NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
अक्टूबर में तीन एजेंसियों ने पतंजलि की ''बैंक ऋण सुविधा'' की रेटिंग गिराई
पतंजलि समूह, रुचि सोया कंपनी का अधिग्रहण करने में ज़रूरी लोन लेने के लिए ऐसे बैंकों के पास गया, जो पहले ही रुचि सोया कंपनी के सबसे बड़े ऋणदाता थे।
पृथ्वीराज रूपावत
15 Nov 2019
ramdev ruchi soya
Image courtesy:Free Press

खाने का तेल बनाने वाली कंपनी 'रुचि सोया' के अधिग्रहण के लिए ज़रूरी पैसा जुटाने में पतंजलि समूह को दिक़्क़त हो रही है। पतंजलि को यह पैसा 'कमेटी ऑफ़ क्रेडिटर्स' को देना होगा। लेकिन इसी वक़्त एक और भारतीय रेटिंग एजेंसी 'ब्रिकवर्क रेटिंग' ने समूह के नागपुर स्थित 'पतंजलि फ़ूड्स एंड हर्बल पार्क प्राइवेट लिमिटेड' की ग्रेडिंग कम कर दी है। पार्क को इस साल अक्टूबर तक चालू होना था, लेकिन ऋणदाताओं के उधार में देरी के चलते काम शुरू नहीं हो पाया। इसलिए एजेंसी ने इसकी रेटिंग गिरा दी।

5 नवंबर को ब्रिकवर्क रेटिंग ने 'पतंजलि फ़ूड्स एंड हर्बल पार्क, नागपुर' की दीर्घकालिक 'बैंक ऋण सुविधा' को घटाकर BBB+ कर दिया और इसे ''rating watch with developing imlication'' के तहत डाल दिया। इससे पहले अक्टूबर में एजेंसी ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की 'बैंक ऋण सुविधा' रेटिंग को 'स्थिर' से 'नकारात्मक' कर दिया था। रेटिंग को कम करने का कारण बताते हुए ब्रिकवर्क ने कहा, ''कंपनी की 'डेट फंडेड कैपेक्स' पर निर्भरता के चलते इसके ऋण चुकाने की क्षमता और तेज़ी दिखाने वाले संकेतक बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं।'' कंपनी के 'डेट फंडेड कैपेक्स' में रुचि सोया इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड का अधिग्रहण भी शामिल है। पतंजलि की गिरावट में कई दूसरे कारण भी हैं, जैसे कंपनी की केंद्रित हिस्सेदारी, दूसरी बड़ी कंपनियों से होने वाली प्रतिस्पर्धा और बोर्ड रूम में विविधता की कमी।

26 जुलाई को 'नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल, मुंबई' ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड (PAL) के रुचि सोया के अधिग्रहण वाले प्रस्ताव पर मुहर लगाई थी। प्रस्ताव के मुताबिक़, पतंजलि अधिग्रहण के लिए 4,350 करोड़ रुपये लगाने वाली थी, इसमें से 4,240 करोड़ रुपये सोया के उधारदाताओं के पास जाता और बाक़ी 110 करोड़ रुपये विलय के बाद कंपनी में निवेश किए जाते।

अभी तक यह साफ़ नहीं हो पाया है कि पतंजलि आयुर्वेद कब तक रुचि सोया का अधिग्रहण करेगी, लेकिन 'इंसॉल्वेंसी-बैंकरप्टसी बोर्ड ऑफ़ इंडिया' से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक़, सरकार इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्टसी कोड में एक ऐसा प्रावधान लाने वाली है, जिसके ज़रिये तय समय में अधिग्रहण पूरा न करने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

सूत्र ने न्यूज़क्लिक को बताया कि, अगर अधिग्रहण करने वाली कंपनी तय वक़्त में रकम अदा नहीं कर पाएगी तो 'ऋणदाताओं की कमेटी' संबंधित कंपनी के ख़िलाफ़ आपराधिक कार्रवाई शुरू कर सकेगी।'' 4 अक्टूबर को रेटिंग एजेंसी ICRA ने पतंजलि आयुर्वेद के 'फंड बेस कैश क्रेडिट लिमिट' इंस्ट्रूमेंट की रेटिंग को अप्रैल 2019 के स्तर (ICRA A+) से गिराकर ICRA BBB कर दिया था। ICRA ने इस मौके पर कहा था कि, ''पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के प्रदर्शन से जुड़ी जानकारी की कमी से इसके 'उधार जोखिम में पैदा हुई अनिश्चित्ता' के चलते रेटिंग कम की गई है।'' CARE ने अक्टूबर में कहा था कि रुचि सोया के अधिग्रहण का आकार, पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की कुल पूंजी (मार्च,2019 में) का 151 फ़ीसदी है।

लेकिन पतंजलि को उधार लेने में दिक़्क़त आ रही है। न्यूज़ रिपोर्टों के मुताबिक़, कंपनी SBI, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ़ बड़ोदा, यूनियन बैंक और जम्मू एंड कश्मीर बैंक के पास लोन के लिए गई। लेकिन कंपनी की रेटिंग में कई एजेंसियों द्वारा की गई गिरावट को देखते हुए बैंक आशंकित हैं। ग़ौर करने वाली बात है कि इनमें से कुछ बैंकों ने दिवालिया हो चुकी रुचि सोया कंपनी को सबसे ज़्यादा लोन दिया है। इनमें स्टेट बैंक ने रुचि सोया को 1,800 करोड़ रुपये, सेंट्रल बैंक ने 816 करोड़ रुपये, पंजाब नेशनल बैंक ने 743 करोड़ रुपये का उधार दिया।

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने भी रुचि सोया को 608 करोड़ रुपये और डीबीएस ने 243 करोड़ रुपये का लोन दिया था। रुचि सोया के कुल 12,100 करोड़ रुपयों में से करीब 65 फ़ीसदी लोन संबंधित बैंको का था। इस बीच वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अक्टूबर में बैंको को सलाह दी कि वे स्व-सहायता समूह और धार्मिक लोगों के नेतृत्व वाली कंपनियों को लोन देने में हिचकिचाएं नहीं। लेकिन सीतारमण की बात में तार्किकता की कमी के चलते बाज़ार को देखने-परखने वाले लोगों ने उनकी सलाह की खिल्ली उड़ाई थी।

अंग्रेजी में लिखा मूल आलेख आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

At least Three Rating Agencies Downgraded Ratings for Patanjali’s Bank Loan Facilities in October

ruchi soya
PAL
INSOLVENCY
Patanjali
Ratings
IBBI
IBC Code
ICRA
Brickwork
CARE

Related Stories

कैसे राष्ट्रीय बैंकों के समर्थन से रुचि सोया के ज़रिये अमीर बनी पतंजलि

रामदेव विरोधी लिंक हटाने के आदेश के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया की याचिका पर सुनवाई से न्यायाधीश ने खुद को अलग किया

अध्ययन बताता है कि मल्टीड्रग-रेसिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस रोगियों की पहचान और इलाज का सफ़र लंबा और महंगा है

पतंजलि आयुर्वेद को कुछ कठिन सवालों के जवाब देने की ज़रूरत 

धन्नासेठों की बीमार कंपनियों से पैसा वसूलने वाला क़ानून पूरी तरह बेकार

बिहार की एक अदालत में बाबा रामदेव के खिलाफ याचिका, देशद्रोह का मामला चलाने की मांग

कोरोनिल विवाद में पतंजलि की सफ़ाई, स्वास्थ्य मंत्री के लिए नाकाफ़ी क्यों है?

खोज ख़बर : दिशा रवि को राहत और नफ़रत अंधविश्वास के बीच फंसा देश

क्या बीजेपी के दो सांसद किसी बीमार कंपनी की रिज़ोल्यूशन प्रोसेस को ‘ख़त्म’ करने की कोशिश कर रहे हैं ?

जनस्वास्थ्य आपातकाल में मुनाफ़े में हिस्सेदारी


बाकी खबरें

  • Refugees
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    अगर सभी शरणार्थी एक देश में रह रहे होते, तो वह देश दुनिया का 17वाँ सबसे बड़ा देश होता
    22 Oct 2021
    अकेले संयुक्त राष्ट्र की गणना के हिसाब से, इस समय लगभग 8.3 करोड़ लोग विस्थापित हैं, और यदि ये सभी विस्थापित एक ही स्थान पर रहें तो वे आपस में मिलकर दुनिया का 17वाँ सबसे अधिक आबादी वाला देश बन जाएँगे।
  • ARYAN
    तमन्ना पंकज
    आर्यन ख़ान मामला: बेबुनियाद साज़िश वाले एंगल और ज़बरदस्त मीडिया ट्रायल के ख़तरनाक चलन की नवीनतम मिसाल
    22 Oct 2021
    यह अभियोजन है या उत्पीड़न?
  • Prime Minister's Kisan Samman Nidhi
    सरोजिनी बिष्ट
    प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से वंचित हैं आज भी बड़ी तादाद में किसान
    22 Oct 2021
    पिछले दिनों उत्तर प्रदेश से एक ऐसी खबर आई जिसने इस योजना के तहत होने वाली बड़ी धांधली को उजागर किया। हजारों ऐसे किसान चिन्हित हुए जो किसान होने के साथ-साथ या तो सरकारी नौकरी भी कर रहे थे या जिनका…
  • kisan andolan
    लाल बहादुर सिंह
    बाहरी साज़िशों और अंदरूनी चुनौतियों से जूझता किसान आंदोलन अपनी शोकांतिका (obituary) लिखने वालों को फिर निराश करेगा
    22 Oct 2021
    किसान आंदोलन के लिए यह एक कठिन दौर है। किसान नेतृत्व चिंतित, लेकिन सजग है, सूझबूझ और साहस के साथ सटीक स्टैंड लेते हुए कदम बढ़ा रहा है और मोदी-शाह के चक्रव्यूह को तोड़ कर आगे बढ़ने के लिए कृतसंकल्प है।
  • Bangladesh peace rally
    सत्यम श्रीवास्तव
    बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा और आश्वस्त करती सरकार की ज़िम्मेदार पहल
    22 Oct 2021
    हाल में जिस तरह से सांप्रदायिक हिंसा पर वहाँ की सरकार ज़िम्मेदारी से काम करते दिखलाई दे रही है उससे लगता है कि वह इस शांति और सद्भाव को बचाने की ईमानदार कोशिश कर रही है। ...अगर इस एक मामले में देखें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License