NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ़्तार लोगों को रिहा किया जाए: वाम दल
‘‘माकपा की पोलित ब्यूरो यह मांग करती है कि भीमा कारेगांव के मामले में गिरफ़्तार सभी कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों को हटाया जाए। महाराष्ट्र सरकार को इस मामले की जांच के लिए एसटीआई का गठन करना चाहिए।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
11 Feb 2021
भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ़्तार लोगों को रिहा किया जाए: वाम दल

नई दिल्ली: देश के प्रमुख वाम दलों ने एक खबर का हवाला देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा किया जाए।

वाम दलों ने उस खबर का हवाला दिया जिसमें दावा किया गया है कि अमेरिका की एक फॉरेंसिक प्रयोगशाला ने पाया है कि भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ्तार कार्यकर्ता रोना विल्सन के कंप्यूटर को हैक किया गया था और इसके साथ छेड़छाड़ की गई।

माकपा ने एक बयान में कहा, ‘‘माकपा की पोलित ब्यूरो यह मांग करती है कि भीमा कारेगांव के मामले में गिरफ्तार सभी कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामलों को हटाया जाए। महाराष्ट्र सरकार को इस मामले की जांच के लिए एसटीआई का गठन करना चाहिए।’’

भाकपा ने एक बयान जारी कर कहा कि इस मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।

आपको बता दें भीमा कोरेगावं मामले में नया खुलास हुआ है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि सामाजिक कार्यकर्ताओं को फ़साने की साज़िश हुई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक़ अमेरिका स्थित एक डिजिटल फोरेंसिक फर्म ने पाया है कि भीमा कोरेगांव मामले की जांच कर रही पुलिस द्वारा एक्टिविस्ट रोना विल्सन के एक लैपटॉप में मालवेयर का इस्तेमाल करते हुए "भड़काऊ" सबूत डाले गए थे। विल्सन उन 15 कार्यकर्ताओं, वकीलों और शिक्षाविदों के एक समूह में शामिल हैं, जिन्हें 1 जनवरी, 2018 को हुई हिंसा के बाद महाराष्ट्र में जेल में कैद किया गया है। इन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की कथित साजिश रचने का आरोप है।

स्क्रॉल-इन के रिपोर्ट के मुतबिक "आर्सेनल कंसल्टिंग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए,  वाशिंगटन पोस्ट  ने  है कि अमेरिकी फोरेंसिक फर्म ने पाया कि एक हमलावर(हैकर) ने एक्टिविस्ट रोना विल्सन की गिरफ्तारी से पहले उनके लैपटॉप में घुसपैठ करने के लिए मालवेयर का इस्तेमाल किया था और अपने कंप्यूटर से कम से कम 10 इंक्रिमिनेटिंग लेटर (फँसाने वाले दस्तावेज़)  विल्सन के लैपटॉप में डाले।" 

ये वह पत्र  हैं जो पुणे पुलिस ने भीमा कोरेगांव मामले में दायर आरोपपत्र में अपने प्राथमिक साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किए थे।

भीमा कोरेगांव मामले में एनआईए के अनुसार, 31 दिसंबर, 2017 को पुणे में शनिवारवाड़ा में कबीर कला मंच द्वारा आयोजित एल्गर परिषद के एक कार्यक्रम के दौरान आरोपियों ने भड़काऊ भाषण दिए।

गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं में जेल में बंद और जमानत से वंचित वकील सुधा भारद्वाज, कवि-कार्यकर्ता वरवारा राव, सुधीर धावले, रोना विल्सन, सुरेंद्र गडलिंग, शोमा सेन, महेश राउत, अरुण परेरा, वर्नोन गोंसाल्वेस, हनी बाबू, स्टेन स्वामी,  गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबड़े शामिल हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ ) 

Bhima Koregaon Case
bheema goregaon
left parties
NIA
elgar parishad
Pune Police
US Forensic Report
Rona Wilson
Malware
Planted Evidence
Arsenal Consuti

Related Stories

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

दिल्ली: ''बुलडोज़र राजनीति'' के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरे वाम दल और नागरिक समाज

कोलकाता : वामपंथी दलों ने जहांगीरपुरी में बुलडोज़र चलने और बढ़ती सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ निकाला मार्च

एनआईए स्टेन स्वामी की प्रतिष्ठा या लोगों के दिलों में उनकी जगह को धूमिल नहीं कर सकती

जहांगीरपुरी हिंसा: वाम दलों ने जारी की फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट

जहांगीरपुरी हिंसा: वाम दलों ने जारी की फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट, पुलिस की भूमिका पर सवाल

भड़काऊ बयान देने का मामला : पुणे पुलिस ने कालीचरण को हिरासत में लिया

मैंने बम नहीं बाँटा था : वरवरा राव

बिहार पंचायत चुनाव : सत्ता विरोधी प्रत्याशियों पर चल रहा पुलिस प्रशासन का डंडा!

आंदोलन की ताकतें व वाम-लोकतांत्रिक शक्तियां ही भाजपा-विरोधी मोर्चेबन्दी को विश्वसनीय विकल्प बना सकती है, जाति-गठजोड़ नहीं


बाकी खबरें

  • द लीफ़लेट
    क्या ट्विटर के पास केवल शिकायतों के आधार पर सामग्री को हटाने और यूज़र्स को ब्लॉक करने की शक्ति है?
    01 Apr 2022
    लगता है दिल्ली उच्च न्यायालय की टिप्पणी ने सहनीय सामग्री और ईशनिंदा के बीच के अंतर को धुंधला कर दिया है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,335 नए मामले, 52 मरीज़ों की मौत
    01 Apr 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 13 हज़ार 672 हो गयी है।
  • शबनम सुरिता
    आध्यात्मिक गुरु जग्गी वासुदेव के पर्यावरण मिशन पर उभरते संदेह!
    31 Mar 2022
    भारतीय आध्यात्मिक योगी जग्गी वासुदेव, जिन्हें ‘सद्गुरु’ के नाम से भी जाना जाता है, वे मिट्टी-क्षरण से होने वाले नुकसान के बारे में लोगों की जागरूकता बढ़ाने के लिए बाइक से दुनिया की हजारों किलोमीटर की…
  • सोनिया यादव
    जवानों की बढ़ती आत्महत्या का असल ज़िम्मेदार कौन?
    31 Mar 2022
    ये विडंबना ही है कि जवानों की सबसे अधिक हितैषी बनने वाली मोदी सरकार के कार्यकाल में ही जवानों ने सबसे अधिक खुदकुशी की है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,225 नए मामले, 28 मरीज़ों की मौत
    31 Mar 2022
    देश में कोरोना से अब तक 5 लाख 21 हज़ार 129 लोग अपनी जान गँवा चुके है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License