NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
बंगाल, असम,मेघालय में शांति, बिहार में बंद के कारण रेल-सड़क सेवाएं प्रभावित
बिहार में शनिवार को आहूत बंद के मद्देनजर कई ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई और सड़कें जाम की गई।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Dec 2019
CAA protest
Image courtesy: Facebook

कोलकाता/गुवाहाटी/पटना/शिलॉन्ग: संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ बिहार में शनिवार को आहूत बंद के मद्देनजर कई ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई और सड़कें जाम की गई, जबकि पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय में स्थिति शांतिपूर्ण रही।

बिहार में राजद के हजारों समर्थकों ने संशोधित नागरिकता कानून और प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन के तहत राज्यव्यापी बंद लागू करने की कोशिश की। इस दौरान राजधानी पटना में पार्टी के सैकड़ों समर्थक लाठियां और पार्टी के झंडे लेकर रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों में पहुंच गए, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहां से हटा दिया। प्रदर्शन में बच्चे भी शामिल रहे।

नवादा में बंद समर्थकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर प्रदर्शन किया। उन्होंने वहां सड़क पर टायर जलाए जिससे वाहनों का आवागमन बाधित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने मुजफ्फरपुर के जीरो माइल चौक पर भी प्रदर्शन किया।

इस बीच, असम और पश्चिम बंगाल में स्थिति शांतिपूर्ण रही और मेघालय में इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गईं। मेघालय में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन के मद्देनजर पिछले आठ दिन से ठप पड़ी इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है।

गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मोबाइल इंटरनेट और व्यापक स्तर पर संदेश भेजने की सेवाओं पर 12 दिसम्बर को रोक लगाई गई थी, जिसे कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बेहतर होने के बाद शुक्रवार शाम सात बजे बहाल कर दिया गया।

मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने गृह विभाग के अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया और इसके बाद राज्य में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं और एसएमएस सेवाएं बहाल करने के निर्देश दिए।

वहीं असम में पुलिस ने बताया कि कानून-व्यवस्था सुधरने के मद्देनजर डिब्रूगढ़ में शनिवार को कर्फ्यू में सुबह छह बजे से 16 घंटे की ढील दी गई। कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों के बाद यहां कर्फ्यू लगा दिया गया था।

राज्य में इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) ने दोपहर में गुवाहाटी में धरना देने का कार्यक्रम बनाया है। राज्य में नौ दिनों की रोक के बाद शुक्रवार को मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल की गईं जबकि ब्रॉडबैंड सेवाएं 18 दिसंबर से फिर से शुरू कर दी गईं थी।

संशोधित नागरिकता कानून के विरोध को लेकर पश्चिम बंगाल में किसी तरह की हिंसा की कोई खबर नहीं है और स्थिति अभी तक शांतिपूर्ण बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए राज्य में कई हिस्सों में सुरक्षा कड़ी कर दी है।

पश्चिम बंगाल की भाजपा इकाई संशोधित नागरिकता कानून 2019 के समर्थन में राज्य के कई हिस्सों में आज रैलियां और मार्च निकालेगी। वहीं माकपा-एसएफआई की छात्र शाखा कानून के खिलाफ भाजपा कार्यालय तक मार्च निकालेगी। राज्य में जारी प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में कथित संलिप्तता के मामले में अभी तक 600 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

तमिलनाडु में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन जारी

तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ शनिवार को प्रदर्शन जारी रहने के बीच यहां रेलवे स्टेशन पर माकपा कार्यकर्ताओं ने ट्रेनें रोकने की कोशिश की जिसे पुलिस ने विफल कर दिया। डेमोक्रेटिट यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) और स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) समेत माकपा से जुड़े संगठनों ने यहां एमजीआर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर ट्रेनें रोकने की कोशिश की।

जब प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनों को रोकने के लिए आगे बढ़ने की कोशिश की, तब उनके और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव हो गया। हालांकि किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के कार्यकर्ताओं ने अपने वरिष्ठ नेता नेल्लाकन्नू की अगुवाई में ‘राजभवन का घेराव करो’ अभियान के तहत राजभवन की ओर कूच किया। इस अभियान में कांग्रेस तथा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन समेत भाकपा के विभिन्न संगठनों ने हिस्सा लिया।

नेल्लाकन्नू ने लोगों और राजनीतिक दलों के विचारों को कथित रूप से सुने बगैर संसद से संशोधित नागरिकता कानून पारित कराने को लेकर केंद्र पर प्रहार किया। उन्होंने इस कानून को ‘निरंकुश’ करार दिया और कहा कि यह संविधान के मूल सिद्धांतों के विपरीत है।

तालुक ऑफिस रोड-लिटल माउंट प्वाइंट के समीप प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने राजभवन की ओर जाने से रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने संशोधित नागरिकता कानून और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक पंजी वापस लेने की मांग की। कुंभकोणम और तमिलनाडु के अन्य हिस्सों में इस्लामिक संगठनों समेत विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किए।

कांग्रेस ने केरल में विरोध प्रदर्शन तेज किए

‘भारत के संविधान की रक्षा’ करने का आह्वान करते हुए केरल में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ अपने अभियान को मजबूत करने के तौर पर शनिवार को सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किया। रमेश चेन्निथला, के सी वेणुगोपाल, मुल्लापल्ली रामचंद्रन, शशि थरूर, बेन्नी बेहनान और एम एम हसन समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस अभियान में भाग लिया।

कई जिलों में पार्टी के सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं समेत कई नेताओं ने गिरफ्तारियां दी। कोच्चि, वायनाड, कोझीकोड और तिरुवनंतपुरम समेत कुछ स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरिकेड तोड़ने और केंद्रीय सरकारी संस्थानों में घुसने की कोशिश की जिससे पुलिसकर्मियों के साथ मामूली झड़पें हुई।

उत्तर केरल के मलाप्पुरम जिले में प्रदर्शन की शुरुआत करते हुए राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता चेन्निथला ने आरोप लगाया कि केंद्र में भाजपा और उसकी सरकार देश के लोगों को हिंदुओं और मुस्लिमों के तौर पर विभाजित करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया, ‘यह निरंकुशता और फासीवाद के खिलाफ लड़ाई है। सरकार धार्मिक आधार पर देश के लोगों को बांटने वाले कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोगों को चुप कराने के लिए कठोर बल का प्रयोग कर रही है।’

प्रदेश कांग्रेस प्रमुख मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने कासरगोड जिले में प्रदर्शन की अगुवाई की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देशभर में विश्वविद्यालयों के छात्र और शिक्षाविद सीएए के खिलाफ आंदोलन की राह पर हैं।

केपीसीसी के उपाध्यक्ष और विधायक वी डी सतीशन ने कोच्चि में प्रदर्शन का आगाज किया। थरूर ने कोझीकोड में प्रदर्शन की अगुवाई की जबकि पूर्व पार्टी प्रदेश प्रमुख एम एम हासन ने तिरुवनंतपुरम में आंदोलन का आगाज किया। एआईसीसी महासचिव वेणुगोपाल ने शुक्रवार को अलाप्पुझा में सीएए विरोधी प्रदर्शन की अगुवाई की।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

CAA
Protest against CAA
West Bengal
Assam
bihar band
tamil nadu
Kerala
Congress
BJP
Protest against NRC
modi sarkar

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

पश्चिम बंगालः वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चाय बागान के कर्मचारी-श्रमिक तीन दिन करेंगे हड़ताल

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?


बाकी खबरें

  • लव पुरी
    क्या यही समय है असली कश्मीर फाइल को सबके सामने लाने का?
    04 Apr 2022
    कश्मीर के संदर्भ से जुडी हुई कई बारीकियों को समझना पिछले तीस वर्षों की उथल-पुथल को समझने का सही तरीका है।
  • लाल बहादुर सिंह
    मुद्दा: क्या विपक्ष सत्तारूढ़ दल का वैचारिक-राजनीतिक पर्दाफ़ाश करते हुए काउंटर नैरेटिव खड़ा कर पाएगा
    04 Apr 2022
    आज यक्ष-प्रश्न यही है कि विधानसभा चुनाव में उभरी अपनी कमजोरियों से उबरते हुए क्या विपक्ष जनता की बेहतरी और बदलाव की आकांक्षा को स्वर दे पाएगा और अगले राउंड में बाजी पलट पायेगा?
  • अनिल अंशुमन
    बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध
    04 Apr 2022
    भाकपा माले विधायकों को सदन से मार्शल आउट कराये जाने तथा राज्य में गिरती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराधों के विरोध में 3 अप्रैल को माले ने राज्यव्यापी प्रतिवाद अभियान चलाया
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में एक हज़ार से भी कम नए मामले, 13 मरीज़ों की मौत
    04 Apr 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 12 हज़ार 597 हो गयी है।
  • भाषा
    श्रीलंका के कैबिनेट मंत्रियों ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दिया
    04 Apr 2022
    राजनीतिक विशेषज्ञों ने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार में कमी के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट से सरकार द्वारा कथित रूप से ‘‘गलत तरीके से निपटे जाने’’ को लेकर मंत्रियों पर जनता का भारी दबाव था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License