NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
पत्रकारों के साथ पुलिस की हिंसा लोकतंत्र का ‘‘गला घोंटना’’: एडिटर्स गिल्ड
गिल्ड ने एक बयान में कहा कि पुलिस बलों को यह याद रखना चाहिए कि पत्रकार समाचार एकत्र करने का अपना दायित्व पूरा करने के लिए प्रदर्शन स्थलों पर मौजूद होते हैं, जिसका अधिकार उन्हें संविधान ने दिया है।
भाषा
23 Dec 2019
Police brutality
फाइल फोटो 

दिल्ली : एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में जारी प्रदर्शनों में पत्रकारों के खिलाफ की गई ‘‘हिंसा एवं बर्बरता’’ की सोमवार को निंदा की और कहा कि इस प्रकार के कदम लोकतंत्र की आवाज का ‘‘गला घोंटते’’ हैं।

उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग कर रहे कई पत्रकारों को हिरासत में लिया गया। इन पत्रकारों में ‘द हिंदू’ समाचार पत्र के संवाददाता उमर राशिद भी शामिल हैं, जिन्हें लखनऊ में हिरासत में लिया गया। 

इसे भी पढ़े: "मुझे मास्टरमाइंड बताकर धोखे से घर से उठा लिया"

गिल्ड ने एक बयान में कहा कि पुलिस बलों को यह याद रखना चाहिए कि पत्रकार समाचार एकत्र करने का अपना दायित्व पूरा करने के लिए प्रदर्शन स्थलों पर मौजूद होते हैं, जिसका अधिकार उन्हें संविधान ने दिया है।

बयान में कहा गया, ‘‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया देश के विभिन्न हिस्सों में, खासकर कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में मीडियाकर्मियों के खिलाफ पिछले एक सप्ताह में पुलिस द्वारा की गई हिंसा और बर्बरता के विभिन्न कृत्यों की निंदा करता है।’’

संस्था ने कहा, ‘‘गिल्ड देशभर के पुलिस बलों को यह याद दिलाता है कि प्रदर्शन स्थलों पर विभिन्न परिसरों में मौजूद पत्रकार सूचना एकत्र करने और अपने मीडिया मंचों के जरिए लोगों तक उन्हें पहुंचाने का अपना कर्तव्य पूरा कर रहे हैं, जिसका उन्हें संविधान ने अधिकार दिया है।

अपना काम कर रहे पत्रकारों के खिलाफ बल प्रयोग या हिंसा लोकतंत्र की आवाज और मीडिया की स्वतंत्रता का गला घोंटती है।’’

गिल्ड ने गृह मंत्रालय से कहा कि वह पुलिस को पत्रकारों को सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दे और इस समय पत्रकारों को निशाना बनाने की जगह ‘‘उचित’’ और‘‘जिम्मेदार’’ कवरेज सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। पत्रकारों के खिलाफ हिंसा जैसे कृत्यों से यह संभव नहीं है।

इसे भी पढ़े: द हिंदू के पत्रकार की आपबीती: 'ख़ामोश बैठे रहो वरना दंगे की साज़िश की धारा तहत कार्रवाई करेंगे'

attack on journalists
journalist
Constitution of India
Journalist's Right
Editors Guild
Indian democracy
Aisi Taisi Democracy
Violence
CAA
NRC

Related Stories

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

बलिया: पत्रकारों की रिहाई के लिए आंदोलन तेज़, कलेक्ट्रेट घेरने आज़मगढ़-बनारस तक से पहुंचे पत्रकार व समाजसेवी

पत्रकारों के समर्थन में बलिया में ऐतिहासिक बंद, पूरे ज़िले में जुलूस-प्रदर्शन

पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव

बंगाल हिंसा मामला : न्याय की मांग करते हुए वाम मोर्चा ने निकाली रैली

देश बड़े छात्र-युवा उभार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर बढ़ रहा है

पत्रकार हत्याकांड- कैसे मेडिकल माफिया का अड्डा बन गया छोटा सा कस्बा बेनीपट्टी?

यूपी के चंदौली में 50 दिन से धरने पर बैठा है एक पत्रकार, लेकिन कोई सुनवाई नहीं

दिल्ली पुलिस की 2020 दंगों की जांच: बद से बदतर होती भ्रांतियां

सीएए : एक और केंद्रीय अधिसूचना द्वारा संविधान का फिर से उल्लंघन


बाकी खबरें

  • कुपवाड़ा में जनाज़े के दौरान नारेबाज़ी  के आरोप में यूएपीए के तहत गिरफ़्तार 8 युवक  ‘बेकसूर’: ग्रामीण
    अनीस ज़रगर
    कुपवाड़ा में जनाज़े के दौरान नारेबाज़ी  के आरोप में यूएपीए के तहत गिरफ़्तार 8 युवक  ‘बेकसूर’: ग्रामीण
    05 Jun 2021
    एक महीने से कम समय में यह दूसरी इस प्रकार की घटना है जहाँ पुलिस ने कुपवाड़ा में विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी के आरोप में मातम मना रहे लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
  • यूपी: एसआरएन अस्पताल का मामला शासन-प्रशासन पर कई सवाल क्यों खड़े करता है?
    सोनिया यादव
    यूपी: एसआरएन अस्पताल का मामला शासन-प्रशासन पर कई सवाल क्यों खड़े करता है?
    05 Jun 2021
    इस मामले में अस्पताल और पुलिस प्रशासन दोनों सवालों के घेरे में हैं। पुलिस पर आरोप लग रहा है कि पहले उसने खुद ही एफआईआर दर्ज ना कराने का दबाव बनाया और फिर खुद ही यह भी कहा कि परिवार की तरफ से एफआईआर…
  • मोहन भागवत समेत कई आरएसएस पदाधिकारियों के ट्विटर अकाउंट से हटा ब्लू टिक
    राज कुमार
    मोहन भागवत समेत कई आरएसएस पदाधिकारियों के ट्विटर अकाउंट से हटा ब्लू टिक
    05 Jun 2021
    सवाल ये नहीं है कि ट्विटर ने इन अकाउंट से ब्लू टिक क्यों हटाया बल्कि सवाल ये है कि निष्क्रिय होने के बावजूद इन अकाउंट को ब्लू टिक क्यों दिया?
  • कटाक्ष: तीसरी लहर को आने दो, लगे रहो छोटा भाई!
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: तीसरी लहर को आने दो, लगे रहो छोटा भाई!
    05 Jun 2021
    छोटा भाई ने किसी गफलत की गुंजाइश नहीं छोड़ी और शुरू में ही साफ कर दिया है कि मोटा भाई के ही नेतृत्व में, दूसरी लहर को नियंत्रित किया गया है।
  • मनरेगा
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    माकपा ने एससी-एसटी के लिए मनरेगा मज़दूरी पर परामर्श को लेकर उठाए सवाल
    05 Jun 2021
    "यहां मुख्य मुद्दा नरेगा के तहत काम की कमी है। अप्रैल-मई में काम के औसत दिन पिछले साल से 20 दिन प्रति घर कम हुए हैं। महामारी की दूसरी लहर ने नौकरी के अवसरों को खत्म कर दिया है और नरेगा के तहत काम का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License