NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
हिल्टन-ब्राउन के लिए इंसाफ़ की मांग को लेकर प्रदर्शन, पुलिस ने किया बल प्रयोग
काले नागरिक कैरोन हिल्टन-ब्राउन की मौत को लेकर लगातार दूसरी रात विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कैरोन हिल्टन-ब्राउन पुलिस के पीछा करने के दौरान बुरी तरह से घायल हो गए थे।
पीपल्स डिस्पैच
30 Oct 2020
हिल्टन-ब्राउन

वाशिंगटन डीसी में एक काले नागरिक की हत्या से नाराज़ प्रदर्शनकारियों को गुरुवार 29 अक्टूबर को पुलिस की ओर से सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ा। पुलिस द्वारा हिंसात्मक रूप से तितर बितर करने का मामला वाशिंगटन डीसी मेट्रोपोलिटन पुलिस विभाग के चौथे ज़िला पुलिस स्टेशन के बाहर देखा गया जहां प्रदर्शन गुरुवार को लगातार दूसरी रात को आयोजित किया गया। पिछले हफ्ते पुलिस द्वारा पीछा करने के दौरान कैरोन हिल्टन-ब्राउन की मौत को लेकर ये विरोध प्रदर्शन किया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक गवाहों ने देखा कि आरोपी पुलिस अधिकारियों ने गत शुक्रवार 23 अक्टूबर को बिना हेलमेट के सवारी करने को लेकर 20 वर्षीय हिल्टन-ब्राउन का पीछा किया था। पीछा करने के दौरान ही हिल्टन-ब्राउन को एक गुजरती कार ने टक्कर मार दी थी। तीन दिन बाद लगी चोटों के कारण आखिरकार एक अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई। लोगों में गुस्सा भड़कने के बाद गुरुवार को सार्वजनिक किए गए अधिकारियों के बॉडीकैम के फुटेज मिलने पर गवाहों के बयानों की पुष्टि हुई।

वाशिंगटन डीसी में यातायात उल्लंघन पर वाहनों का पीछा करने से पुलिस को रोकने की एक पॉलिसी है जिसमें बिना हेलमेट के मोटरसाइकिल चलाने जैसे उल्लंघन शामिल हैं। हिल्टन-ब्राउन के परिवार ने आरोप लगाया है कि पीछा करने की ये घटना टक्कर का कारण बनी जिससे आखिरकार मौत हो गई और मांग की कि उन्हें न्याय दिलाया जाए।

कैरोन की मां कैरेन हिल्टन ने कहा, “जो कुछ हुआ वह नहीं होने वाला था। आप जानते हैं, उन्हें निशाना बनाया गया था।" उन्होंने महापौर मूरियल बाउजर से बात करने की मांग की। पुलिस को अभी भी पीछा करने को लेकर एक और कारण बताना है, क्योंकि पीड़ित पर कोई कॉन्ट्राबैंड नहीं पाया गया था और न ही इस क्षेत्र में कोई अपराध रिपोर्ट की गई थी।

परिवार के सदस्य पिछले दो रातों से चौथे ज़िला पुलिस स्टेशन के पास न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरुवार की रात पुलिस ने एक टूटी हुई खिड़की के आधार पर उपद्रवी व्यवहार का दावा करते हुए थाने के बाहर प्रदर्शनों को जबरन हटाने के लिए आंसू गैस, काली मिर्च स्प्रे, फ्लैश बैंग और यहां तक कि रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया। ब्लैक लाइव्स मैटर डीसी के अनुसार जबरन हटाने की घटना ने 200 से अधिक प्रदर्शनकारियों को घायल कर दिया।

रिपोर्ट के अनुसार हिल्टन-ब्राउन के माता-पिता कैरेन हिल्टन और चार्ल्स ब्राउन पर पुलिस द्वारा काली मिर्च का छिड़काव किया गया था। पुलिस ने पुलिस स्टेशन की ओर जाने वाले पूरे जॉर्ज एवेन्यू को खाली करा दिया और नाकेबंदी कर दी।

Hilton-brown
Washington DC
Black Lives Matter
US Protest

Related Stories

जॉर्ज फ्लॉय्ड की मौत के 2 साल बाद क्या अमेरिका में कुछ बदलाव आया?

प्रधानमंत्री ने गलत समझा : गांधी पर बनी किसी बायोपिक से ज़्यादा शानदार है उनका जीवन 

ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन की एक नेता ने कैसे बच्चों के लिए ‘फ्रीडम स्कूल’ समर कार्यक्रम की शुरुआत की  

रिपब्लिकन ने अमेरिकी सीनेट में मतदान के अधिकारों की रक्षा करने वाले बिल को रोका

विरोध प्रदर्शनों के एक साल बाद, जॉर्ज फ़्लॉइड की हत्या के जुर्म में डेरेक शौविन दोषी क़रार

नस्लभेदी, ट्रंप समर्थक प्रशासन की वजह से हुए कैपिटल दंगे

अश्वेत व्यक्ति की पुलिस द्वारा हत्या को लेकर फैली अशांति के बाद फ़िलाडेल्फ़िया में कर्फ़्यू

विस्कॉन्सिन में एक अश्वेत व्यक्ति को पुलिस के गोली मारने के बाद अमेरिका में ताजा विरोध प्रदर्शन

पोर्टलैंड प्रदर्शनकारियों पर दक्षिणपंथियों का हमला, पुलिस ने नस्लवाद-विरोधी प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया

पुलिस अधिकारी ने व्यक्ति की गर्दन पर रखा घुटना, पेनसिल्वेनिया में विरोध प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • farmers
    चमन लाल
    पंजाब में राजनीतिक दलदल में जाने से पहले किसानों को सावधानी बरतनी चाहिए
    10 Jan 2022
    तथ्य यह है कि मौजूदा चुनावी तंत्र, कृषि क़ानून आंदोलन में तमाम दुख-दर्दों के बाद किसानों को जो ताक़त हासिल हुई है, उसे सोख लेगा। संयुक्त समाज मोर्चा को अगर चुनावी राजनीति में जाना ही है, तो उसे विशेष…
  • Dalit Panther
    अमेय तिरोदकर
    दलित पैंथर के 50 साल: भारत का पहला आक्रामक दलित युवा आंदोलन
    10 Jan 2022
    दलित पैंथर महाराष्ट्र में दलितों पर हो रहे अत्याचारों की एक स्वाभाविक और आक्रामक प्रतिक्रिया थी। इसने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया था और भारत की दलित राजनीति पर भी इसका निर्विवाद प्रभाव…
  • Muslim Dharm Sansad
    रवि शंकर दुबे
    हिन्दू धर्म संसद बनाम मुस्लिम धर्म संसद : नफ़रत के ख़िलाफ़ एकता का संदेश
    10 Jan 2022
    पिछले कुछ वक्त से धर्म संसदों का दौर चल रहा है, पहले हरिद्वार और छत्तीसगढ़ में और अब बरेली के इस्लामिया मैदान में... इन धर्म संसदों का आखिर मकसद क्या है?, क्या ये आने वाले चुनावों की तैयारी है, या…
  • bjp punjab
    डॉ. राजू पाण्डेय
    ‘सुरक्षा संकट’: चुनावों से पहले फिर एक बार…
    10 Jan 2022
    अपने ही देश की जनता को षड्यंत्रकारी शत्रु के रूप में देखने की प्रवृत्ति अलोकप्रिय तानाशाहों का सहज गुण होती है किसी निर्वाचित प्रधानमंत्री का नहीं।
  • up vidhan sabha
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी: कई मायनों में अलग है यह विधानसभा चुनाव, नतीजे तय करेंगे हमारे लोकतंत्र का भविष्य
    10 Jan 2022
    माना जा रहा है कि इन चुनावों के नतीजे राष्ट्रीय स्तर पर नए political alignments को trigger करेंगे। यह चुनाव इस मायने में भी ऐतिहासिक है कि यह देश-दुनिया का पहला चुनाव है जो महामारी के साये में डिजिटल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License