NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फ़िलिस्तीनी सुरक्षा बलों की छापेमारी में फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण के जाने-माने आलोचक की मौत
इनकी मौत की ख़बर के बाद हज़ारों फ़िलिस्तीनियों ने रामल्ला में प्रदर्शन किया क्योंकि परिवार ने अधिकारियों पर सबूतों से छेड़छाड़ करने के लिए बनात का शव न देने का आरोप लगाया।
पीपल्स डिस्पैच
25 Jun 2021
फ़िलिस्तीनी

कब्जे वाले वेस्ट बैंक में हेब्रोन जिला के डूरा शहर में बड़ी संख्या में फिलिस्तीनी सुरक्षा बलों और खुफिया बलों द्वारा निजार बनात के घर गुरुवार, 24 जून को हिंसक छापेमारी में उनकी मौत हो गई। वे पैलेस्टिनियन अथॉरिटी के घोर आलोचक और प्रमुख राजनीतिक एक्टिविस्ट थें।

43 वर्षीय बनात के परिवार ने सुरक्षा बलों पर हिरासत में रहने के दौरान उन्हें पीटने और प्रताड़ित करने के चलते हुई मौत का आरोप लगाया है। साथ ही यह भी खुलासा किया है कि उनकी मृत्यु के कई घंटों के बाद भी उन्हें अधिकारियों ने उनका शव नहीं दिया है।

बनात फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास और पीए सरकार के मुखर विरोधी और आलोचक थें और उन्होंने अपने ही नागरिकों के खिलाफ फिलिस्तीनी प्रशासन द्वारा किए गए व्यापक भ्रष्टाचार और आंतरिक दमन के खिलाफ अक्सर मामले को उजागर किया और बोला था। उन्होंने फ्रीडम एंड डिग्नीटी की तरफ से मई महीने में होने वाले फिलीस्तीनी विधायी चुनावों में एक उम्मीदवार के रूप में खड़े होने की भी योजना बनाई थी। ये चुनाव स्थगित हो गया था।

परिवार के सदस्यों के बयानों के अनुसार, 25 फिलिस्तीनी सुरक्षा बलों और खुफिया सैनिक गुरुवार तड़के लगभग 3.30 बजे बनात के घर में घुस गए और उन्हें जबरन एक सैन्य वाहन में ले जाने से पहले उन्हें बुरी तरह पीटा। बाद में, हेब्रोन के गवर्नर जिबरीन अल-बाकरी ने एक बयान में कहा कि बनत का स्वास्थ्य "बिगड़ गया" जिसके चलते उन्हें "हेब्रोन सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। इसके बाद, डॉक्टरों ने उसकी जांच की और उनको मृत घोषित कर दिया।” सरकार ने बनात की मौत की जांच के आदेश दिए हैं।

बनात के चचेरे भाई अम्मार ने मीडिया को बताया कि मारे गए एक्टिविस्ट को पहले भी कई बार निशाना बनाया गया था। उन्होंने कहा कि हाल ही में मई के महीने में उन्हें निशाना बनाया गया था। उन्हें पीए के सुरक्षा बलों ने कई बार गिरफ्तार भी किया था।

फिलिस्तीनी सुरक्षा बलों से उनकी मृत्यु की खबर के बाद, हजारों प्रदर्शनकारी कब्जे वाले वेस्ट बैंक के रामल्ला शहर में प्रदर्शनों में शामिल हुए और पीए प्रेसिडेंट महमूद अब्बास से इस्तीफा देने की मांग की। फिलिस्तीनी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए उन पर कार्रवाई की और उन्हें मेटल के डंडों से पीटा और उन पर आंसू गैस के गोले दागे।

Palestine
palestine security forces
Ramallah
palestine israel conflict

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

इज़राइल, फ़लस्तीन के बीच नए सिरे से हिंसा भड़कने की आशंका : संयुक्त राष्ट्र दूत

फ़िलिस्तीनी प्रशासनिक बंदी लोय अल-अश्क़र ने रिहाई पर हुए समझौते के बाद भूख हड़ताल ख़त्म की

फ़िलिस्तीनियों के खिलाफ़ नई बसाहटों वाले इज़रायलियों द्वारा 451 हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया गया


बाकी खबरें

  • Olaf Scholz
    एम. के. भद्रकुमार
    मास्को की नपी-तुली कूटनीति काम कर रही है
    21 Feb 2022
    यूक्रेन पर रूसी हमले की संभावना सही मायने में कभी थी ही नहीं। हालांकि, अगर यूक्रेनी सेना अलगाववादी ताक़तों पर हमला करती है, तो डोनबास क्षेत्र में मास्को के हस्तक्षेप का होना सौ फ़ीसदी तय है।
  • sultanpur
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी चुनावः सुल्तानपुर चीनी मिल राज्य सरकार की अनदेखी से हुई जर्जर
    21 Feb 2022
    "सुल्तानपुर चीनी मिल के सही ढ़ंग से न चलने की वजह से इस इलाके के गन्ने की उपज प्राइवेट क्रशर मशीन में किसान मजबूरन दे देते हैं जहां से उनको गन्ने की कीमत आधी या दो-तिहाई ही मिल पाती है।"
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में पीएम मोदी ने पार की चुनावी मर्यादा, जागो चुनाव आयोग
    21 Feb 2022
    आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अखिलेश यादव पर साधे गए निशाने पर बात की और उसको हास्यास्पद बताया। उसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी टिप्पणी की कैसे एक…
  • election
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव चौथा चरण: लखीमपुर हिंसा और गोवंश से फ़सलों की तबाही जैसे मुद्दे प्रमुख
    21 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में तीन चरणों के चुनावों के बाद अब चौथे चरण के लिए जंग शुरू हो गई है, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाद अब अवध की चुनावी परिक्रमा लगातार जारी है। लेकिन चौथे चरण में अवध की वो सीटे भी हैं जहां…
  • Ballia
    विजय विनीत
    बलिया: ''सबके वोटे के चिंता बा, चुनाव बाद रसड़ा चीनी मिल के बात केहू ना करे ला''
    21 Feb 2022
    देसी चीनी और गुड़ के लिए मशहूर रसड़ा, कभी ''रसदा'' के नाम से जाना जाता था। रसड़ा इलाके में कई घंटे गुजारने के बाद हमें इस बात का एहसास हो चला था कि रसड़ा में हर आदमी की जुबां पर सिर्फ़ एक ही सवाल है…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License