NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
किन्नरों के लिए अलग शौचालय की मांग करते हुए उच्च न्यायालय में याचिका
याचिका में कहा गया है कि उनके लिए अलग शौचालय आवश्यक हैं ताकि वे यौन हमले एवं उत्पीड़न का शिकार नहीं बनें।
भाषा
26 Jul 2021
किन्नरों के लिए अलग शौचालय की मांग करते हुए उच्च न्यायालय में याचिका
प्रतीकात्मक तस्वीर। साभार : indiakestar

नयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय में सोमवार को जनहित याचिका दायर कर किन्नरों के लिए अलग शौचालय बनाने का निर्देश अधिकारियों को देने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि उनके लिए अलग शौचालय आवश्यक हैं ताकि वे यौन हमले एवं उत्पीड़न का शिकार नहीं बनें।

मुख्य न्यायाधीश डी. एन. पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने इस याचिका पर आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय, दिल्ली सरकार, नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद्, पूर्वी दिल्ली नगर निगम, दक्षिण और उत्तरी दिल्ली नगर निगम को नोटिस जारी किये हैं। इन सभी को 13 सितंबर से पहले नोटिस के जवाब देने का निर्देश दिया गया है।

याचिका में कहा गया है कि लैंगिक आधार पर शौचालय नहीं होना उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के खिलाफ है।

प्राधिकरणों के वकील ने निर्देश हासिल करने और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा जिसके बाद अदालत ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 13 सितंबर तय की।

कानून की अंतिम वर्ष की छात्रा जसमीन कौर छाबड़ा की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने धन जारी कर दिया है लेकिन दिल्ली में किन्नरों या तृतीय लिंगी समुदाय के लिए अलग शौचालय नहीं बनाए गए हैं।

इसमें बताया गया है कि मैसूर, भोपाल और लुधियाना में उनके लिए अलग शौचालय पहले ही बनाए जा चुके हैं लेकिन राष्ट्रीय राजधानी में अभी तक इस दिशा में पहल नहीं की गई है।

transgender
Delhi High court
Separate toilets for transgenders

Related Stories

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क़ुतुब मीनार परिसर के पास मस्जिद में नमाज़ रोकने के ख़िलाफ़ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

अदालत ने ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 44 हजार बच्चों के दाख़िले पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा

दिल्ली: तुगलकाबाद के सांसी कैंप की बेदखली के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने दी राहत

मैरिटल रेप: घरेलू मसले से ज़्यादा एक जघन्य अपराध है, जिसकी अब तक कोई सज़ा नहीं

मैरिटल रेप को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, क्या अब ख़त्म होगा महिलाओं का संघर्ष?

ख़बर भी, नज़र भी: भाजपा के अपने ही बाग़ी हुए जा रहे हैं

उत्तराखंड: मानसिक सेहत गंभीर मामला लेकिन इलाज के लिए जाएं कहां?


बाकी खबरें

  • CBI
    भाषा
    नौसेना लीक मामला: सीबीआई ने नौसेना के दो कमांडर के ख़िलाफ़ आरोप-पत्र दाख़िल किया
    24 Nov 2021
    अधिकारियों ने बताया कि नए आरोप-पत्र में एजेंसी ने ‘‘आईएनएस सिंधुरत्न-एमआरएलसी परियोजना के भुगतान से संबंधित सूचना लीक करने’’ के कथित मामले में कमांडर अजीत पांडे और सेवानिवृत्त नौसैन्य अधिकारी कोमोडोर…
  • kisan modi
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    मंत्रिमंडल ने तीन कृषि क़ानून को निरस्त करने संबंधी विधेयक को मंज़ूरी दी
    24 Nov 2021
    सूचना प्रसारण मंत्री ने बताया कि संसद के 29 नवंबर को शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा एवं राज्यसभा में इन कानूनों को निरस्त करने संबंधी प्रक्रिया पूरी की जायेगी।
  • Narendra Giri
    भाषा
    महंत नरेंद्र गिरि ‘भारी मानसिक तनाव’ में थे, मानहानि से बचने के लिए की आत्महत्या: सीबीआई
    24 Nov 2021
    आरोप पत्र के मुताबिक महंत नरेंद्र गिरि को भय था कि आनंद गिरि महिला के साथ उनका कथित संपादित वीडियो जारी कर सकते हैं ताकि उनकी छवि धूमिल की जा सके।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    क्रिप्टोकरेंसी पर मोदी सरकार का नया बिल निवेशकों को राहत देगा या नुकसान?
    24 Nov 2021
    देश में 2013 में शुरू हुई क्रिप्टोकरंसी अपने शुरुआत से ही सुरक्षा कारणों के चलते सवालों के घेरे में रही है। एक अनुमान के मुताबिक भारत में क्रिप्टोकरंसी धारकों की संख्या डेढ़ से दस करोड़ के बीच हो…
  • vir das and kangana ranaut
    वृंदा गोपीनाथ
    मीडिया का ग़लत गैरपक्षपातपूर्ण रवैया: रनौत और वीर दास को बताया जा रहा है एक जैसा
    24 Nov 2021
    आइये देखें कि कैसे झूठी समानता के जरिए चुपके से यह दावा किया जा रहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा कंगना रनौत और वीर दास दोनों को ही समान रूप से प्रभावित करता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License