NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
पटना : जीएनएम विरोध को लेकर दो नर्सों का तबादला, हॉस्टल ख़ाली करने के आदेश
तीन वर्षीय जीएनएम डिप्लोमा कोर्स में वर्तमान में 198 छात्राएं हैं। उनका कहना है कि पीएमसीएच कैंपस में विभिन्न विभागों में और वार्डों में बड़े पैमाने पर क्लिनिकल प्रशिक्षण की सुविधा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 May 2022
PMCH
फ़ोटो साभार: प्रभात खबर

बिहार की राजधानी पटना में स्थित पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) के जीएनएम स्कूल को शहर से करीब 35 किलोमीटर दूर वैशाली जिले के राजापाकड़ में शिफ्ट करने को लेकर स्कूल की छात्राएं लगातार विरोध कर रही हैं। इसको लेकर दो नर्सों का तबादला भी कर दिया गया है और हॉस्टल करने के आदेश दे दिए गए। विरोध को देखते हुए जीएनएम स्कूल को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। ज्ञात हो कि एक बार फिर छात्राओं ने बुधवार को प्रदर्शन किया था। स्कूल की छात्राओं ने पीएमसीएच से लेकर अशोक राजपथ पर पैदल मार्च निकाला और प्रदर्शन किया। इस मार्च में जीएनएम की सत्र 2019-22, 2020-23 तथा 2021-24 की छात्राएं शामिल हुईं। उनका कहना था कि सभी छात्राएं फिलहाल पीएमसीएच में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। अचानक उन्हें एक गांव में स्थित संस्थान में पढ़ाई करनी होगी जिससे प्रशिक्षण बाधित होगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में इस स्कूल की छात्राओं ने क्लास बंद कर अधिकारियों के कार्यालयों का घेराव किया और शिफ्टिंग को रोकने की मांग की।

तीन वर्षीय जीएनएम डिप्लोमा कोर्स में वर्तमान में 198 छात्राएं हैं। उनका कहना है कि पीएमसीएच कैंपस में विभिन्न विभागों में और वार्डों में बड़े पैमाने पर क्लिनिकल प्रशिक्षण की सुविधा है। राजापाकड़ शिफ्ट करने के बाद छात्राओं को गांव में स्थित संस्थान में प्रशिक्षण के साथ-साथ वैशाली जिला के हाजीपुर मुख्यालय में स्थित सदर अस्पताल में प्रशिक्षण करना होगा।

विरोध के बाद दो नर्सों का तबादला

प्रभात खबर के अनुसार पीएमसीएच जीएनएम नर्सिंग की छात्राओं का स्कूल वैशाली जिले के राजापाकड़ में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया है लेकिन उनकी मांग है कि इसे पटना में ही रहने दिया जाए और प्रैक्टिकल पीएमसीएच में ही हो। वहीं आज इस मामले को लेकर बुधवार को हुए विवाद के बाद दो नर्सों को तबादला कर दिया गया है। दोनों एक ग्रेड नर्स है और पीएमसीएच में कार्यरत हैं। इनमें एक जीएनएम स्कूल की सीनियर टीचर हैं, वहीं दूसरी नर्स वार्ड में कार्यरत हैं।

हॉस्टल ख़ाली करने का आदेश

उधर विरोध प्रदर्शन के बाद पीएमसीएच के जीएनएम स्कूल को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। स्कूल में साइनिडाइ लगा दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आइएस ठाकुर ने आदेश जारी किया है और साथ ही 24 घंटे के अंदर हॉस्टल खाली करने का आदेश जारी कर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल की कुछ टीचर को भी चिन्हित किया गया है जिन्होंने छात्राओं को उकसाने का काम किया है। उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई होगी।

प्रदर्शन के दौरान मेन गेट कराया गया बंद

पीएमसीएच की जीएनएम छात्राओं का समर्थन करते हुए बुधवार को अस्पताल की सीनियर नर्स व पैरा मेडिकल छात्रों ने भी उनका साथ दिया। छात्राओं ने सुबह नौ बजे मेन गेट को बंद कर दिया। हालांकि इससे इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को अस्पताल के गेट पर ही रुकना पड़ा। वहीं ओपीडी में आने वाले डॉक्टरों को मेन गेट पर ही रुकना पड़ा। मामले की जानकारी जब अस्पताल के अधीक्षक को मिली तो उन्होंने मजिस्ट्रेट को सूचना दी। जिसके बाद पीरबहोर थाने की महिला पुलिस व अस्पताल की सुरक्षा कर्मियों की टीम ने गेट खुलवाया।

तोड़ा जाएगा स्कूल का भवन

पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. आइएस ठाकुर ने अखबार को बताया कि पीएमसीएच के 5500 बेड के अस्पताल बनने के क्रम में निर्माण कार्य जारी है। सभी पुराने भवनों को एक-एक कर तोड़ा जा रहा है। इसी कड़ी में जीएनएम स्कूल को भी शिफ्ट किया जा रहा है। पटना में नए भवन के लिए 36 हजार वर्गफुट की जगह व भवन नहीं मिलने के कारण नर्सिंग स्कूल को राजापाकड़ में शिफ्ट किया जा रहा है।

मांग को लेकर पहले भी हुए प्रदर्शन

बैनर पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहीं छात्राओं ने कहा कि अपनी मांग को लेकर दो मई को अधीक्षक आवास का घेराव करते हुए अशोक राजपथ व कारगिल चौक तक पैदल मार्च निकाला था। उस समय पीएमसीएच के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ने आश्वासन दिया था कि स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिख कर समस्या का निदान किया जाएगा। लेकिन कोई निदान नहीं हुआ और क्लास को शिफ्ट करने की बात कही गयी है। ऐसे में अगर स्कूल शिफ्टिंग का फैसला वापस नहीं लिया गया तो छात्राओं का आंदोलन जारी रहेगा। छात्राओं का कहना है कि राजापाकड़ में प्रैक्टिकल व मरीजों के साथ पढ़ाई करने आदि सीखने की व्यवस्था नहीं है। यहां तक कि शौचालय आदि की भी व्यवस्था सही तरीके से नहीं है। उनका कहना है कि वहां छात्राएं सुरक्षित भी नहीं हैं ऐसे में पढ़ाई करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

पीएमसीएच से दूर करने का आरोप

गत सोमवार को जीएनएम की छात्राओं ने आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने इस स्कूल में तीन साल का कोर्स किया लेकिन अब उनको यहां से दूर किया जा रहा है। छात्राओं का कहना था कि वे अब पीएमसीएच छोड़कर कहां जाएंगे। मनमानी का आरोप लगाते हुए छात्राओं ने सोमवार को अधीक्षक के कार्यालय का घेराव किया था और घंटों प्रदर्शन किया था।

छात्राओं की बात नज़रअंदाज़ करने का आरोप

छात्राओं ने आरोप लगाते हुए कहा था कि उनकी बातों को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। उनका कहना है कि पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में आईसीयू से लेकर हर प्रकार की फैसिलिटी है। इसके बावजूद उन्हें वैशाली के राजापाकड़ भेजा जा रहा है जिससे छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज में ही रखा जाए। राजापाकड़ जाने में उन्हें काफी समस्या है क्योंकि सदर अस्पताल का काफी बुरा हाल है। ऐसे में वहां जाकर क्या सीख पाएंगे।

Bihar
PMCH
PMCH hospital
GNM protest
Medical Colleges

Related Stories

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार: 6 दलित बच्चियों के ज़हर खाने का मुद्दा ऐपवा ने उठाया, अंबेडकर जयंती पर राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया

बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध

बिहार में आम हड़ताल का दिखा असर, किसान-मज़दूर-कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता

पटना: विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त सीटों को भरने के लिए 'रोज़गार अधिकार महासम्मेलन'

बिहार बजट सत्र: विधानसभा में उठा शिक्षकों और अन्य सरकारी पदों पर भर्ती का मामला 

बिहार : सीटेट-बीटेट पास अभ्यर्थी सातवें चरण की बहाली को लेकर करेंगे आंदोलन

बिहार : आशा वर्कर्स 11 मार्च को विधानसभा के बाहर करेंगी प्रदर्शन

बिहार आरआरबी-एनटीपीसी छात्र आंदोलनः महागठबंधन माले नेता ने कहा- ये सरकार लोकतंत्र विरोधी है


बाकी खबरें

  • journalist bodies
    ऋत्विका मित्रा
    प्रेस की आजादी खतरे में है, 2021 में 6 पत्रकार मारे गए: रिपोर्ट 
    04 Feb 2022
    छह पत्रकारों में से कम से कम चार की कथित तौर पर उनकी पत्रकारिता से संबंधित कार्यों की वजह से हत्या कर दी गई थी। 
  • Modi
    नीलांजन मुखोपाध्याय
    उत्तर प्रदेश चुनाव: बिना अपवाद मोदी ने फिर चुनावी अभियान धार्मिक ध्रुवीकरण पर केंद्रित किया
    04 Feb 2022
    31 जनवरी को अपनी "आभासी रैली" में प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश में पिछले समाजवादी पार्टी के "शासनकाल के डर का जिक्र" छेड़ा, जिसके ज़रिए कुछ जातियों और उपजातियों को मुस्लिमों के साथ मिलने से…
  • russia china
    एम. के. भद्रकुमार
    रुस-चीन साझेदारी क्यों प्रभावी है
    04 Feb 2022
    व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग के बीच शुक्रवार को होने वाली मुलाक़ात विश्व राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने जा रही है।
  •  Lucknow
    असद रिज़वी
    यूपी चुनाव: लखनऊ में इस बार आसान नहीं है भाजपा की राह...
    04 Feb 2022
    वैसे तो लखनऊ काफ़ी समय से भगवा पार्टी का गढ़ रहा है, लेकिन 2012 में सपा की लहर में उसको काफ़ी नुक़सान भी हुआ था। इस बार भी माना जा रहा है, भाजपा को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
  • Bundelkhand
    न्यूज़क्लिक टीम
    उप्र चुनाव: 'कैराना पलायन' के उलट बुंदेलखंड से पलायन चुनावी मुद्दा क्यों नहीं बनता
    04 Feb 2022
    बुंदेलखंड में कई गांव वीरान दिखाई देते हैं। बांस, मिट्टी, फूस, पुआल और कच्ची ईंटों से बने मकानों पर ताले लटके हुए हैं। कथित 'कैराना पलायन' के इसके विपरीत यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर हो रहे विस्थापन के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License