NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
संसद ने जीएनसीटीडी 2021 विधेयक किया पारित, केजरीवाल ने इसे  लोकतंत्र के लिए दुखद दिन बताया 
संसद ने दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार (संशोधन) विधेयक, (जीएनसीटीडी) 2021 पारित कर दिया जिससे उप राज्यपाल को और अधिक शक्तियां प्राप्त हो गई हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि यह लोकतंत्र के लिए “दुखद दिन” है। उन्होंने कहा कि वह लोगों को सत्ता दोबारा सौंपने के लिए संघर्ष करते रहेंगे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
25 Mar 2021
केजरीवाल

राज्यसभा ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन (संशोधन) विधेयक 2021(जीएनसीटीडी) को विपक्ष के भारी विरोध के बीच मंजूरी प्रदान कर दी जिसमें दिल्ली के उपराज्यपाल की कुछ भूमिकाओं और अधिकारों को परिभाषित किया गया है। कांग्रेस नीत विपक्षी दलों ने विधेयक का विरोध करते हुए इसे संविधान के खिलाफ बताया और विस्तृत चर्चा के लिए इसे प्रवर समिति में भेजने की मांग की। इस विधेयक के पारित होने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री ने इसे लोकतंत्र के लिए दुखद दिन कहा, वहीं केन्द्र सरकार के मंत्री और उनके सांसदो ने देश के संघीय ढाँचे के लिए बेहतर बताया।

उन्होंने कहा इस नए कानून से दिल्ली में उपराज्यपाल और चुनी सरकार के बीच हमेशा बने रहने वाले गतिरोध खत्म होगा। जबकि विपक्ष इसे संघीय ढांचे पर हमला बता रहा है ।

विपक्ष के विरोध के बीच संसद ने दी राष्ट्रीय राजधानी शासन संशोधन विधेयक को मंजूरी

गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि संविधान के अनुसार सीमित अधिकारों वाली दिल्ली विधानसभा से युक्त एक केंद्रशासित राज्य है। उच्चतम न्यायालय ने भी अपने फैसले में कहा है कि यह केंद्रशासित राज्य है और विधेयक के सभी संशोधन न्यायालय के निर्णय के अनुरूप हैं।

रेड्डी ने कहा कि संविधान के 239 ए अनुच्छेद के तहत राष्ट्रपति दिल्ली के लिए उपराज्यपाल की नियुक्ति करते हैं। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल और दिल्ली की चुनी हुई सरकार के बीच किसी विषय को लेकर विचारों में अंतर होता है तो उपराज्यपाल इसके बारे में राष्ट्रपति को सूचित करते हैं।

उन्होंने कहा कि वह दिल्ली की जनता को यह आश्वासन देना चाहते हैं कि दिल्ली सरकार के किसी अधिकार को कम नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा के पास सीमित विधाई अधिकार हैं।

मंत्री के जवाब के बाद सदन ने ध्वनिमत से राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन (संशोधन) विधेयक 2021 (एनसीटी विधेयक) को मंजूरी प्रदान कर दी। इस दौरान, कांग्रेस, बीजद, सपा, वाईएसआर सहित कई विपक्षी दलों ने सदन से वाकआउट किया।

विधेयक को पारित किए जाने के प्रस्ताव पर सदन में मत विभाजन हुआ जिसमें 83 सदस्यों ने प्रस्ताव का समर्थन किया वहीं 45 सदस्यों ने विरोध किया।

गृह राज्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली विधानसभा जन व्यवस्था, पुलिस और भूमि को छोड़कर राज्य एवं समवर्ती सूची के हर विषय पर कानून बना सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘संविधान के तहत दिल्ली सरकार को जो अधिकार प्राप्त हैं, नरेंद्र मोदी सरकार उनमें से एक भी अधिकार (इस विधेयक के जरिये) नहीं ले रही है।’’

रेड्डी ने कहा कि इस संशोधन का मकसद मूल विधेयक में जो अस्पष्टता है उसे दूर करना है ताकि इसे लेकर विभिन्न अदालतों में कानून को चुनौती नहीं दी जा सके। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा के साथ एक केंद्रशासित प्रदेश है। यह सभी लोगों को समझना चाहिए कि इसके पास सीमित शक्तियां हैं। इसकी तुलना किसी अन्य राज्य से नहीं की जा सकती है।’

विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने विधेयक का विरोध करते हुए इसे असंवैधानिक बताया। खड़गे ने कहा कि इस विधेयक के जरिए सरकार चुने हुए प्रतिनिधियों के अधिकारों को छीनकर उपराज्यपाल को देना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन में कोई भी बदलाव संविधान संशोधन के जरिए ही किया जा सकता है लेकिन सरकार इसे एक सामान्य संशोधन विधेयक के रुप में लेकर आई है।

सदस्यों के भारी विरोध के कारण सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित भी हुई।

आप के संजय सिंह ने विधेयक को गैर संवैधानिक और अलोकतांत्रिक करार दिया और इसका विरोध करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत अच्छा काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उस सरकार को खत्म करना चाहती है इसलिए यह विधेयक लेकर लायी है।

कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी ने इस विधेयक को राज्यसभा में लाया गया अब तक का ‘‘सबसे बड़ा असंवैधानिक विधेयक’’ बताया और कहा कि यह किसी पार्टी के बारे में नहीं बल्कि संघवाद के मौलिक अधिकार के बारे में हैं। उन्होंने दावा किया कि इस विधेयक के बाद दिल्ली की चुनी हुई सरकार ‘‘पपेट’’ (कठपुतली) हो जाएगी।

उन्होंने दावा किसी कि इसे जब भी अदालत में चुनौती दी जाएगी, इसे संवैधानिक कसौटी पर निरस्त कर दिया जाएगा।

तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि भाजपा नीत केंद्र सरकार सभी संस्थाओं को समाप्त कर रही है।

भाजपा के भूपेन्द्र यादव ने विधेयक का बचाव करते हुए कहा कि यह संविधान की भावना के अनुरूप है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार कोई निर्णय लेने से पहले उपराज्यपाल को नहीं बताती थी और ‘‘छुपकर’’ निर्णय लेकर वह संघीय व्यवस्था का अपमान करती रही है।

लोकतंत्र के लिए दुखद दिन, लोगों को सत्ता दोबारा सौंपने के लिए संघर्ष करते रहेंगे: केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि यह लोकतंत्र के लिए “दुखद दिन” है।

उन्होंने कहा कि वह लोगों को सत्ता दोबारा सौंपने के लिए संघर्ष करते रहेंगे। संसद ने दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार (संशोधन) विधेयक, (जीएनसीटीडी) 2021 पारित कर दिया जिससे उप राज्यपाल को और अधिक शक्तियां प्राप्त हो गई हैं।

यह विधेयक सोमवार को लोकसभा से पारित हुआ था। केजरीवाल ने इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए दुखद दिन बताया है।

उन्होंने ट्वीट किया, “राज्यसभा ने जीएनसीटीडी विधेयक पारित किया। भारतीय लोकतंत्र के लिए दुखद दिन। लोगों को सत्ता दोबारा सौंपने के लिए संघर्ष करते रहेंगे। जो भी अड़चने आएंगी हम अच्छा काम करते रहेंगे। काम न रुकेगा, न धीमा होगा।”

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इसे लोकतंत्र के लिए काला दिवस बताया।

उन्होंने ट्वीट किया, “आज का दिन लोकतंत्र के लिए काला दिन है। दिल्ली की जनता द्वारा चुनी गई सरकार के अधिकारों को छीन कर एलजी के हाथ में सौंप दिया गया। विडंबना देखिये कि लोकतंत्र की हत्या के लिए संसद को चुना गया जो हमारे लोकतंत्र का मंदिर है। दिल्ली की जनता इस तानाशाही के खिलाफ लड़ेगी।”

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

Parliament of India
GNCTD 2021 bill
LG
Arvind Kejriwal
democracy
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग


बाकी खबरें

  • budget
    अजय कुमार
    बजट के नाम पर पेश किए गए सरकारी भंवर जाल में किसानों और बेरोज़गारों के लिए कुछ भी नहीं!
    01 Feb 2022
    बजट हिसाब किताब का मामला होता है। लेकिन भाजपा के काल में यह भंवर जाल बन गया है। बजट भाषण में सब कुछ होता है केवल बजट नहीं होता।
  • nirmla sitaraman
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बजट में अगले 25 साल के लिये अर्थव्यवस्था को गति देने का आधार: सीतारमण
    01 Feb 2022
    आमजन ख़ासकर युवा को नए आम बजट में न अपना वर्तमान दिख रहा है, न भविष्य, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि केंद्रीय बजट ने समग्र और भविष्य की प्राथमिकताओं के साथ अगले 25 साल के लिये…
  • cartoon
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बजट में मध्यम वर्ग के साथ विश्वासघात और युवाओं की जीविका पर प्रहार: विपक्ष 
    01 Feb 2022
    “सरकार ने देश के वेतनभोगी वर्ग और मध्यम वर्ग को राहत नहीं देकर उनके साथ ‘विश्वासघात’ और युवाओं की जीविका पर ‘आपराधिक प्रहार’ किया है।”
  • kanpur
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव: ' बर्बाद होता कानपुर का चमड़ा उद्योग'
    01 Feb 2022
    अपने चमड़े के कारोबार से कानपुर का नाम पूरी दुनिया में मशहूर है। लेकिन आज चमड़ा फैक्ट्री अपने पतन की ओर है। चमड़ा व्यापारियों का कहना है कि इसका एक बड़ा कारण सरकार द्वारा गंगा नदी के प्रदूषण का हवाला…
  • varansi weavers
    दित्सा भट्टाचार्य
    यूपी: महामारी ने बुनकरों किया तबाह, छिने रोज़गार, सरकार से नहीं मिली कोई मदद! 
    01 Feb 2022
    इस नए अध्ययन के अनुसार- केंद्र सरकार की बहुप्रचारित प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) और प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) जैसी योजनाओं तक भी बुनकरों की पहुंच नहीं है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License