NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
प्रधानमंत्री मोदी का रविवार को जनता कर्फ़्यू का आह्वान
राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से अपील की कि रविवार, 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक लोग अपने घरों में ही रहें। न सड़कों पर निकलें और न सोसायटी या मोहल्ले में जमा हों।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Mar 2020
प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कोरोना संकट पर देश के नाम संबोधन में कहा कि प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध में भी इतने देश प्रभावित नहीं हुए थे जितना की कोरोना वायरस से हुए हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण पूरा विश्व संकट से गुजर रहा है और प्रत्येक भारतीय को सतर्क रहना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि यह मानना गलत है कि भारत पर कोरोना वायरस का असर नहीं पड़ेगा। ऐसी महामारी में ‘हम स्वस्थ, जगत स्वस्थ’ मंत्र काम आ सकता है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में एक भाव उभरा है कि सबकुछ ठीक है, यह मानसिकता ठीक नहीं है। 

उन्होंने कहा कि आप सड़कों पर घूमते रहेंगे, बाजारों में जाते रहेंगे, और स्थिति से बचे रहेंगे, यह सोच ठीक नहीं है। मुझे आपके कुछ हफ्ते, कुछ समय चाहिए।

मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए कोई मुक्कमल उपाय नहीं मिला है न ही कोई टीका विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि 60 से उपर की आयु वाले लोग घरों से बाहर नहीं निकलें और बहुत जरूरी होने पर ही घरों से निकलें। 

मोदी ने कहा, मैं लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे नियमित जांच के लिए अस्पताल जाने से बचे ताकि स्वास्थ्यकर्मियों पर दबाव कम हो। 
 
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के असर और प्रभाव रोकने के लिए सामाजिक दूरी बहुत ही महत्वपूर्ण है।

उन्होंने रविवार, 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक जनता कर्फ़्यू का आह्वान किया। उनके मुताबिक जनता कर्फ़्यू का मतलब जनता द्वारा जनता के लिए खुद पर रोक लगाना है। लोग अपने घरों में ही रहें। न सड़क पर निकलें और न सोसायटी या मोहल्ले में जमा हों।

मोदी के अनुसार 22 मार्च को हमारा यह प्रयास, हमारा आत्म संयम, देश हित में कर्तव्य पालन के संकल्प का एक मजबूत प्रतीक होगा।

उन्होंने कहा कि इसी के साथ 22 मार्च की शाम पांच बजे, हमें डॉक्टरों, चिकित्सा के पेशों में लगे लोग, साफ-सफाई में लगे कर्मचारियों को उनकी सेवा के लिए धन्यवाद देना चाहिए। इसके लिए उन्होंने लोगों से अपने घरों के दरवाज़े, बॉलकनी या खिड़की में खड़े होकर ताली, घंटी या थाली बजाने की बात कही। 

उन्होंने आश्वस्त किया कि देश में खाने-पीने के सामान की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा, मैं देशवासियों को इस बात के लिए भी आश्वस्त करता हूं कि देश में दूध, खाने-पीने का सामान, दवाइयां,जीवन के लिए ज़रूरी ऐसी आवश्यक चीज़ों की कमी ना हो इसके लिए तमाम कदम उठाए जा रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने कोरोना के अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे देश-दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के चलते अर्थव्यवस्था के समक्ष उपजी चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने कोरोना वायरस आर्थिक प्रक्रिया कार्यबल गठित करने का फैसला किया है।

उन्होंने इस समय को मध्य वर्ग, निम्न मध्यवर्ग और गरीबों के लिए मुश्किल भरा बताया और उच्च आय वर्ग और अमीरों से अपील की कि इस दौरान अपने यहां काम करने वाले अगर काम पर न आ सकें तो उनका वेतन न काटें। क्योंकि उन्हें भी अपना परिवार चलाना और बचाना है।

उन्होंने कहा कि संकट के इस समय में मेरा देश के व्यापारी जगत, उच्च आय वर्ग से भी आग्रह है कि अगर संभव है तो आप जिन-जिन लोगों से सेवाएं लेते हैं, उनके आर्थिक हितों का ध्यान रखें।
 
उन्होंने कहा कि लोगों को संकल्प लेना चाहिए कि वे केंद्र और राज्य सरकारों के परामर्श का अनुपालन करेंगे।  

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Narendra modi
Coronavirus
COVID-19
Public Curfew
Fight with Corona
जनता कर्फ़्यू

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • बिहार में बाढ़: पिछले 48 घंटों में पूर्वी चंपारण, भागलपुर में कई गांव डूबे, बहुत सारे लोग विस्थापित
    मोहम्मद इमरान खान
    बिहार में बाढ़: पिछले 48 घंटों में पूर्वी चंपारण, भागलपुर में कई गांव डूबे, बहुत सारे लोग विस्थापित
    04 Sep 2021
    गंडक, कोशी नदियों के उफ़ान से हुए कटाव ने कई परिवारों को बेघर कर दिया है। कई परिवारों को अब भी सरकारी मदद का इंतजार है।
  • मध्य प्रदेश में बढ़ती सांप्रदायिक हिंसा की क्या है वजह?
    काशिफ़ काकवी
    मध्य प्रदेश में बढ़ती सांप्रदायिक हिंसा की क्या है वजह?
    04 Sep 2021
    पुलिस के मुताबिक़ मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में सितंबर 2020 से अब तक सांप्रदायिक हिंसा के 12 मामले सामने आ चुके हैं।
  • असम टी ट्राइब्स को फिर मिले अस्पष्ट वादे
    सबरंग इंडिया
    असम टी ट्राइब्स को फिर मिले अस्पष्ट वादे
    04 Sep 2021
    पांच घंटे चली बैठक के बाद भी चाय बागान कर्मियों की मांगों के अनुरूप टी ट्राइब्स को एसटी का दर्जा देने या दिहाड़ी मजदूरी बढ़ाने पर कोई प्रतिबद्धता नहीं नजर आई
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 42,618 नए मामले, 330 मरीज़ों की मौत
    04 Sep 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 1.23 फ़ीसदी यानी 4 लाख 5 हज़ार 681 हो गयी है।
  • अगर मुस्लिमों के भीतर भी जाति है तो इनकी आवाज़ जातिवार जनगणना की मांग में क्यों दब रही है?
    अजय कुमार
    अगर मुस्लिमों के भीतर भी जाति है तो इनकी आवाज़ जातिवार जनगणना की मांग में क्यों दब रही है?
    04 Sep 2021
    भारत में सामाजिक न्याय के विचार को ज़मीन पर उतारने के लिए अगर जातिवार जनगणना की ज़रूरत है तो गैर हिंदू धर्म खासतौर पर मुस्लिम समुदाय से जुड़े भीतरी भेदभाव की संरचना को जाने और अनजाने नज़रअंदाज़ करना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License