NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फिलिस्तीनियों ने ट्रम्प के एकतरफा 'शांति' समझौते को नकारा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा प्रस्तावित तथाकथित "सदी का समझौता" फिलिस्तीनी लोगों के मशविरे के बिना तैयार किया गया है और माना जाता है कि वह पूरी तरह इज़रायल के कब्जे वाले क्षेत्र के पक्ष में है।
पीपल्स डिस्पैच
28 Jan 2020
Palestinians in Gaza opposing the so called deal of the century

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की प्रस्तावित "शांति योजना" के ख़िलाफ़ 27 जनवरी को गाजा शहर में विरोध प्रदर्शन किया गया। ट्रंप के दामाद जरेद कुशनर की देखरेख में पिछले एक साल में ये तथाकथित "सदी का समझौता" तैयार किया गया है। आलोचकों का कहना है कि फिलिस्तीनियों द्वारा इस समझौते को पूरी तरह खारिज किया गया जो इजरायल के पक्ष में हैं।

इस समझौता के ख़िलाफ़ प्रदर्शनकारियों ने मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष समन्वयक (यूएनएससीओ) के कार्यालयों के सामने इकट्ठा हुए और ट्रम्प का पुतला जलाया। उन्होंने यह भी मांग की कि इस समझौते को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र हस्तक्षेप करे। डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेता तलाल अबू ज़रीफा ने कहा, "हम संयुक्त राष्ट्र से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग करते हैं।"

पिछले हफ्ते एक ट्वीट में, ट्रम्प ने कहा कि मंगलवार यानी 28 जनवरी को शाम में शांति समझौते को जारी करने की उनकी योजना है। उन्होंने कल व्हाइट हाउस में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके प्रतिद्वंद्वी बेनी गैंट्ज़ के साथ मुलाकात की। किसी फिलिस्तीनी प्रतिनिधियों को इस बैठक में बुलाया नहीं गया था।

फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री मोहम्मद शतायेह ने चिंता व्यक्त की है कि ट्रम्प का एकतरफा समझौता "फिलिस्तीनी अभियान" को समाप्त करेगा जबकि इज़राइल को उसकी इच्छा के अनुसार सबकुछ मिलेगा। शतायेह के हवाले से अलजज़़ीरा ने लिखा, "हम इसे अस्वीकार करते हैं और हम मांग करते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इसके भागीदार न बने क्योंकि यह अंतर्राष्ट्रीय क़ानून और बुनियादी फिलिस्तीनी अधिकारों के मौलिक तत्व की अवहेलना करता है।"

ट्रम्प की योजना के बारे में महीनों से कहा जा रहा है। हालांकि, अमेरिकी सीनेट में ट्रम्प के ख़िलाफ़ चल रहे महाभियोग के मामले से ध्यान हटाने के लिए अब इस समझौते को जारी करने के उनके फैसले को एक बड़ी रणनीति मानी जा रही है। यह समझौता नेतन्याहू की मदद भी कर सकता है जो भ्रष्टाचार के मामलों में अभियोजन पक्ष से प्रतिरक्षा की मांग कर रहे हैं जिसमें उन पर दोष लगाया गया है।

इस बीच, फिलीस्तीनी दिसंबर 2017 में इज़राइल की राजधानी के रूप में यरूशलेम की मान्यता के बाद से ट्रम्प प्रशासन का बहिष्कार कर रहे हैं। ट्रम्प ने तब से कब्जे वाले वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम में अवैध इजरायल की बस्तियों का भी समर्थन किया है और फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और वर्क एजेसी को फंड देना रोक दिया है।

पिछले साल जून महीने में कुश्नर ने इस समझौते के आर्थिक पहलुओं का खुलासा करने के लिए मनामा में "पीस टू प्रोस्पेरिटी" कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया था। इस कॉन्फ्रेंस का फिलीस्तीनियों और कुछ अन्य अरब देशों ने भी बहिष्कार किया था।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Palestinian
Peace Agreement
America
Donand Trump
Israel
UNSCO
Mohammad Shtayyeh

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई


बाकी खबरें

  • कोविड सिलसिले में दो हाई कोर्ट के तीन आदेशों पर सुप्रीम कोर्ट की सिलसिलेवार रोक
    पारस नाथ सिंह
    कोविड सिलसिले में दो हाई कोर्ट के तीन आदेशों पर सुप्रीम कोर्ट की सिलसिलेवार रोक
    28 May 2021
    तत्कालीन सीजेआई, एसए बोबडे की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर और गोरखपुर में लॉकडाउन लगाने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी।
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    बीपीसीएल ने 12,581 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफ़ा कमाया, कफ़न की बढ़ती मांग और अन्य ख़बरें
    27 May 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हम बात करेंगे 26 मई को किसानों ने मनाया काला दिवस, यूपी-बिहार में बढ़ती कफ़न की मांग और अन्य ख़बरें।
  • अहमदाबाद में एक अस्पताल के बाहर लगाये गए नोटिस में सूचित किया गया है कि उनके पास ऐम्फोटेरिसिन बी दवा, जिसे म्युकरमाइकोसिस के उपचार में इस्तेमाल में लाया जाता है, खत्म हो गई है। 
    दमयन्ती धर
    भारत में सबसे अधिक म्युकरमाइकोसिस के मामले गुजरात में, मधुमेह हो सकता है कारण
    27 May 2021
    कोरोनावायरस से होने वाली मौतों और मामलों को कम दर्ज करने के बाद राज्य सरकार अब राज्य में म्युकरमाइकोसिस मामलों की संख्या पर कोई सार्वजनिक आंकड़े जारी नहीं कर रही है। 
  • रामदेव पर 'देशद्रोह', WhatsApp पर पहरा!
    न्यूज़क्लिक टीम
    रामदेव पर 'देशद्रोह', WhatsApp पर पहरा!
    27 May 2021
    आज बोल के लब आज़ाद हैं तेरे में अभिसार शर्मा दो मुद्दों की चर्चा कर रहे हैं । मोदी सरकार जिस तरह से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ओर सख्ती कर रही है, उससे देश की इज़्ज़त को कितना नुकसान पहुंच रहा है। और…
  • बिहार में न विकास है और न ही आपराधिक मामलों पर लगाम!
    सोनिया यादव
    बिहार में न विकास है और न ही आपराधिक मामलों पर लगाम!
    27 May 2021
    महिलाओं के साथ हो रही हिंसा के कई मामले सुर्खियों आए और चले गए। लेकिन जो इन सब के बीच रह गया, वो नीतीश सरकार और प्रशासन से सवाल है। सवाल महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का, जिसे शायद नीतीश बाबू…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License