NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
अंतरराष्ट्रीय
पेरु दूसरी बार COVID-19 महामारी की चपेट में
पेरू में हर रोज़ 7,000 से अधिक नए मामले सामने आ रहे हैं और यहां लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई क्षेत्र में प्रति व्यक्ति मृत्यु दर सबसे अधिक है।
पीपल्स डिस्पैच
12 Aug 2020
पेरु दूसरी बार COVID-19 महामारी की चपेट में

पेरू दूसरी बार COVID-19 महामारी की चपेट में आ गया है। इसने जुलाई की शुरुआत में लॉकडाउन प्रतिबंध को ढ़ीला करना शुरू कर दिया था। जुलाई महीने में यहां कोरोनावायरस संक्रमण की संख्या में मामूली वृद्धि देखी गई थी। हालांकि, अगस्त के पहले दस दिनों में रोज़ाना नए मामलों में तेज़ी से वृद्धि हुई है। 33 मिलियन की आबादी वाले देश पेरू में हर रोज़ 7,000 से अधिक नए मामले सामने आ रहे हैं। संक्रमण में वृद्धि के बाद राष्ट्रपति मार्टिन विजकार्रा ने इस महीने के अंत तक आम क्वारंटीन नियमों और कर्फ्यू के साथ आपातकाल को फिर से लागू कर दिया है।

वर्तमान में पेरू लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई क्षेत्र में COVID-19 महामारी से तीसरा सबसे बुरी तरह प्रभावित देश है और दुनिया का सातवां सबसे अधिक प्रभावित देश है। 11 अगस्त तक इस देश में कोरोनोवायरस संक्रमण के 483,133 मामले सामने आए हैं और इस बीमारी से 21,276 लोगों की मौत हो गई है।

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार इस क्षेत्र में पेरू में प्रति व्यक्ति मृत्यु सबसे अधिक है और प्रति दस लाख जनसंख्या में 665.1 मौत के साथ दुनिया में पांचवां है। इस बीच, अमेरिका प्रति दस लाख की आबादी में 499.6 मौतों के साथ इस सूची में दसवें नंबर पर है और ब्राजील 485.8 मौतों के साथ ग्यारहवें स्थान पर है।

ऐसी आशंकाएं हैं कि इस देश में कोरोनोवायरस से मौत का आंकड़ा काफी अधिक हो सकता है। 27,000 से अधिक मौत के मामले ऐसे हैं जो देश के आधिकारिक मौत की संख्या में शामिल नहीं था क्योंकि पीड़ितों का मरने से पहले कोरोनोवायरस जांच नहीं किया गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के क्षेत्रीय कार्यालय पैन अमेरिकन हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (पीएएनएचओ) इन मौतों की जांच कर रहा है कि क्या ये कोरोनोवायरस से जुड़े हैं।

पेरू की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली बढ़ते मामलों से निपटने के लिए जूझ रही है। इस देश को ऑक्सीजन सिलेंडर और वेंटिलेटर की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान संकट का मूल कारण सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के संरचनात्मक फंडिंग की कमी और देश में दक्षिणपंथी सरकारों द्वारा प्रो-कॉर्पोरेट नीतियों को विशेष रूप से तानाशाह अल्बर्टो फुजीमोरी (1990-2000) द्वारा शुरू किए गए नवउदारवादी नियमों को बढ़ावा देना है।

 

Peru
COVID-19
WHO

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी


बाकी खबरें

  • LAW AND LIFE
    सत्यम श्रीवास्तव
    मानवाधिकारों और न्याय-व्यवस्था का मखौल उड़ाता उत्तर प्रदेश : मानवाधिकार समूहों की संयुक्त रिपोर्ट
    30 Oct 2021
    29 अक्तूबर को जारी हुई एक रिपोर्ट ‘कानून और ज़िंदगियों की संस्थागत मौत: उत्तर प्रदेश में पुलिस द्वारा हत्याएं और उन्हें छिपाने की साजिशें’ हमें उत्तर प्रदेश में मौजूदा कानून व्यवस्था के हालात को बेहद…
  • migrant
    सोनिया यादव
    महामारी का दर्द: साल 2020 में दिहाड़ी मज़दूरों ने  की सबसे ज़्यादा आत्महत्या
    30 Oct 2021
    एनसीआरबी के आँकड़ों के मुताबिक़ पिछले साल भारत में तकरीबन 1 लाख 53 हज़ार लोगों ने आत्महत्या की, जिसमें से सबसे ज़्यादा तकरीबन 37 हज़ार दिहाड़ी मजदूर थे।
  • UP
    लाल बहादुर सिंह
    आंदोलन की ताकतें व वाम-लोकतांत्रिक शक्तियां ही भाजपा-विरोधी मोर्चेबन्दी को विश्वसनीय विकल्प बना सकती है, जाति-गठजोड़ नहीं
    30 Oct 2021
    पिछले 3 चुनावों का अनुभव गवाह है कि महज जातियों के जोड़ गणित से भाजपा का बाल भी बांका नहीं हुआ, इतिहास साक्षी है कि जोड़-तोड़ से सरकार बदल भी जाय तो जनता के जीवन में तो कोई बड़ी तब्दीली नहीं ही आती, संकट…
  • Children playing in front of the Dhepagudi UP school in their village in Muniguda
    राखी घोष
    ओडिशा: रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में निम्न-आय वाले परिवारों के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित
    30 Oct 2021
    रिपोर्ट इस तथ्य का खुलासा करती है कि जब अगस्त 2021 में सर्वेक्षण किया गया था तो ग्रामीण क्षेत्रों में केवल 28% बच्चे ही नियमित तौर पर पठन-पाठन कर रहे थे, जबकि 37% बच्चों ने अध्ययन बंद कर दिया था।…
  • climate change
    संदीपन तालुकदार
    जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट : अमीर देशों ने नहीं की ग़रीब देशों की मदद, विस्थापन रोकने पर किये करोड़ों ख़र्च
    30 Oct 2021
    रिपोर्ट के अनुसार, विकसित देश भारी हथियारों से लैस एजेंटों को तैनात करके, परिष्कृत और महंगी निगरानी प्रणाली, मानव रहित हवाई प्रणाली आदि विकसित करके पलायन को रोकने के लिए एक ''जलवायु दीवार'' का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License