NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जम्मू में जनजातीय परिवारों के घर गिराए जाने के विरोध में प्रदर्शन 
पीड़ित परिवार गुज्जर-बकरवाल जनजाति के हैं, जो इस क्षेत्र के सबसे हाशिए पर रहने वाले समुदायों में से एक हैं। यह समुदाय सदियों से ज्यादातर खानाबदोश चरवाहों के रूप में रहा है।
अनीस ज़रगर
13 Jan 2022
jammu and kashmir

श्रीनगर: जम्मू में अधिकारियों ने मंगलवार को रूप नगर इलाके में लगभग एक दर्जन जनजातीय परिवारों के घरों को ध्वस्त करने का आदेश दिया, जिसका इलाके में व्यापक निंदा की गई और विरोध किया गया। 

जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) के अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों ने जम्मू के बाहरी इलाके में उस जमीन पर बेदखली अभियान चलाया, जिस पर उनका दावा है कि वह जमीन सरकारी है और उस पर कई परिवारों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। 

पीड़ित परिवार गुज्जर-बकरवाल जनजाति के हैं, जो इस क्षेत्र के सबसे हाशिए पर रहने वाले समुदायों में से एक हैं। यह समुदाय सदियों से ज्यादातर समय खानाबदोश चरवाहों के रूप में रहा है। एक स्थानीय व्यक्ति चौधरी नज़ीर ने न्यूज़क्लिक को बताया कि यह अभियान मंगलवार की सुबह चलाया गया था। ऐसा पहली बार था, जब यहां के निवासियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की जा रही थी। 

​"​​ये लगभग एक दर्जन परिवार हैं, जो यहां 70 से 75 साल पहले से रह रहे हैं और हम पहली बार उनके खिलाफ बेदखली की कार्रवाई होते देख रहे हैं। अधिकारियों ने किसी भी परिवार को इसके बारे में समय से पहले सूचित नहीं किया, न ही उन्होंने कोई पूर्व नोटिस भेजा,” नजीर ने कहा। 

एक जनजातीय कार्यकर्ता फैसल राजा ने कहा कि सर्दियों के मौसम में इन परिवारों के लिए भोजन और आश्रय का प्रबंध किए बिना ही उन्हें दयनीय दशा में छोड़ दिया गया था। उन्होंने कहा, "इन परिवारों में कई बच्चे और कई बुजुर्ग हैं, जो अब सड़क पर बेसहारा हैं।" 

बेदखली अभियान चलाए जाने के बाद, गुर्जर-बकरवाल समुदाय के सदस्यों ने बुधवार को जम्मू में इन परिवारों के खिलाफ कार्रवाई को "मनमाना" बताते हुए प्रदर्शन किया। दर्जनों प्रदर्शनकारियों ने विध्वंस अभियान की निंदा करते हुए अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। 

गुर्जर बकरवाल युवा कल्याण सम्मेलन जम्मू-कश्मीर (JKGBYWC) के उपाध्यक्ष शौकत चौधरी ने जेडीए के अभियान को "चयनात्मक" करार दिया और इसके अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की। 

​चौधरी ने कहा कि "​जनजातियों का चयनात्मक निष्कासन और उन्हें बेघर करना, इस दलित समुदाय को उखाड़ फेंकने का एक नया तरीका है। मैं जेडीए की इस अमानवीय कार्रवाई की कड़ी निंदा करता हूं और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करता हूं।” 

पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी इस विध्वंस अभियान को "चयनात्मक" और उन नीतियों का हिस्सा बताया, जिसके बारे में उनका आरोप था कि वे "सांप्रदायिक" थीं। 

​मेहबूबा ने अपने ट्वीट में लिखा, "​जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा जम्मू में घरों को चुनिंदा तरीके से गिराना और जनजातीय समुदायों को बेघर करना अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर अपनी नफरत को बाहर निकालने का एक और तरीका है। ऐसा मालूम होता है कि ये सांप्रदायिक नीतिगत निर्णय शीर्ष पर स्वीकृत हैं। लोगों को इस तरह के अत्याचारों के खिलाफ खड़े होने की जरूरत है।” 

​हालांकि, जेडीए के उपाध्यक्ष पंकज मगोत्रा ने न्यूज़क्लिक को बताया कि विभाग के खिलाफ चयनात्मक होने के आरोप ‘सही नहीं’ हैं।​ 

“​हमने केवल प्रक्रिया का पालन किया है और हम एक सरकारी निकाय हैं, इसलिए हम चयनात्मक नहीं हो सकते। यह मामला नहीं है, और यह कभी भी मामला नहीं हो सकता है,”मगोत्रा ने कहा।

अधिकारी ने कहा कि यह मामला अदालत में चला था, पर इसमें हार हो गई थी। उन्होंने कहा, "हमने उस कॉलोनी में पहले ही भूखंड आवंटित कर दिए हैं, और हमने उन्हें इंतजार कर रहे लोगों को बेच दिया है, और हम उनके लिए भी जवाबदेह हैं।"

जम्मू उच्च न्यायालय के एक वकील, शाहिद चौधरी, जो पीड़ित समुदाय से भी ताल्लुक रखते हैं, उन्होंने कहा कि अधिकारियों को परिवारों के साथ “मानवीय आधार” पर व्यवहार करना चाहिए था। उन्होंने प्रशासन पर वंचित समुदाय को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया।

​​"​अधिकारियों का कहना है कि 'हम अपना काम कर रहे हैं', लेकिन यह न्याय नहीं है, जब वे लोगों को उनके स्थानों से उखाड़ फेंकते हैं। क्षेत्र एक सड़क से जुड़ा हुआ है; पानी और बिजली की आपूर्ति भी है। इन परिवारों को इस क्षेत्र में कैसे बसने दिया गया और पहली बार में ये सुविधाएं कैसे प्रदान की गईं?”चौधरी ने श्रीनगर में न्यूज़क्लिक से बात करते हुए पूछा।​

अंग्रेजी में मूल रूप से प्रकाशित लेख को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें 

Protest Erupts as Authorities Demolish Tribal Families’ Homes in Jammu

Jammu and Kashmir
land acquisition
Gujjar Bakerwal Community
tribal rights

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम जॉब पैकेज में कोई सुरक्षित आवास, पदोन्नति नहीं 

यासीन मलिक को उम्रक़ैद : कश्मीरियों का अलगाव और बढ़ेगा

भारत को राजमार्ग विस्तार की मानवीय और पारिस्थितिक लागतों का हिसाब लगाना चाहिए

आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रक़ैद

जम्मू में आप ने मचाई हलचल, लेकिन कश्मीर उसके लिए अब भी चुनौती


बाकी खबरें

  • night curfew
    रवि शंकर दुबे
    योगी जी ने नाइट कर्फ़्यू तो लगा दिया, लेकिन रैलियों में इकट्ठा हो रही भीड़ का क्या?
    24 Dec 2021
    देश में कोरोना महामारी फिर से पैर पसार रही है, ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों ने राज्यों को नाइट कर्फ़्यू लगाने पर मजबूर कर दिया है, जिसके मद्देनज़र तमाम पाबंदिया भी लगा दी गई है, लेकिन सवाल यह है कि रैलियों…
  • kafeel khan
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोरखपुर ऑक्सिजन कांड का खुलासा करती डॉ. कफ़ील ख़ान की किताब
    24 Dec 2021
    न्यूज़क्लिक के इस वीडियो में वरिष्ठ पत्रकार परंजोय गुहा ठाकुरता डॉ कफ़ील ख़ान की नई किताब ‘The Gorakhpur Hospital Tragedy, A Doctor's Memoir of a Deadly Medical Crisis’ पर उनसे बात कर रहे हैं। कफ़ील…
  • KHURRAM
    अनीस ज़रगर
    मानवाधिकार संगठनों ने कश्मीरी एक्टिविस्ट ख़ुर्रम परवेज़ की तत्काल रिहाई की मांग की
    24 Dec 2021
    कई अधिकार संगठनों और उनके सहयोगियों ने परवेज़ की गिरफ़्तारी और उनके ख़िलाफ़ चल रहे मामलों को कश्मीर में आलोचकों को चुप कराने का ज़रिया क़रार दिया है।
  •  boiler explosion
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    गुजरात : दवाई बनाने वाली कंपनी में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा, चपेट में आए आसपास घर बनाकर रह रहे श्रमिक
    24 Dec 2021
    गुजरात के वडोदरा में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा हो गया, जिसकी चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।
  • Uddhav Thackeray
    सोनिया यादव
    लचर पुलिस व्यवस्था और जजों की कमी के बीच कितना कारगर है 'महाराष्ट्र का शक्ति बिल’?
    24 Dec 2021
    न्याय बहुत देर से हो तो भी न्याय नहीं रहता लेकिन तुरत-फुरत, जल्दबाज़ी में कर दिया जाए तो भी कई सवाल खड़े होते हैं। और सबसे ज़रूरी सवाल यह कि क्या फांसी जैसी सज़ा से वाक़ई पीड़त महिलाओं को इंसाफ़ मिल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License