NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पेगासस मामला : न्यायालय ने जांच रिपोर्ट सौंपने की समय-सीमा बढ़ाई
शीर्ष अदालत ने कहा कि इजराइली स्पाईवेयर को लेकर 29 ‘प्रभावित’ मोबाइल फोन की जांच की जा रही है और यह प्रक्रिया चार हफ्ते में पूरी कर ली जानी चाहिए।
भाषा
20 May 2022
sc

नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने कथित पेगासस जासूसी मामले की जांच की खातिर उसके द्वारा नियुक्त तकनीकी एवं पर्यवेक्षी समितियों के लिए रिपोर्ट सौंपने की समय-सीमा शुक्रवार को बढ़ा दी।

शीर्ष अदालत ने कहा कि इजराइली स्पाईवेयर को लेकर 29 ‘प्रभावित’ मोबाइल फोन की जांच की जा रही है और यह प्रक्रिया चार हफ्ते में पूरी कर ली जानी चाहिए।

भारत के प्रधान न्यायाधीश एन. वी. रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि तकनीकी समिति स्पाइवेयर के लिए प्रभावित मोबाइल फोन की जांच कर रही है और उसने पत्रकारों समेत कुछ लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं।

पीठ ने कहा कि ‘प्रभावित उपकरणों’ की जांच के लिए मानक संचालन प्रक्रिया को भी अंतिम रूप दिया जाएगा। उसने कहा कि तकनीकी समिति की जांच मई के अंत तक पूरी की जा सकती है और फिर पर्यवेक्षी न्यायाधीश पीठ के विचार के लिए एक रिपोर्ट तैयार करेंगे।

न्यायमूर्ति रमण ने कहा, “तकनीकी समिति द्वारा प्रक्रिया चार हफ्ते में पूरी कर पर्यवेक्षी न्यायाधीश को सूचित किया जाना चाहिए। इसके बाद पर्यवेक्षी न्यायाधीश अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।

मामले को जुलाई में सूचीबद्ध करें।” शीर्ष अदालत ने अक्टूबर 2021 में इजरायली स्पाइवेयर के कथित उपयोग की जांच के आदेश दिए थे।

एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संघ ने दावा किया था कि पेगासस स्पाइवेयर के जरिये कथित निगरानी के संभावित लक्ष्यों की सूची में 300 से अधिक सत्यापित भारतीय मोबाइल फोन नंबर शामिल थे।

Supreme Court
Pegasus
N. V. Ramana

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • एपी
    रूस-यूक्रेन अपडेट: सुरक्षा गांरटी मिलने पर नाटो की सदस्यता पर चर्चा को तैयार यूक्रेन
    22 Mar 2022
    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोमवार देर रात कहा कि वह संघर्ष-विराम, रूसी सैनिकों की वापसी और यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी के बदले में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की सदस्यता नहीं…
  • उद्धव सेठ
    यहूदियों के नरसंहार को दर्शाता उपन्यास ‘माउस’ पर प्रतिबंध सिर्फ एक पाखंड है
    22 Mar 2022
    बच्चों के लिए चित्रकथा बनाने वाले भारतीय रचनाकारों और शिक्षाविदों के मुताबिक़, टेनेसी स्कूल की ओर से लगाया गया यह प्रतिबंध बच्चों को असली ज़िंदगी की नग्नता और नस्लवाद को देखने से नहीं रोक सकता।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,581 नए मामले, 33 मरीज़ों की मौत
    22 Mar 2022
    देश में कोरोना से पीड़ित 98.74 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 24 लाख 70 हज़ार 515 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • सबरंग इंडिया
    कश्मीरी पंडितों ने द कश्मीर फाइल्स में किए गए सांप्रदायिक दावों का खंडन किया
    22 Mar 2022
    उस वक्त की हिंसा से बचे हुए लोग इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि कैसे भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तान प्रायोजित विद्रोही समूहों के कार्यों के लिए दोषी ठहराया जा रहा है और उन्हें बदनाम किया जा रहा है
  • अब्दुल रहमान
    यूक्रेन में विपक्षी राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध और 'एकीकृत सूचना नीति' लागू की गई
    22 Mar 2022
    ज़ेलेंस्की ने देश भर में ज़्यादातर वामपंथी और नाटो विरोधी पार्टियों पर प्रतिबंध लगा दिया है और अपने कदम को उचित ठहराते हुआ कहा कि रूस के साथ इन पार्टियों के कथित तौर पर गहरे संबंध हैं, इस तथ्य के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License