NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
संस्कृति
भारत
राजनीति
सरकारी कार्यक्रम में सीएए विरोधी कविता पढ़ने के मामले में कवि और पत्रकार गिरफ़्तार
पुलिस के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ सिराज ने कविता पढ़ी थी और राजबक्सी ने उसे सोशल मीडिया पर साझा किया था। भाजपा के एक नेता की शिकायत के आधार पर भादंस की धारा 505 के तहत मामला दर्ज किया गया। ’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Feb 2020
caa protest

बेंगलुरु : कर्नाटक के कोप्पल जिले में पिछले महीने एक सरकारी कार्यक्रम में सीएए विरोधी कविता पढ़ने के मामले में एक कवि और एक पत्रकार को गिरफ़्तार किया गया है।
भाजपा के एक पदाधिकारी की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया था कि कवि सिराज बिसरल्ली ने कोप्पल जिले के गंगावती में जनवरी में आयोजित ‘अनेगुंडी उत्सव’ में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ कविता पढ़ी थी और एक ऑनलाइन समाचार पोर्टल के सम्पादक राजबक्सी ने उसे सोशल मीडिया पर साझा किया था।


पुलिस ने आईपीसी की धारा 505 के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया। बिसरल्ली और राजाबक्सी ने मंगलवार को जिला अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें जांच के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया।
पुलिस के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ सिराज ने कविता पढ़ी थी और राजबक्सी ने उसे सोशल मीडिया पर साझा किया था। भाजपा के एक नेता की शिकायत के आधार पर भादंस की धारा 505 के तहत मामला दर्ज किया गया। ’’


उन्होंने कहा, ‘‘ वे इसके बाद फरार हो गए थे और मंगलवार को उन्होंने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया। ’’
इन दोनों ने अंतरिम जमानत मांगी थी। सरकारी वकील ने इसका विरोध करते हुए जांच के लिए उनकी पुलिस हिरासत की मांग की।
इसके बाद अदालत ने बिसरल्ली और राजबक्सी को बुधवार दोपहर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
पुलिस ने कहा, ‘‘ हम नए सबूत सामने आने तक इसे शायद इसे (पुलिस हिरासत) आगे बढ़ाने की मांग न करें। हमने उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं ताकि पता लगाया जा सके कि उन्होंने किससे जानकारी साझा की है।’’

 

विश्वभारती में अर्थशास्त्री प्रभात पटनायक का व्याख्यान रद्द

कोलकाता : विश्वभारती विश्वविद्यालय ने मार्क्सवादी अर्थशास्त्री और राजनीतिक टिप्पणीकार प्रभात पटनायक के आगामी व्याख्यान को रद्द कर दिया है। भाषा की ख़बर के अनुसार विश्वविद्यालय के एक सूत्र ने मंगलवार को बताया कि पटनायक 12 मार्च को देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर केंद्रीय विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा किए जा रहे आयोजन ‘अशोक रूद्र स्मृति व्याख्यान’ को संबोधित करने वाले थे। सूत्र ने बताया, ‘‘कुलपति कार्यालय से हमें बताया गया है कि विश्वविद्यालय में मौजूदा हालात के कारण प्रोफेसर पटनायक के व्याख्यान को रद्द कर दिया गया है।’’

उन्होंने बताया कि व्याख्यान के लिए धनराशि यूजीसी के विशेष सहायता बजट से आने वाली थी। कुलपति विद्युत चक्रवर्ती और प्रवक्ता अनिर्वाण सरकार बयानों के लिए उपलब्ध नहीं थे। विश्वभारती में एसएफआई के नेता सोमनाथ साव ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा शुरू किए गए केंद्रीय संस्थान में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अर्थशास्त्री के व्याख्यान को रद्द कर दिया गया।

Protest against CAA
NRC
poet
journalist
karnataka

Related Stories

हिजाब मामले पर कोर्ट का फ़ैसला, मुस्लिम महिलाओं के साथ ज़्यादतियों को देगा बढ़ावा

स्मृति शेष: वह हारनेवाले कवि नहीं थे

मंगलेश डबराल नहीं रहे

नागरिक सत्याग्रह पदयात्रियों से डरी पुलिस, गाजीपुर जिले से गिरफ्तार कर जेल में डाला

हल्ला बोल! सफ़दर ज़िन्दा है।

विशेष : पाब्लो नेरुदा को फिर से पढ़ते हुए

“तुम बिल्‍कुल हम जैसे निकले, अब तक कहाँ छिपे थे भाई...”

फ़हमीदा की ‘वसीयत’- “मुझे कोई सनद न देना दीनदारी की…”

इस ‘खोटे’ समय में एक ‘खरे’ कवि का जाना...


बाकी खबरें

  • प्रेम कुमार
    यूपी विधानसभा चुनाव : लाभार्थी वर्ग पर भारी आहत वर्ग
    08 Mar 2022
    लाभार्थी वर्ग और आहत वर्ग ने यूपी विधानसभा चुनाव को प्रभावित किया है। इसमें कोई संदेह नहीं है। मगर, सवाल यह है कि क्या इन दोनों वर्गों के मतदाताओं ने वोट करते समय जाति, धर्म और राजनीतिक प्रतिबद्धताओं…
  •  Election commission
    अनिल जैन
    जनादेश-2022:  इस बार कहीं नहीं दिखा चुनाव आयोग, लगा कि सरकार ही करा रही है चुनाव!
    08 Mar 2022
    आमतौर पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता कभी संदेह से परे नहीं रही। उस पर पक्षपात के छिट-पुट के आरोप लगते ही रहे हैं। लेकिन पिछले सात-आठ वर्षों से हालत यह हो गई है कि जो भी नया मुख्य चुनाव आयुक्त आता है, वह…
  • dalit
    ओंकार सिंह
    यूपी चुनाव में दलित-पिछड़ों की ‘घर वापसी’, क्या भाजपा को देगी झटका?
    08 Mar 2022
    पिछड़ों के साथ दलितों को भी आश्चर्यजनक ढंग से अपने खेमे में लाने वाली भाजपा, महंगाई के मोर्चे पर उन्हें लंबे समय तक अपने साथ नहीं रख सकती। 
  • EXIT POLL
    न्यूज़क्लिक टीम
    5 राज्यों की जंग: ज़मीनी हक़ीक़त, रिपोर्टर्स का EXIT POLL
    08 Mar 2022
    देश के पांच महत्वपूर्ण राज्यों यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर ने अपना फ़ैसला सुना दिया है। जनादेश ईवीएम में बंद हो चुका है। लेकिन उससे पहले ही एग्ज़िट पोल के बक्से खुल चुके हैं। लेकिन हम न…
  • सोनम कुमारी
    भाजपा ने अपने साम्प्रदायिक एजेंडे के लिए भी किया महिलाओं का इस्तेमाल
    08 Mar 2022
    वर्ष 2019 में जब पूरे देश में CAA कानून का विरोध हो रहा था और मुस्लिम महिलाएँ सड़कों पर नागरिकता पर उठे सवालों का प्रतिरोध कर रही थी,  तब बीजेपी के कई नेताओं ने उन्हें “रेप” की धमकी दी और शाहीन बाग…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License