NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
जोवेनेेेल मोइसे की तानाशाही के ख़िलाफ़ हैती के लोगों का विरोध जारी
जोवेनेल मोइसे का राष्ट्रपति पद 7 फरवरी को समाप्त हो गया लेकिन उन्होंने सत्ता छोड़ने से इनकार कर दिया। उन्हें अमेरिका और यूरोपीय संघ से समर्थन प्राप्त है।
पीपल्स डिस्पैच
16 Feb 2021
जोवेनेेेल मोइसे की तानाशाही के ख़िलाफ़ हैती के लोगों का विरोध जारी

डी-फैक्टो राष्ट्रपति जोवेनेल मोइसे की अवैध सरकार को खारिज करते हुए हैती की राजधानी पोर्ट-औ-प्रिंस में लोगों का विरोध प्रदर्शन जारी है। "मार्च अगेंस्ट डिक्टेटरशिप" के बैनर तले रविवार को हजारों की संख्या में नागरिक, छात्र और श्रमिक मोइसे को संविधान का सम्मान करने की मांग करते हुए राजधानी की सड़कों पर उतर गए और कुर्सी छोड़ने और ट्रांजिशनल सरकार को सत्ता सौंपने की मांग करने लगे। इस विरोध प्रदर्शन में विभिन्न नागरिक समाज संगठनों, विपक्षी नेताओं और पूर्व सांसदों के सदस्य भी शामिल हुए।

रविवार को राजधानी में रैली निकाल रहे प्रदर्शनकारियों पर हैती की नेशनल नेशनल पुलिस (पीएयनएच) के अधिकारियों ने लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस को गोले दागे।

पीएनएच एजेंटों ने डेलामस 60 के पास पेशन-विले शहर में प्रदर्शनकारियों के पर गोलियां चलाईं। पुलिस की इस बर्बर कार्रवाई में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग गोली से घायल हो गए।

इसके अलावा दमन की इन घटनाओं को रिकॉर्ड करने वाले पत्रकारों पर पुलिस द्वारा रबर की गोली दागी गई। इस गोली की चपेट में आने से कम से कम तीन पत्रकारों को गंभीर चोटें आई हैं।

अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा समर्थित राष्ट्रपति मोइसे के खिलाफ चल रहे संघर्ष के एक हिस्से के रूप में सोशल नेटवर्क पर विपक्ष द्वारा इस लामबंदी का आह्वान किया गया था। मोइसे असंवैधानिक रूप से सत्ता पर काबिज हैं।

चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताएं होने पर एक नए राष्ट्रपति पद के शुरुआती दौर का प्रावधान देने वाले 1987 के हैती के संविधान के अनुच्छेद 134-2 के अनुसार मोइसे का राष्ट्रपति पद का कार्यकाल पिछले हफ्ते 7 फरवरी को समाप्त हो गया। हालांकि उन्होंने 7 फरवरी 2022 तक पद पर बने रहने के लिए अड़े रहते हुए सत्ता छोड़ने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि उन्होंने 7 फरवरी 2017 को पांच साल के कार्यकाल के लिए सत्ता संभाली थी इसलिए उन्हें एक साल और कुर्सी पर रहना है।

पिछले हफ्ते 8 फरवरी को हैती के विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जोसेफ मेसेने जीन-लुईस को इस कैरेबियाई देश के अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में नियुक्त किया था। जीन लुईस की ट्रांजिशनल सरकार जिसके पास देश के नागरिक समाज संगठनों का समर्थन है वह अगले दो वर्षों के लिए देश को प्रशासित करेगा और अगली सरकार के लिए चुनाव कराएगा।

हालांकि मोइसे ने आरोप लगाया कि विपक्ष उनके खिलाफ "तख्तापलट" की कोशिश कर रहा था। उन्होंने लोगों को गिरफ्तार करने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक पुलिस कार्रवाई करने का आदेश दिया।

Haiti
Jovenel Moïse
Haiti Protest

Related Stories

असुरक्षा और हिंसा के ख़िलाफ़ हैती के शिक्षक राष्ट्रीय हड़ताल पर

तानाशाही और साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ हैती में विरोध प्रदर्शन जारी

पुलिस और सेना के बीच संघर्ष के कारण हैती में अस्थिरता


बाकी खबरें

  • wildlife
    सीमा शर्मा
    भारतीय वन्यजीव संस्थान ने मध्य प्रदेश में चीता आबादी बढ़ाने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया
    11 Jan 2022
    इस एक्शन प्लान के तहत, क़रीब 12-14 चीतों(8-10 नर और 4-6 मादा) को भारत में चीतों की नई आबादी पैदा करने के लिए चुना जाएगा।
  • workers
    सतीश भारतीय
    गुरुग्राम में बेरोजगारी, कम कमाई और बढ़ती महंगाई के बीच पिसते मजदूरों का बयान
    11 Jan 2022
    मजदूर वर्ग सरकार की योजनाओं का नाम तक नहीं बता पा रहा है, योजनाओं का लाभ मिलना तो दूर की बात है।
  • Swami Prasad Maurya
    रवि शंकर दुबे
    चुनावों से ठीक पहले यूपी में बीजेपी को बड़ा झटका, श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद तीन और विधायकों के इस्तीफे
    11 Jan 2022
    यूपी में चुनावी तारीखों का एलान हो चुका है, ऐसे वक्त में बीजेपी को बहुत बड़ा झटका लगा है, दरअसल यूपी सरकार में श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीजेपी छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं।
  • Schemes workers
    कुमुदिनी पति
    उत्तर प्रदेश में स्कीम वर्कर्स की बिगड़ती स्थिति और बेपरवाह सरकार
    11 Jan 2022
    “आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएँ लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन चला रही हैं। पर तमाम वार्ताओं के बाद भी उनकी एक भी मांग पूरी नहीं की गई। उनकी सबसे प्रमुख मांग है सरकारी कर्मचारी का दर्जा।”
  • AKHILESH AND YOGI
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    80/20 : हिंदू बनाम हिंदू की लड़ाई है यूपी चुनाव
    11 Jan 2022
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ठीक ही कहते हैं कि यह 80 प्रतिशत बनाम 20 प्रतिशत की लड़ाई है। बस वे इसकी व्याख्या ग़लत तरीके से करते हैं। पढ़िए वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार त्रिपाठी का विचार-विश्लेषण
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License