NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फ़िलिस्तीनी नागरिक आज रमाल्ला में विरोध-प्रदर्शन करेंगे
आज की रैली क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक और जॉर्डन घाटी के बड़े हिस्से के एनेक्सेशन की अवैध इज़रायली योजना के ख़िलाफ़ चौथी रैली होगी।
पीपल्स डिस्पैच
14 Jul 2020
आज रमाल्ला में विरोध-प्रदर्शन

इज़रायल के अवैध एनेक्सेशन योजना को लेकर फिलिस्तीनियों का विरोध आज यानी मंगलवार 14 जुलाई को बड़े पैमाने पर होने वाले एंटी-एनेक्सेशन रैली के साथ जारी है। ये रैली आम फिलीस्तीनी नागरिकों द्वारा इस एनेक्सेशन योजना के ख़िलाफ़ अपना विरोध दिखाने के लिए की गई एंटी-एनेक्सेशन रैलियों की श्रृंखला में चौथी रैली होगी।

पैलेस्टिनियन हायर नेशनल कमेटी फॉर कन्फ्रॉन्टिंग द एनेक्सेशन डीसिजन ने पिछले हफ्ते गुरुवार को कहा कि इस रैली का आयोजन रामल्ला में किया जाएगा। पहली तीन रैलियां जेरिको और जॉर्डन घाटी में हुईं। ये दोनों फिलिस्तीनी क्षेत्र उन क्षेत्रों का हिस्सा हैं जिसे इज़रायल अवैध तरीके से मिलाना चाहता है और विशेष इज़रायली राज्य के भाग के रुप में अवैध इजरायली बस्तियों (सेटलमेंट) को मान्यता देने के क्रम में अपनी संप्रभुता का इस्तेमाल करना चाहता है।

इस कमेटी के बयान के अनुसार ये रैली मंगलवार शाम 5 बजे रामल्ला शहर से सटे अल-बिरेह शहर के अहमद शुकीरी चौक पर होगी। कमेटी ने आम फिलिस्तीनियों से आह्वान किया है कि वे इसे सफल बनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रदर्शनों में भाग लें ताकि "एनेक्सेशन को विफल किया जाए, क़ब्ज़े को समाप्त किया जाए और यरुशलम को इसकी राजधानी के साथ फिलिस्तीन के आज़ाद और स्वतंत्र राज्य की स्थापना की जाए।"

इससे पहले फिलिस्तीनियों द्वारा वेस्ट बैंक और गाजा के क़ब्ज़े वाले फिलिस्तीनी इलाकों में 1 जुलाई को विरोध प्रदर्शन और रैलियों का आयोजन किया गया था। इज़रायल ने अपने एनेक्सेशन योजना को शुरु करने यही तारीख़ तय किया था। इस महीने की शुरुआत से लेकर अब तक ग्रेट मार्च ऑफ रिटर्न जैसा विरोध प्रदर्शन जारी रखते हुए वेस्ट बैंक में नियमित रूप से साप्ताहिक विरोध प्रदर्शन जारी हैं। ग्रेट मार्च ऑफ रिटर्न को सफलतापूर्वक एक साल से अधिक समय तक चलाया गया।

Palestine
Protest in Ramalla
West Bank
Israel

Related Stories

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

इज़रायल : नेतन्याहू के ख़िलाफ़ प्रदर्शन जारी

ट्रम्प का भारत दौरा, दिल्ली में CAA के ख़िलाफ़ प्रदर्शन, नया सेंट्रल विस्टा और अन्य

आयरलैंड चुनाव : राजनीतिक दलों ने इजरायली व्यापार पर प्रतिबंध लगाने का वादा किया

JNU, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नौकरियों पर संकट और अन्य खबरें

राष्ट्रीय मज़दूर सम्मेलन, कश्मीर विरोध प्रदर्शन और अन्य ख़बरें

मध्य प्रदेश में दलित बच्चों की हत्या, रेहड़ी-पटरी वालों का विरोध प्रदर्शन और अन्य

मोटर वाहन हड़ताल, 370 हटने के 45 दिन और अन्य ख़बरें 

कैट्स कर्मचारियोें का अनशन, सरकार को मिली आरबीआई से  बड़ी राशि और अन्य 

पोम्पिओ के भारत दौरे के ख़िलाफ़ प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • punjab
    भाषा सिंह
    पंजाब चुनावः परदे के पीछे के खेल पर चर्चा
    19 Feb 2022
    पंजाब में जिस तरह से चुनावी लड़ाई फंसी है वह अपने-आप में कई ज़ाहिर और गुप्त समझौतों की आशंका को बलवती कर रही है। पंजाब विधानसभा चुनावों में इतने दांव चले जाएंगे, इसका अंदाजा—कॉरपोरेट मीडिया घरानों…
  • Biden and Boris
    जॉन पिलगर
    युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?
    19 Feb 2022
    हाल के हफ्तों और महीनों में युद्ध उन्माद का ज्वार जिस तरह से उठा है वह इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है
  • youth
    असद रिज़वी
    भाजपा से क्यों नाराज़ हैं छात्र-नौजवान? क्या चाहते हैं उत्तर प्रदेश के युवा
    19 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के नौजवान संगठनों का कहना है कि भाजपा ने उनसे नौकरियों के वादे पर वोट लिया और सरकार बनने के बाद, उनको रोज़गार का सवाल करने पर लाठियों से मारा गया। 
  • Bahubali in UP politics
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: सियासी दलों के लिए क्यों ज़रूरी हो गए हैं बाहुबली और माफ़िया?
    19 Feb 2022
    चुनाव में माफ़िया और बाहुबलियों की अहमियत इसलिए ज्यादा होती है कि वो वोट देने और वोट न देने,  दोनों चीज़ों के लिए पैसा बंटवाते हैं। इनका सीधा सा फंडा होता है कि आप घर पर ही उनसे पैसे ले लीजिए और…
  • Lingering Colonial Legacies
    क्लेयर रॉथ
    साम्राज्यवादी विरासत अब भी मौजूद: त्वचा के अध्ययन का श्वेतवादी चरित्र बरकरार
    19 Feb 2022
    त्वचा रोग विज्ञान की किताबों में नस्लीय प्रतिनिधित्व की ऐतिहासिक कमी ना केवल श्वेत बहुल देशों में है, बल्कि यह पूरी दुनिया में मौजूद है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License