NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
1300 से अधिक फ़िलिस्तीनी क़ैदी इज़रायली जेलों में दुर्व्यवहार के विरोध में भूख हड़ताल करेंगे
इस महीने की शुरुआत में गिल्बोआ जेल से क़ैदियों के भागने के बाद से इज़रायली जेलों के अंदर फ़िलिस्तीनी क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार में वृद्धि हुई है।
पीपल्स डिस्पैच
15 Sep 2021
1300 से अधिक फ़िलिस्तीनी क़ैदी इज़रायली जेलों में दुर्व्यवहार के विरोध में भूख हड़ताल करेंगे

6 सितंबर को गिल्बोआ जेल से छह कैदियों के भागने के बाद इजरायल की जेलों और हिरासत केंद्रों के अंदर बढ़ी क्रूरता और दमन का विरोध करने के लिए सैकड़ों की संख्या में फिलिस्तीनी कैदी शुक्रवार 17 सितंबर को सामूहिक भूख हड़ताल शुरू करेंगे। पैलेस्टिनियन प्रीजर्स मूवमेंट ने इसकी घोषणा की है।

सभी फिलिस्तीनी गुटों ने इजरायल के कब्जे के विरोध में सभी कैदियों को एकजुट करने के लिए अपने विभिन्न नियामक निकायों को भंग करने पर सहमति जाहिर की है। इन कैदियों ने इजरायली जेल अधिकारियों से मांग रखी है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं तब तक वे 'दे बेटल ऑफ डिफेंडिंग द राइट' के बैनर तले अपनी सामूहिक भूख हड़ताल जारी रखेंगे और बाद में इस भूख हड़ताल में बारी बारी से समूह में शामिल होंगे।

प्रीजनर्स मूवमेंट के अनुसार, गिल्बोओ जेल के 100 कैदियों सहित इजरायल और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में विभिन्न इजरायली जेलों के 1,380 कैदी इस शुक्रवार को भूख हड़ताल शुरू करेंगे। अगले सप्ताह 21 सितंबर मंगलवार से शुरू होने वाली समूह में और कैदी इस हड़ताल में शामिल होंगे। बेहद लोकप्रिय और जाने-माने फिलीस्तीनी नेता मारवन बरघौती सहित लगभग 100 वरिष्ठ कैदी भी हड़ताल में भाग लेंगे।

कैदियों की विभिन्न मांगों में फिलिस्तीनी कैदियों के दमन और दुर्व्यवहार की इजरायल की नीति को फौरन समाप्त करना, एक जेल से दूसरी जेल में मनमाने स्थानान्तरण को रोकना, उन पर लगाए गए प्रतिबंधों और कठोर दंड को पलटना, एकांत कारावास या अलग थलग रखे गए कैदियों को सामान्य सेक्शन में वापस लाना और हिरासत की शर्तों को 5 सितंबर से पहले की स्थिति में बहाल करना शामिल है। अन्य मांगें जो इसी तरह से महत्वपूर्ण हैं उनमें प्रशासनिक हिरासत की नीति को समाप्त करना और अनुचित रूप से उनकी हिरासत को समाप्त करना, परिवार से मिलने की अनुमति देना, जेलों में सरकारी टेलीफोन लगाना, कैदियों को अपनी जरूरत की चीजें जैसे कि भोजन, कपड़े आदि खरीदने की अनुमति देना शामिल है।

इस बीच, इज़रायली सुरक्षा बलों द्वारा फिर से पकड़े गए छह में से चार कैदियों को पिछले हफ्ते नजारथ की एक अदालत ने नौ दिनों के लिए एक्सटेंडेड रिमांड पर भेज दिया। फिर से उनकी गिरफ्तारी के बाद इन कैदियों को बेरहमी से पीटा गया और प्रताड़ित किया गया और बाद में उनमें से एक कैदी ज़कारिया जुबैदी को इलाज के लिए अस्पताल में भेजना पड़ा और अभी वह आईसीयू में है।

Israel
Palestine
prisoners
hunger strike
torture
Jain
security forces

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

क्या पेगासस जासूसी सॉफ्टवेयर के लिए भारत की संप्रभुता को गिरवी रख दिया गया है?


बाकी खबरें

  • punjab
    भाषा सिंह
    पंजाब चुनावः परदे के पीछे के खेल पर चर्चा
    19 Feb 2022
    पंजाब में जिस तरह से चुनावी लड़ाई फंसी है वह अपने-आप में कई ज़ाहिर और गुप्त समझौतों की आशंका को बलवती कर रही है। पंजाब विधानसभा चुनावों में इतने दांव चले जाएंगे, इसका अंदाजा—कॉरपोरेट मीडिया घरानों…
  • Biden and Boris
    जॉन पिलगर
    युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?
    19 Feb 2022
    हाल के हफ्तों और महीनों में युद्ध उन्माद का ज्वार जिस तरह से उठा है वह इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है
  • youth
    असद रिज़वी
    भाजपा से क्यों नाराज़ हैं छात्र-नौजवान? क्या चाहते हैं उत्तर प्रदेश के युवा
    19 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के नौजवान संगठनों का कहना है कि भाजपा ने उनसे नौकरियों के वादे पर वोट लिया और सरकार बनने के बाद, उनको रोज़गार का सवाल करने पर लाठियों से मारा गया। 
  • Bahubali in UP politics
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: सियासी दलों के लिए क्यों ज़रूरी हो गए हैं बाहुबली और माफ़िया?
    19 Feb 2022
    चुनाव में माफ़िया और बाहुबलियों की अहमियत इसलिए ज्यादा होती है कि वो वोट देने और वोट न देने,  दोनों चीज़ों के लिए पैसा बंटवाते हैं। इनका सीधा सा फंडा होता है कि आप घर पर ही उनसे पैसे ले लीजिए और…
  • Lingering Colonial Legacies
    क्लेयर रॉथ
    साम्राज्यवादी विरासत अब भी मौजूद: त्वचा के अध्ययन का श्वेतवादी चरित्र बरकरार
    19 Feb 2022
    त्वचा रोग विज्ञान की किताबों में नस्लीय प्रतिनिधित्व की ऐतिहासिक कमी ना केवल श्वेत बहुल देशों में है, बल्कि यह पूरी दुनिया में मौजूद है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License