NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पोलैंडः पैरोक प्लांट के कर्मचारियों को एक सप्ताह की हड़ताल के बाद जीत मिली
एक सप्ताह की हड़ताल के बाद पोलैंड के ट्रेज़ेमेस्ज़्नो में स्टोन वूल इंसुलेशन के निर्माता पैरोक पोल्स्का के कर्मचारियों ने अधिक इंटर्नशिप बोनस, वेतन वृद्धि और रोज़गार अनुबंधों को बढ़ाने की जीत हासिल कर ली।
पीपल्स डिस्पैच
12 Aug 2021
Workers Strike Poland

स्टोन वूल इंसुलेशन का उत्पादक पैरोक पोल्सका के कर्मचारियों द्वारा शुरु की गई एक सप्ताह की लंबी हड़ताल 11 अगस्त को तड़के सफलतापूर्वक समाप्त हो गया क्योंकि प्रबंधन ने कर्मचारियों द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। अमेरिका स्थित ओवेन्स कॉर्निंग के पैरोक पोल्सका के ट्रेज़ेमेस्ज़्नो प्लांट के कर्मचारियों ने अस्थायी अनुबंधों के दुरुपयोग को समाप्त करने, इंटर्नशिप भत्ते में वृद्धि करनेे और वार्षिक वेतन वृद्धि करने की मांग करते हुए ट्रेज़ेमेस्नो में लेबर कन्फेडरेशन के समन्वय से 4 अगस्त को हड़ताल शुरू की। वामपंथी सांसद; एग्निस्ज़्का डिज़िमियानोविक्ज़-बेक और पोलैंड के वामपंथी गठबंधन; लेविका रज़ेम ने हड़ताल के दौरान मज़दूरों को अपना समर्थन दिया है।

Strajk.eu की रिपोर्ट के अनुसार, पैरोक प्रबंधन और एक स्वतंत्र अधिवक्ता संघ के सदस्यों द्वारा मध्यस्थता वाले कर्मचारियों के प्रतिनिधि के बीच हुई बातचीत में कर्मचारियों को इस वर्ष 64.08 यूएसडी की सकल वृद्धि और अगले प्रत्येक दो वर्षों के लिए अतिरिक्त 76.90 यूएसडी का भुगतान करने पर सहमति हुई है। इस समझौते के अनुसार, जिन लोगों ने पैरोक पोल्सका में पांच साल तक काम किया है, उन्हें 35.88 अमेरिकी डॉलर का इंटर्नशिप भत्ता मिलेगा और 15 साल के अनुभव वाले लोगों को 107.65 अमेरिकी डॉलर मिलेगा, जो वर्तमान में सिर्फ 17.94 अमेरिकी डॉलर है।

ट्रेज़ेमेस्ज़्नो में स्थित 780 कर्मचारी वाला ये प्लांट भी जांट के आधार पर कर्मचारियों के अस्थायी अनुबंध का विस्तार करने के लिए सहमत हो गया है। ट्रेज़ेमेस्ज़्नो में कर्मचारियों की सफलता को पोलिश वर्किंग क्लास के हाल के इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर माना गया है। पैरोक समूह स्टोन ऊल इन्सुलेशन का एक अंतरराष्ट्रीय उत्पादक है और ट्रेज़ेमेस्ज्नो में कंपनी की पोलिश शाखा अपने उद्योग में एक प्रमुख उत्पादन केंद्र है। भले ही कंपनी रिकॉर्ड मुनाफे हासिल कर रही है, पर जब तक कि कर्मचारी हड़ताल पर नहीं चले गए प्रबंधन कर्मचारियों को उनके हिस्से का लाभ देने के लिए अनिच्छुक रहा है।

Poland
Paroc plant workers
Workers Strike
Workers Strike Poland

Related Stories

यूक्रेन: यूरोप द्वारा रूस पर प्रतिबंध लगाना इसलिए आसान नहीं है! 

लुधियाना: PRTC के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'

स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है

भारत की तरह पौलेंड में भी पेगासस पर मचा हंगामा, विपक्षी नेताओं के फोन हैक करने का आरोप

अर्बन कंपनी से जुड़ी महिला कर्मचारियों ने किया अपना धरना ख़त्म, कर्मचारियों ने कहा- संघर्ष रहेगा जारी!

निर्माण मज़दूरों की 2 -3 दिसम्बर को देशव्यापी हड़ताल,यूनियन ने कहा- करोड़ों मज़दूर होंगे शामिल

यूपी में अनीमिया, भुखमरी के शिकार बच्चे बढ़े, दिल्ली में श्रमिकों ने की हड़ताल और अन्य ख़बरें

दिल्ली में मज़दूरों ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार के ख़िलाफ़ हड़ताल की


बाकी खबरें

  • china
    रिचर्ड डी. वोल्फ़
    चीन ने अमेरिका से ही सीखा अमेरिकी पूंजीवाद को मात देना
    22 Nov 2021
    चीन में औसत वास्तविक मजदूरी भी हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ी है, जो देश की अपनी आर्थिक प्रणाली की एक और सफलता का संकेतक है। इसके विपरीत, अमेरिकी वास्तविक मजदूरी हाल ही में स्थिर हुई है। संयुक्त…
  • kisan andolan
    असद रिज़वी
    लखनऊ में किसान महापंचायत: किसानों को पीएम की बातों पर भरोसा नहीं, एमएसपी की गारंटी की मांग
    22 Nov 2021
    संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर हुई “किसान महापंचयत” में जमा किसानों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों को वापस लेने की घोषणा पर विश्वास की कमी दिखी। किसानों का कहना…
  • farmers movement
    सुबोध वर्मा
    यूपी: कृषि कानूनों को रद्दी की टोकरी में फेंक देने से यह मामला शांत नहीं होगा 
    22 Nov 2021
    ऐसी एक नहीं, बल्कि ढेर सारी वजहें हैं जिसके चलते लोग, खासकर किसान, योगी-मोदी की ‘डबल इंजन’ वाली सरकार से ख़फ़ा हैं।
  • Abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    ज़ी न्यूज़ के संपादक को UAE ने अपने देश में आने से रोका
    22 Nov 2021
    बोल' के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा, देश के मेनस्ट्रीम मीडिया और सरकार का अमूमन बचाव करने वाले जी न्यूज़ के संपादक 'सुधीर चौधरी' की चर्चा कर रहे हैंI ज़ी न्यूज़ के संपादक 'सुधीर चौधरी'…
  • modi
    अनिल जैन
    प्रधानमंत्री ने अपनी किस 'तपस्या’ में कमी रह जाने की बात कही?
    22 Nov 2021
    प्रधानमंत्री कहते हैं कि यह समय किसी को भी दोष देने का नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि यह समय नहीं है दोष देने का तो फिर सरकार के दोषों पर कब चर्चा होनी चाहिए और क्यों नहीं होनी चाहिए?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License