NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
हिमाचल: प्राइवेट स्कूलों में फ़ीस वृद्धि के विरुद्ध अभिभावकों का ज़ोरदार प्रदर्शन, मिला आश्वासन 
संयुक्त निदेशक ने आश्वासन दिया कि निजी स्कूलों में आम सभाएं आयोजित करने, पीटीए के गठन व वर्ष 2022 की फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाने के लिए तुरन्त आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 Apr 2022
Himachal Pradesh

छात्र अभिभावक मंच हिमाचल प्रदेश ने निजी स्कूलों में की जा रही फीस, वर्दी व किताबों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के खिलाफ उच्चतर शिक्षा निदेशालय शिमला के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मंच का प्रतिनिधिमंडल संयुक्त शिक्षा निदेशक आशिथ कुमार से मिला व उन्हें मांग-पत्र सौंपा। संयुक्त निदेशक ने आश्वासन दिया कि निजी स्कूलों में आम सभाएं आयोजित करने, पीटीए के गठन व वर्ष 2022 की फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाने के लिए तुरन्त आदेश जारी कर दिए जाएंगे।

इस बाबत जल्द अधिसूचना जारी होगी। प्रदर्शन में विजेंद्र मेहरा, विभीषण कालटा, मदन लाल, सोनिया सबरवाल, हिमी देवी, अंजू देवी, अमृता, रंजीव कुठियाला, बालक राम, अनिल ठाकुर, नितीश राज़टा, विकास कुमार, विक्रम सिंह, चमन लाल, गुरदेव, दर्शन लाल, मनोज कुमार, अमित कुमार, संतोष, पी एस ठाकुर, पंकज शर्मा, संजय सामटा, जसबीर, विजय, हरि सिंह आदि मौजूद रहे।

मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने वर्ष 2022 में फीसों में 8 से 35 प्रतिशत फीस वृद्धि तथा ड्रेस व किताबों की कीमतों में 25 प्रतिशत तक की वृद्धि पर संयुक्त शिक्षा निदेशक से कड़ा आक्रोश ज़ाहिर किया व इसे शिक्षा विभाग की नाकामी करार दिया। उन्होंने फीस वृद्धि पर तुरन्त पंजाब सरकार की तर्ज़ पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाने तथा शिक्षा का अधिकार कानून 2009 व हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान अधिनियम, 1997 के अन्तर्गत निर्मित नियम 2003 के अनुसार पीटीए गठन की मांग की। उन्होंने 5 दिसम्बर 2019 के उच्चतर शिक्षा निदेशालय हिमाचल प्रदेश के आदेश अनुसार तुरन्त आम सभाएं आयोजित करने की मांग की। उन्होंने उच्चतर शिक्षा निदेशक से मांग की है कि वह अपने आदेशों को सख्ती से लागू करवाएं ताकि निजी स्कूलों की मनमानी लूट, फीस वृद्धि व गैर कानूनी फीस वसूली पर रोक लगे। 

उन्होंने कहा कि 5 दिसम्बर 2019 को उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों की आम सभा की सहमति के बगैर किसी भी प्रकार की फीस वृद्धि पर रोक लगा दी थी। इस आदेश के अनुसार हर वर्ष फीस निर्धारण के लिए निजी स्कूलों में 15 मार्च से पूर्व आम सभाएं आयोजित होनी चाहिए थीं परन्तु 15 मार्च बीतने के बावजूद भी अभी तक किसी भी निजी स्कूल ने आम सभा का आयोजन नहीं किया है। इन स्कूलों ने पिछले दो वर्षों में भी कोई आम सभाएं आयोजित नहीं कीं जिसके कारण इन स्कूलों में पन्द्रह से पैंतीस प्रतिशत तक की फीस बढ़ोतरी करके अभिभावकों पर भारी आर्थिक बोझ लादा गया।

इस वर्ष भी निजी स्कूल आम सभाएं आयोजित करने में आनाकानी कर रहे हैं। इस से साफ है कि निजी स्कूल शिक्षा निदेशालय के आदेश को नहीं मानना चाहते। वे एक बार पुनः भारी फीस वृद्धि करके मनमानी फीस वसूलना चाहते हैं। शिक्षा निदेशालय ने भी निजी स्कूल प्रबंधनों के दबाव में अपने ही आदेशों पर चुप्पी साध ली है। इस तरह निजी स्कूलों को मनमानी करने की एक बार पुनः इजाज़त मिल गयी है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी आम सभाएं आयोजित न करके निजी स्कूल मनमानी फीसें वसूलना चाहते हैं जिसे अभिभावक कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे व इसके खिलाफ आंदोलन तेज करेंगे।

ये भी पढ़ें: भारतीय कैंपस के होस्टलों में ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए अब भी जगह नहीं

Himachal Pradesh
PRIVATE SCHOOL
Fee Hike
Protest

Related Stories

मुंडका अग्निकांड के खिलाफ मुख्यमंत्री के समक्ष ऐक्टू का विरोध प्रदर्शन

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

बिजली संकट को लेकर आंदोलनों का दौर शुरू

नफ़रत देश, संविधान सब ख़त्म कर देगी- बोला नागरिक समाज

दिल्ली: लेडी हार्डिंग अस्पताल के बाहर स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी, छंटनी के ख़िलाफ़ निकाला कैंडल मार्च

यूपी: खुलेआम बलात्कार की धमकी देने वाला महंत, आख़िर अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं

स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है

हिमाचल प्रदेश: नियमित करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनबाड़ी कर्मी

ख़बर भी-नज़र भी: किसानों ने कहा- गो बैक मोदी!


बाकी खबरें

  • अफ़ग़ानिस्तान में 20 साल के अमेरिकी युद्ध के बाद अब आगे क्या?
    जेम्स डब्ल्यू कार्डेन
    अफ़ग़ानिस्तान में 20 साल के अमेरिकी युद्ध के बाद अब आगे क्या?
    10 Sep 2021
    अनातोल लिवेन ने अफ़ग़ानिस्तान, चेचन्या और दक्षिणी काकेशस में हुए युद्धों को कवर किया है। अफ़ग़ानिस्तान में चल रहे घटनाक्रम को लेकर अमेरिकी विरासत और तालिबान के उदय पर लिवेन के विचार यहां प्रस्तुत हैं।
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसानों की SDM पर कार्यवाही की मांग, सिलेंडर की क़ीमतों की वृद्धि डबल
    09 Sep 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी करनाल में तीसरे दिन भी किसानो का प्रदर्शन पर, साथ ही हम देखेंगे किस प्रकार 150 से अधिक की संख्या में प्रख्यात नागरिकों ने कवि-गीतकार जावेद अख्तर और…
  • कोर्ट की दखल के बाद सरकार ने NDA में लड़कियों की भर्ती का रास्ता किया साफ़, लेकिन जीत अभी भी अधूरी!
    सोनिया यादव
    कोर्ट की दखल के बाद सरकार ने NDA में लड़कियों की भर्ती का रास्ता किया साफ़, लेकिन जीत अभी भी अधूरी!
    09 Sep 2021
    केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि महिलाएं नेशनल डिफेंस एकेडमी में दाख़िला ले सकती हैं और वो स्थायी कमिशन के लिए पात्र होंगी। सरकार ने एननडीए के साथ-साथ इंडियन नेवल एकेडमी में भी लड़कियों की…
  • नई MSP घोषणा: गेहूं की बाल में गेहूं का दाना ही नहीं 
    अजय कुमार
    नई MSP घोषणा: गेहूं की बाल में गेहूं का दाना ही नहीं 
    09 Sep 2021
    आशा किसान स्वराज के अध्यक्ष किरन विस्सा ने सरकार द्वारा जारी एमएसपी का हिसाब-किताब लगाकर बताया है कि पिछले साल के मुकाबले गेहूं की एमएसपी पर केवल 2% की वृद्धि की गई है। जो पिछले 12 सालों में सबसे कम…
  • भारत में संस्थाएं ही फेल कर रही हैं बुद्धिजीवियों को 
    अंशु सलुजा
    भारत में संस्थाएं ही फेल कर रही हैं बुद्धिजीवियों को 
    09 Sep 2021
    ‘देश में तेजी से बढ़ते ध्रुवीकरण एवं अनावश्यक शत्रुतापूर्ण माहौल में सार्वजनिक बुद्धिजीवी सत्ता से सच बोलने का प्रयास कर रहे हैं’, न्यायमूर्ति डी.वाई.चंद्रचूड़ की यह हालिया टिप्पणी बहुत देर से आई और…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License