NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फिलिस्तीनियों ने क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में इज़रायल की नई अवैध बस्तियों के निर्माण का विरोध किया
मार्च में होने वाले चुनाव से पहले इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वेस्ट बैंक के भीतर 800 नए अवैध यहूदी घरों के निर्माण में तेज़ी लाने की घोषणा की। बाइडेन प्रशासन की तरफ़ से इसमें रुकावट पैदा होने की संभावना है।
पीपल्स डिस्पैच
12 Jan 2021
फिलिस्तीनियों ने क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में इज़रायल की नई अवैध बस्तियों के निर्माण का विरोध किया

इज़रायल ने सोमवार 11 जनवरी को कब्जे वाले वेस्ट बैंक में नए बसने वाले लोगों के लिए सैकड़ों नए अवैध घरों के निर्माण की घोषणा की। नए बासिंदों के लिए घरों के निर्माण में तेजी लाने के इस फैसले को इस तथ्य के आधार पर माना जाता है कि अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन के अधीन नया प्रशासन निवर्तमान डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन की तुलना में इस तरह की गतिविधियों के लिए अधिक प्रतिकूल होगा।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी इस फैसले से अपनी चुनावी संभावनाओं को बढ़ाने की ओर देख रहे हैं। इजरायल की संसद के लिए चुनाव 23 मार्च को होना निर्धारित है जो दो साल से भी कम समय में चौथा चुनाव होगा। नेतन्याहू की संभावना उनके लिकुड पार्टी के भीतर विभाजन के कारण खोखली दिखती है।

पैलेस्टिनियन अथॉरिटी द्वारा रेहेलिम, बर्कान, गिवट ज़ीव की विभिन्न मौजूदा अवैध बस्तियों में 800 नए घर बनाने की घोषणा की आलोचना की गई है। राष्ट्रपति के प्रवक्ता नबील अबू रूदेनह ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि नेतन्याहू डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के जाने से पहले इस तरह के फैसले करके समय के खिलाफ जा रहे हैं।

सही तरीके से स्थापित अमेरिकी विदेश नीति कन्वेंशन के खिलाफ जाते हुए डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने खुले तौर पर कब्जे वाले क्षेत्रों के भीतर इजरायल के निर्माण का समर्थन किया है। सेक्रेट्री ऑफ स्टेट माइक पोम्पियो ने 2019 में कहा था कि अमेरिका बस्तियों के निर्माण को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं मानता है।

अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुसार फिलिस्तीनी कब्जे वाले क्षेत्रों के भीतर सभी इजरायली बस्तियां अवैध हैं। 1967 के युद्ध में वेस्ट बैंक, गाजा और पूर्वी येरुशेलम पर कब्जा करने के बाद से अंतर्राष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विभिन्न प्रस्तावों का उल्लंघन करते हुए इजरायल फिलिस्तीनी भूमि पर अवैध रूप से बस्तियों का निर्माण कर रहा है। वर्तमान में केवल पश्चिमी बैंक में लगभग 500,000 अवैध निवासी हैं।

रुडेनियाह ने यह भी कहा कि "अमेरिकी समर्थन के साथ नेतन्याहू के अधिक से अधिक फिलिस्तीनी भूमि को जब्त करने के प्रयास को वैधता नहीं मिलेगा।" फिलिस्तीनी समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएफए ने रिपोर्ट प्रकाशित किया कि, "फिलिस्तीनी लोग फिलिस्तीनी जमीनों को चुराने के लिए उनको चुनाव अभियान का फायदा उठाने की अनुमति नहीं देंगे।"

Palestine
West Bank
Israel
America
Joe Biden
Benjamin Netanyahu

Related Stories

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

नाटो देशों ने यूक्रेन को और हथियारों की आपूर्ति के लिए कसी कमर


बाकी खबरें

  • No more rape
    सोनिया यादव
    दिल्ली गैंगरेप: निर्भया कांड के 9 साल बाद भी नहीं बदली राजधानी में महिला सुरक्षा की तस्वीर
    29 Jan 2022
    भारत के विकास की गौरवगाथा के बीच दिल्ली में एक महिला को कथित तौर पर अगवा कर उससे गैंग रेप किया गया। महिला का सिर मुंडा कर, उसके चेहरे पर स्याही पोती गई और जूतों की माला पहनाकर सड़क पर तमाशा बनाया गया…
  • Delhi High Court
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: तुगलकाबाद के सांसी कैंप की बेदखली के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने दी राहत
    29 Jan 2022
    दिल्ली हाईकोर्ट ने 1 फरवरी तक सांसी कैंप को प्रोटेक्शन देकर राहत प्रदान की। रेलवे प्रशासन ने दिल्ली हाईकोर्ट में सांसी कैंप के हरियाणा में स्थित होने का मुद्दा उठाया किंतु कल हुई बहस में रेलवे ने…
  • Villagers in Odisha
    पीपल्स डिस्पैच
    ओडिशा में जिंदल इस्पात संयंत्र के ख़िलाफ़ संघर्ष में उतरे लोग
    29 Jan 2022
    पिछले दो महीनों से, ओडिशा के ढिंकिया गांव के लोग 4000 एकड़ जमीन जिंदल स्टील वर्क्स की एक स्टील परियोजना को दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। उनका दावा है कि यह परियोजना यहां के 40,000 ग्रामवासियों की…
  • Labour
    दित्सा भट्टाचार्य
    जलवायु परिवर्तन के कारण भारत ने गंवाए 259 अरब श्रम घंटे- स्टडी
    29 Jan 2022
    खुले में कामकाज करने वाली कामकाजी उम्र की आबादी के हिस्से में श्रम हानि का प्रतिशत सबसे अधिक दक्षिण, पूर्व एवं दक्षिण पूर्व एशिया में है, जहाँ बड़ी संख्या में कामकाजी उम्र के लोग कृषि क्षेत्र में…
  • Uttarakhand
    सत्यम कुमार
    उत्तराखंड : नदियों का दोहन और बढ़ता अवैध ख़नन, चुनावों में बना बड़ा मुद्दा
    29 Jan 2022
    नदियों में होने वाला अवैज्ञानिक और अवैध खनन प्रकृति के साथ-साथ राज्य के खजाने को भी दो तरफ़ा नुकसान पहुंचा रहा है, पहला अवैध खनन के चलते खनन का सही मूल्य पूर्ण रूप से राज्य सरकार के ख़ज़ाने तक नहीं…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License