को पीए अथॉरिटी द्वारा गिरफ्तारी के तुरंत बाद एक्टिविस्ट निजार बनात की मौत के बाद पीपीपी ने पीए से हटने का फैसला किया था।

बनात की हिरासत में मौत के बाद पीए सरकार के खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन किए गए। उन प्रदर्शनों को रोकने के लिए पीए सरकार ने बल प्रयोग किया था। पीपीपी ने मांग की थी कि प्रधानमंत्री मोहम्मद शतायेह के नेतृत्व वाली पीए सरकार को अपनी सरकार के अधीन बनात की मौत और स्वतंत्रता की कमी की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।

5 जुलाई की अपनी बैठक में केंद्रीय समिति ने वापस लेने के निर्णय की पुष्टि की थी और नासरी अबू जैश को अपने पद से इस्तीफा देने के लिए कहा था। हालांकि रविवार 10 जुलाई को नासरी ने यह दावा करते हुए सरकार के साथ रहने के अपने इरादे की घोषणा की थी कि प्रधानमंत्री शतायेह ने दो बार उनका इस्तीफा स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। नासरी के पीए सरकार से हटने से इनकार करने के बाद पीपीपी के महासचिव बासम सल्ही ने फिर दोहराया था कि "नासरी अबू जैश अब पार्टी का सदस्य नहीं है और हम सरकार से बाहर होने के लिए प्रतिबद्ध हैं"।

बयान में पीपीपी ने जोर देकर कहा कि बनात की मौत की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और उनकी हत्या के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

1922 में गठित पैलेस्टिनियन कम्युनिस्ट पार्टी फिलिस्तीन की सबसे पुरानी पार्टियों में से एक है। 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद इसका नाम बदलकर पीपीपी कर दिया गया। यह 1987 से पैलेस्टिनियन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (पीएलओ) का सदस्य रहा है। पीपीपी ओस्लो समझौते के बाद 1994 में अपने गठन के बाद से पीए का हिस्सा रहा है।

Palestine
palestinian peoples party
Palestinian Authority
nasri abu jaesh

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

इज़राइल, फ़लस्तीन के बीच नए सिरे से हिंसा भड़कने की आशंका : संयुक्त राष्ट्र दूत

फ़िलिस्तीनी प्रशासनिक बंदी लोय अल-अश्क़र ने रिहाई पर हुए समझौते के बाद भूख हड़ताल ख़त्म की

फ़िलिस्तीनियों के खिलाफ़ नई बसाहटों वाले इज़रायलियों द्वारा 451 हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया गया


बाकी खबरें

  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    महंगाई पर देखिये: कैसे "सीएम मोदी" ने "पीएम मोदी" की पोल खोली !
    15 Apr 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के आज के एपिसोड में अभिसार शर्मा तुलना करेंगे नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री कार्यकाल में महंगाई क मुद्दे पर कैसे केंद्रीय सरकार पर सवाल उठाते थे, औऱ आज प्रधानमंत्री होने पर…
  • अनिल अंशुमन
    बिहार: 6 दलित बच्चियों के ज़हर खाने का मुद्दा ऐपवा ने उठाया, अंबेडकर जयंती पर राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया
    15 Apr 2022
    संगठन ने रफीगंज में 6 दालित बच्चियों के ज़हर खाने के मामले में पीड़ित परिजनों को पूरा इंसाफ दिलाने के संघर्ष को और भी व्यापक बनाने तथा असली मुजरिमों को सज़ा दिलाने का संकल्प लिया।
  • अखिलेश अखिल
    लोकतंत्र के सवाल: जनता के कितने नज़दीक हैं हमारे सांसद और विधायक?
    15 Apr 2022
    देश की आबादी लगातार बढ़ती गई लेकिन आबादी के मुताबिक संसद और विधान सभाओं की सीटें नहीं बढ़ीं। इसका असर ये हुआ कि ऐसा तंत्र बन गया है जिसमें चुनाव तो होते हैं लेकिन नेताओं की जनता से दूरी बढ़ती जाती है।
  • रवि शंकर दुबे
    नफ़रत के बीच इप्टा के ‘’ढाई आखर प्रेम के’’
    15 Apr 2022
    देश में एक-दूसरे के प्रति फैलाई जा रही नफ़रत को इप्टा ने कला के माध्यम से मिटाने की मुहिम चलाई है। इप्टा की ‘’ढाई आखर प्रेम की यात्रा’’ में लोगों को खासकर युवाओं को जागरूक किया जा रहा है।  
  • अनिल जैन
    पड़ताल: मध्य प्रदेश में सांप्रदायिक दंगों के जरिए चुनावी तैयारी में जुटी है भाजपा
    15 Apr 2022
    मालवा निमाड़ के इलाके में जो घटनाएं घटी हैं, वे आकस्मिक नहीं हैं। जिस पैटर्न पर देश के विभिन्न हिस्सों में पिछले एक पखवाड़े से सांप्रदायिक टकराव का माहौल बनाया जा रहा था, वैसा ही सब कुछ इस इलाके में भी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License