NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फ़िलिस्तीनियों ने यूएनआरडब्ल्यूए को मिलने वाली सहायता बहाल करने के अमेरिकी फैसले का स्वागत किया
साल 2018 में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी को अमेरिका की मानवीय सहायता रोक दी थी जो क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों और इससे बाहर 5.7 मिलियन फ़िलिस्तीनी शरणार्थियों की आवश्यकताओं को पूरा करता है।
पीपल्स डिस्पैच
08 Apr 2021
फ़िलिस्तीनियों ने यूएनआरडब्ल्यूए को मिलने वाली सहायता बहाल करने के अमेरिकी फैसले का स्वागत किया

पैलेस्टिनियन अथॉरिटी ने बुधवार 7 अप्रैल को यूनाइटेड नेशन रिलीफ एंड वर्क एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) को मानवीय सहायता बहाल करने की अमेरिकी सरकार की घोषणा का स्वागत किया। फिलिस्तीनियों के लिए संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी को अमेरिकी सहायता 2018 में डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन द्वारा रोक दी गई थी।

यूएस सेक्रेटरी ऑफ स्टेट एंथनी ब्लिंकन ने बुधवार को एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया कि अमेरिका यूएनआरडब्ल्यूओ को 150 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता प्रदान करेगा जो कब्जे वाले वेस्ट बैंक, गाजा और लेबनान वे जॉर्डन जैसे देशों में 5.7 मिलियन से अधिक फिलिस्तीनी शरणार्थियों की ज़रूरतों को पूरा करेगा। ब्लिंकेन ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी के लिए अतिरिक्त 75 मिलियन अमेरिकी डॉलर की विकास सहायता की घोषणा की।

यूएनआरडब्ल्यूए के कमिश्नर जनरल फिलिप लाजारिनी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि विशेष रूप से COVID-19 के प्रकोप के समय में और अधिक कुशलता से ये वित्तीय सहायता एजेंसी को फिलिस्तीनियों के बीच अपने बहुस्तरीय कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

डोनाल्ड ट्रम्प ने 2018 में फिलिस्तीनियों को मानवीय सहायता बंद कर दी थी और 2018 में पैलेस्टिनियन अथॉरिटी के साथ राजनयिक संबंधों को तोड़ दिया था। जो बाइडन ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि इन फैसलों में से कुछ फैसले को सत्ता में आने के बाद पलट कर सकते हैं। उन्होंने पैलेस्टिनियन अथॉरिटी के साथ राजनयिक संबंधों को बहाल करने का भी वादा किया है।

पैलेस्टिनियन अथॉरिटी के प्रधानमंत्री मोहम्मद शतायेह ने इस बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि, “हम सिर्फ अमेरिकी वित्तीय सहायता की बहाली नहीं चाहते हैं बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संबंधों की स्थापना करने के लिए तत्पर हैं” जो “येरुशेलम को राजधानी बनाते हुए फिलिस्तीन की स्वतंत्रता सहित हमारे लोगों के आवश्यक अधिकारों” को प्राप्त करने में मदद करेगा। उन्होंने अमेरिका से कहा कि वह इस बात को लेकर इजरायल पर दबाव बनाए कि इजरायल कब्जे वाले क्षेत्रों में अवैध बस्ती के कार्यों के अपने विस्तार को रोक दे।

जो बाइडन ने अमेरिकी दूतावास को तेल अवीव से येरुशेलम ले जाने और इसे इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देने के डोनाल्ड ट्रम्प के फैसले को पलटने से इनकार कर दिया था। येरुशेलम को यूएन और दुनिया के अधिकांश देशों द्वारा इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता नहीं दी गई है। इसे 1967 के युद्ध में इजरायल द्वारा कब्जा कर लिया गया है।

Palestinians
UNRWA
US
Donand Trump

Related Stories

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

बाइडेन ने फैलाए यूक्रेन की सीमा की ओर अपने पंख

यमन के लिए यूएन का सहायता सम्मेलन अकाल और मौतों की चेतावनियों के बीच अपर्याप्त साबित हुआ

नेपाल ने अमेरिका के MCC अनुदान समझौते को विरोध प्रदर्शनों के बीच दी मान्यता, अब आगे क्या?

हम यूक्रेन की निष्पक्षता पर बातचीत करने के लिए प्रतिनिधि मंडल भेजने को तैयार- रूस

मिन्स्क समझौते और रूस-यूक्रेन संकट में उनकी भूमिका 


बाकी खबरें

  • पूछता है युवा- कहां गई हमारी नौकरी?
    अजय कुमार
    पूछता है युवा- कहां गई हमारी नौकरी?
    17 Sep 2021
    अगर काम चाहने वाले शख़्स को काम नहीं मिल रहा है तो सरकार होने या सरकार में रहने का कोई अर्थ नहीं बनता।
  • वकीलों, एक्टिविस्टों ने अफ़्रीकी संघ में इज़रायल के पर्यवेक्षक का दर्जा रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दायर की
    पीपल्स डिस्पैच
    वकीलों, एक्टिविस्टों ने अफ़्रीकी संघ में इज़रायल के पर्यवेक्षक का दर्जा रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दायर की
    17 Sep 2021
    इज़रायल को इस साल जुलाई में एक पर्यवेक्षक राज्य के रूप में अफ़्रीक़ी संघ में शामिल किया गया था। इज़रायल द्वारा फ़िलिस्तीनी लोगों पर निरंतर दमन को देखते हुए इस निर्णय ने एयू के कई सदस्य देशों को चौंका…
  • चीन ने यूएस, यूके और ऑस्ट्रेलिया के बीच त्रिपक्षीय सुरक्षा गठबंधन को "शीत युद्ध मानसिकता और वैचारिक पूर्वाग्रह" का प्रदर्शन बताया
    पीपल्स डिस्पैच
    चीन ने यूएस, यूके और ऑस्ट्रेलिया के बीच त्रिपक्षीय सुरक्षा गठबंधन को "शीत युद्ध मानसिकता और वैचारिक पूर्वाग्रह" का प्रदर्शन बताया
    17 Sep 2021
    कई एक्टिविस्टों और नेताओं ने इस सुरक्षा गठबंधन की घोषणा की आलोचना की और इसे शीत युद्ध की रणनीति बताया जो शांति और परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रयासों के लिए हानिकारक है।
  • राष्ट्रपति की हत्या मामले में पीएम पर संदेह के चलते हैती में सियासी घमासान तेज़
    पीपल्स डिस्पैच
    राष्ट्रपति की हत्या मामले में पीएम पर संदेह के चलते हैती में सियासी घमासान तेज़
    17 Sep 2021
    चूंकि हैती के प्रधानमंत्री एरियल हेनरी को डी-फैक्टो प्रेसिडेंट जोवेनेल मोइसे की हत्या में फंसाया गया है ऐसे में सरकार में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं।
  • इतिहास से वही डरते हैं जिनका कोई इतिहास नहीं
    बादल सरोज
    इतिहास से वही डरते हैं जिनका कोई इतिहास नहीं
    17 Sep 2021
    निर्माणों की जगह ध्वंसों और हादसों को इतिहास बनाने और पढ़ाने के पीछे है भारत की वैचारिक परम्परा और असली इतिहास के निष्कासन और बहिष्करण की परियोजना।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License