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पोलैंड की सीनेट ने न्यायपालिका को कमज़ोर करने वाली बिल को खारिज किया
पोलैंड के राष्ट्रपति के अनुमोदन के साथ रूढ़िवादी लॉ एंड जस्टिस (पीआईएस) पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार अभी भी विवादास्पद न्यायिक सुधारों की आलोचना करने वाले न्यायाधीशों के लिए सजा देने वाले इस विधेयक को लागू कर सकती है।
पीपल्स डिस्पैच
18 Jan 2020
poland
विपक्षी दलों के प्रभुत्व वाले 100 सीट के सीनेट में 51 सदस्यों ने इस विधेयक के खिलाफ और 48 सदस्यों ने पक्ष में मतदान किया।

17 जनवरी यानी शुक्रवार को पोलैंड संसद के उच्च सदन सीनेट ने सत्तारूढ़ रूढ़िवादी सरकार द्वारा शुरू किए गए न्यायिक सुधारों की आलोचना करने वाले न्यायाधीशों के लिए सजा देने वाले विवादास्पद बिल को खारिज कर दिया था। तीन वोटों के अंतर इसे खारिज किया गया। 100 सीट वाले इस सीनेट में बिल को खारिज करने के पक्ष में 51 वोट पड़े जबकि बिल के समर्थन में 48 वोट पड़े। भले ही विपक्षी-प्रभुत्व वाले सीनेट ने इस विधेयक को खारिज कर दिया हो लेकिन सरकार अभी भी राष्ट्रपति के अनुमोदन के साथ कानून बना सकती है क्योंकि इस विधेयक को पहले सत्ताधारी लॉ एंड जस्टिस (पीआईएस) पार्टी के वर्चस्व वाले निचले सदन द्वारा पिछले साल दिसंबर में अनुमोदित किया गया था।

देश में रूढ़िवादी सरकार न्यायपालिका को अधीन करने के प्रयास में 2015 से एक विवादास्पद न्यायिक सुधार पर जोर दे रही है और इसने सिविल सोसाइटी, वामपंथी दलों और यहां तक कि यूरोपीय संघ (ईयू) की तरफ से होने वाले व्यापक विरोध प्रदर्शन को भी दबा दिया था। इन सुधारों में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 70 से 65 तक कम करना और पोलैंड के राष्ट्रपति को "योग्य" समझे जाने वाले न्यायाधीशों के कार्यकाल को पांच साल तक बढ़ाना शामिल है।

शुक्रवार को सीनेट में डाले गए वोट के बाद एक्टिविस्ट ग्रुप अक्सजा डेमोक्रासजा ने कहा है कि "पोलैंड की सीनेट द्वारा इस बिल को अस्वीकार करना पोलैंड में कानून के शासन को सुधारने के रास्ते पर एक सफलता है। अब अगला कदम उठाने का समय आ गया है कि हमें न्याय प्रणाली को विनाश से बचाने के लिए सत्तारूढ़ सरकार का विरोध करने के लिए अपनी कार्रवाई जारी रखनी चाहिए।”

इससे पहले 18 दिसंबर को पोलैंड में 160 से अधिक स्थानों पर इस न्यायिक सुधारों के खिलाफ बड़े पैमाने पर आंदोलन हुए थे। इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन कमेटी फॉर डिफेंस ऑफ़ डेमोक्रेसी (केओडी), न्यायपालिका संघ "जस्टिसिया पोल्स्का", नागरिक आंदोलन ओआरपी, अक्सजा डेमोक्रासजा और विपक्षी दल जिसमें पोलैंड की लेफ्ट पार्टी लेविका रेज़ेम और विओसना के नेतृत्व में किया गया था।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Poland
Poland's Senate
PIS
Poland Parliament
Conservative Government
Protests

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