NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
महामारी से ‘नफ़रत की सुनामी’ आ रही है : गुतारेस
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा, ‘‘ऑनलाइन और सड़कों पर विदेशियों के ख़िलाफ़ भावना बढ़ी है, यहूदी विरोधी षडयंत्र फैला है और कोविड-19 के संबंध में मुसलमानों पर हमले बढ़े हैं।’’
एपी
08 May 2020
गुतारेस

संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से नफ़रत और विदेशियों के ख़िलाफ़ द्वेष की भावना, दूसरों को बलि का बकरा बनाने और डर फैलाने की सुनामी’’ आ रही है।

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा, ‘‘ऑनलाइन और सड़कों पर विदेशियों के ख़िलाफ़ भावना बढ़ी है, यहूदी विरोधी षडयंत्र फैला है और कोविड-19 के संबंध में मुसलमानों पर हमले बढ़े हैं।’’

गुतारेस ने कहा कि प्रवासी और शरणार्थियों को विषाणु के स्रोत के रूप में बदनाम किया गया और फिर उन्हें इलाज मुहैया कराने से इनकार कर दिया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘पत्रकारों, व्हिसलब्लोअर्स, स्वास्थ्य पेशेवरों, सहायता कर्मियों और मानवाधिकार बचावकर्ताओं को उनके काम के लिए निशाना बनाया जा रहा है।’’

उन्होंने नेताओं से सभी लोगों के साथ एकजुटता दिखाने का आह्वान किया।

महासचिव ने मीडिया खासतौर से सोशल मीडिया से कमजोर वर्ग के लोगों तक अपनी पहुंच मजबूत करने के लिए ‘‘नस्लवादी, औरतों से नफ़रत वाली और अन्य हानिकारक सामग्री हटाने’’ का आह्वान किया।

गुतारेस ने कहा, ‘‘और मैं सभी से हर जगह नफ़रत के ख़िलाफ़ खड़े होने, एक-दूसरे को सम्मान देने तथा दया की भावना के प्रसार की अपील करता हूं।’’

Antonio Guterres
United nations
Epidemic corona Virus
COVID-19
Tsunami of hate

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध


बाकी खबरें

  • J&K
    अनीस ज़रगर
    परिसीमन आयोग के जम्मू क्षेत्र पर ताजा मसौदे पर बढ़ता विवाद
    11 Feb 2022
    जम्मू के सुचेतगढ़ और आरएस पुरा इलाकों में पहले ही विरोध प्रदर्शन आयोजित किये जा चुके हैं, जहाँ दो विधानसभा क्षेत्रों का विलय प्रस्तावित किया गया है।
  • hijab vivad
    भाषा
    हिजाब विवाद: कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश के ख़िलाफ़ शीर्ष अदालत में याचिका दायर
    11 Feb 2022
    एक छात्र द्वारा दायर याचिका में हिजाब मामले की सुनवाई कर रहे उच्च न्यायालय के निर्देश के साथ ही तीन न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष चल रही कार्यवाही पर भी रोक लगाने का अनुरोध किया गया है। अपील में दावा…
  • गोवा ग्राउंड रिपोर्ट: कोरोना लॉकडाउन से संकट में आए टैक्सी चालकों का मुद्दा चुनाव से ग़ायब
    मोहम्मद ताहिर
    गोवा ग्राउंड रिपोर्ट: कोरोना लॉकडाउन से संकट में आए टैक्सी चालकों का मुद्दा चुनाव से ग़ायब
    11 Feb 2022
    "सरकार से कुछ सब्सिडी की मांग की थी। सरकार की तरफ से पांच हज़ार रूपये देने का वादा भी किया गया था लेकिन अभी तक कुछ नहीं मिला।"
  • corona
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 58,077 नए मामले, 657 मरीज़ों की मौत
    11 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1.64 फ़ीसदी यानी 6 लाख 97 हज़ार 802 हो गयी है।
  • MNREGA
    दित्सा भट्टाचार्य
    विशेषज्ञों के हिसाब से मनरेगा के लिए बजट का आवंटन पर्याप्त नहीं
    11 Feb 2022
    पीपल्स एक्शन फ़ॉर एम्प्लॉयमेंट गारंटी (PAEG) के मुताबिक़ वित्तीय साल 2022-23 के बजट में नरेगा के लिए जो राशि आवंटित की गयी है, उससे प्रति परिवार महज़ 21 श्रमदिवस का काम ही सृजित किया जा सकता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License