NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फ़िलिस्तीनी विदेश मंत्री ने इज़रायल के वार क्राइम की जांच में सहयोग को दोहराया
विदेश मंत्री रियाद अल-मलिकी ने खुलासा किया कि इजरायली अधिकारियों ने धमकी दी है कि यदि फिलिस्तीनी प्रतिनिधिमंडल कब्जे वाले क्षेत्रों में वार क्राइम की जांच करने वाले अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के साथ समन्वय और संवाद करना जारी रखते हैं तो वह उन पर प्रतिबंध लगा देंगे।
पीपल्स डिस्पैच
23 Mar 2021
फ़िल्सितीन

फिलिस्तीनी विदेश मंत्री रियाद अल-मलिकी के हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के दौरे को लेकर इजरायल द्वारा उनके विशेष यात्रा परमिट को रद्द करने के एक दिन बाद सोमवार 22 मार्च को उन्होंने आईसीसी प्रोसिक्यूटर से संपर्क बनाए रखने के अपने इरादे को दोहराया और कहा कि कब्जे वाले क्षेत्र में इजरायल के वार क्राइम को लेकर आईसीसी की जांच में बाधा डालने के इजरायल के प्रयास के बावजूद जारी रहेगा। फिलिस्तीनी डब्ल्यूएएफए समाचार एजेंसी इस रिपोर्ट को प्रकाशित किया।

अल-मलिकी ने नवनियुक्त आईसीसी प्रोसिक्यूटर के साथ-साथ निवर्तमान प्रोसिक्यूटर फतोउ बेनसौदा से मुलाकात की थी जिन्होंने इस महीने आईसीसी के युद्ध अपराधों और मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच शुरु करने की घोषणा की थी जो फिलिस्तीनी क्षेत्रों में हो रहा है।

पड़ोसी जॉर्डन के साथ इजरायल-नियंत्रित सीमा के जरिए पार कर कब्जे वाले वेस्ट बैंक में विदेश मंत्री के लौटने के तुरंत बाद इजरायल के अधिकारियों ने उनके विशेष वीआईपी यात्रा परमिट को रद्द कर दिया। ये परमिट फिलिस्तीनी सरकार के अधिकारियों को विदेश की यात्रा के साथ साथ वेस्ट बैंक में इजरायल की कई चौकियों से गुजरने को आसान बनाता है।

इजरायली सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर विदेश मंत्री के आगमन पर रोक लगा दी और उनसे लगभग डेढ़ घंटे तक पूछताछ की। विदेश मंत्री के अनुसार इजरायल के अधिकारियों ने फिलिस्तीनी प्रतिनिधिमंडल को भी चेतावनी दी कि वे आईसीसी के साथ फिलिस्तीनी प्राधिकरण (पीए) के संवाद को खतरे की रेखा मानते हैं और यदि उनके निरंतर आईएसी के साथ समन्वय जारी रखने पर पीए पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी। इजरायल की कार्रवाइयों को स्पष्ट रूप से अवैध और मनमाने तरीके से बताते हुए विदेश मंत्री ने अपनी बैठक में फिलिस्तीनी प्राधिकरण के आईसीसी को उसके युद्ध अपराधों की जांच में पूर्ण सहयोग का वादा किया।

आईसीसी जांच फिलीस्तीनी और इजरायल दोनों पक्षों द्वारा फिलिस्तीन में किए गए युद्ध अपराधों की जांच करेगी। इस जांच में 2014 में गाजा पर इजरायल के हमले के दौरान इजरायली सेना द्वारा फिलिस्तीनियों की हत्याओं के साथ-साथ इजरायल के सुरक्षा बलों द्वारा 2018 के ग्रेट रिटर्न विरोध के साप्ताहिक मार्च के दौरान गाजा-इज़रायल सीमा पर मारे गए फिलिस्तीनियों के मामले शामिल हैं।

Palestine
Israel
war crimes in palestine
palestine and israel

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • अनिल सिन्हा
    उत्तर प्रदेशः हम क्यों नहीं देख पा रहे हैं जनमत के अपहरण को!
    12 Mar 2022
    हालात के समग्र विश्लेषण की जगह सरलीकरण का सहारा लेकर हम उत्तर प्रदेश में 2024 के पूर्वाभ्यास को नहीं समझ सकते हैं।
  • uttarakhand
    एम.ओबैद
    उत्तराखंडः 5 सीटें ऐसी जिन पर 1 हज़ार से कम वोटों से हुई हार-जीत
    12 Mar 2022
    प्रदेश की पांच ऐसी सीटें हैं जहां एक हज़ार से कम वोटों के अंतर से प्रत्याशियों की जीत-हार का फ़ैसला हुआ। आइए जानते हैं कि कौन सी हैं ये सीटें—
  • ITI
    सौरव कुमार
    बेंगलुरु: बर्ख़ास्तगी के विरोध में ITI कर्मचारियों का धरना जारी, 100 दिन पार 
    12 Mar 2022
    एक फैक्ट-फाइंडिंग पैनल के मुतबिक, पहली कोविड-19 लहर के बाद ही आईटीआई ने ठेके पर कार्यरत श्रमिकों को ‘कुशल’ से ‘अकुशल’ की श्रेणी में पदावनत कर दिया था।
  • Caste in UP elections
    अजय कुमार
    CSDS पोस्ट पोल सर्वे: भाजपा का जातिगत गठबंधन समाजवादी पार्टी से ज़्यादा कामयाब
    12 Mar 2022
    सीएसडीएस के उत्तर प्रदेश के सर्वे के मुताबिक भाजपा और भाजपा के सहयोगी दलों ने यादव और मुस्लिमों को छोड़कर प्रदेश की तकरीबन हर जाति से अच्छा खासा वोट हासिल किया है।
  • app based wokers
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: डिलीवरी बॉयज का शोषण करती ऐप कंपनियां, सरकारी हस्तक्षेप की ज़रूरत 
    12 Mar 2022
    "हम चाहते हैं कि हमारे वास्तविक नियोक्ता, फ्लिपकार्ट या ई-कार्ट हमें नियुक्ति पत्र दें और हर महीने के लिए हमारा एक निश्चित भुगतान तय किया जाए। सरकार ने जैसा ओला और उबर के मामले में हस्तक्षेप किया,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License