NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आंदोलन
भारत
राजनीति
बलात्कार और बलात्कार की संस्कृति के ख़िलाफ़ छात्र, युवा व महिला संगठनों का प्रदर्शन
हैदराबाद बलात्कार और हत्या मामले समेत देशभर में महिलाओं के साथ बढ़ती यौन हिंसा के खिलाफ नौजवान, छात्र और महिला संगठनों ने संसद मार्ग पर प्रदर्शन किया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
02 Dec 2019
Protest against violence

दिल्ली: हैदराबाद में पशु चिकित्सक से बलात्कार और हत्या के मामले से देश भर में नाराजगी दिख रही है। 2 दिंसबर को दिल्ली में भी महिला संगठनों ने सड़क पर उतरकर विरोध -प्रदर्शन किया। वहीं दूसरी ओर संसद में भी यह मुद्दा उठा।

देशभर में महिलाओं के साथ ही रही इस तरह घटनाओं से नाराज़ और बढ़ती यौन हिंसा के खिलाफ छात्र, युवा और महिला संगठनों ने संसद मार्ग पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान संसद मार्ग जाने के रास्ते में पुलिस ने महिलाओं को रोकने की कोशिश की लेकिन महिलाएं  पुलिस बैरिकेट को तोड़ते हुए संसद मार्ग पहुंची और प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने हैदरबाद की पीड़िता के लिए न्याय के साथ ही रांची ,कांची, वड़ोदरा सहित देश की तमाम रेप पीड़ताओं के लिए न्याय की मांग की। साथ ही सभी ने कहा कि देश में बढ़ रही बलात्कार की संस्कृति को खत्म किया जाए। सभी पीड़ितों को निष्पक्ष और त्वरित न्याय दिया जाए।
image 2_0.JPG
इस प्रदर्शन में अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति, अखिल भारतीय महिला संस्कृति संगठन, अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संगठन ,सेंटर ऑफ़ स्ट्रगलिंग वुमैन , प्रगतिशील महिला संगठन के साथ छात्र संगठन आइसा, एसएफआई, केवाईएस, डीएसओ और नौजवान संगठन डीवाईएफआई और आरवाई जैसे संगठनों ने हिस्सा लिया था। नौजवान छात्राओं के चेहरे पर गुस्सा और रोष दिख रहा था। वे सभी एक स्वर में कह रही थीं कि यौन हिंसा बंद होनी चाहिए।

प्रदर्शन में शामिल आरती कहती हैं कि देश में लगातार अलग अलग शहरों  में महिलाओं के साथ यौन हिंसा और फिर उनकी हत्या हो रही हैं। जोकि भयावह है, इन सभी मुद्दों पर पुलिस का रैवया बहुत असंवेदनशील है, यह असंवेदनशीलता इस तरह के अधिकतम मामलों में देखी गयी है कि पुलिस पीड़िता की शिकयत पर एफआईआर तक दर्ज नहीं करती है। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ हैं। पुलिस पीड़िता की मदद की बजाय उनको ही आरोपी सिद्ध  करने में लग जाती है। ये वर्तमान समाज और पुलिस प्रशासन दोनों ही महिलाओं के लिए अतांक का माहौल बना रहे हैं।
3_5.JPG
प्रगितशील महिला संगठन  की नेता पूनम कहती हैं कि इस तरह के मामलों की फोरेंसिक जांच हो, साथ ही पुलिस  को जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करनी चाहिए। आगे उन्होंने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जब भी इस तरह की कोई घटना होती है, तब समाज का एक तबका फांसी-फांसी चिल्लाने लगता है लेकिन दोषी को सजा नहीं मिलती है। हमारी सत्ताधारी दल भी फांसी की आड़ में  जिम्मेदारियों से भागता है।
 
पूर्व सांसद और एडवा  की नेता सुभाषनी अली ने कहा कि जब हम, हमारे ऊपर हो रही हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं तो पुलिस हमपर बल प्रयोग कर रही है। लेकिन जब हम थानों में सुरक्षा और न्याय के लिए जाते  तो यह हमारी सुरक्षा की बजाय हम पर ही दोषरोपण करते हैं।

हम पर बल प्रयोग की जगह पुलिस को बलात्कारियों को पकड़ना चाहिए।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

इस प्रदर्शन के साथ ही महिलाओ और नौजवनाओं के एक और समूह ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया।  

इस प्रदर्शन में शामिल सभी लोगों ने अपनी हाथों में काली पट्टी बांध रखी थी। कुछ लोगों के हाथों में तख्तियां थीं, जिनपर लिखा था ‘‘ हमें न्याय चाहिए’’। प्रदर्शन का आयोजन करने वाली अमृता धवन ने कहा, ‘‘ मैं एक राजनेता के तौर पर नहीं बल्कि समाज के एक ऐसे सदस्य के तौर पर इस प्रदर्शन का समर्थन कर रहीं हूं, जो समाज में हो रही घटनाओं को लेकर चिंतित है। महिलाएं कितनी असुरक्षित हैं, इस पर चर्चा करने के लिए हमें दूसरी निर्भया क्यों चाहिए?’’

image 1_1.JPG

उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रणाली को त्वरित न्याय सुनिश्चित करना होगा ताकि पीड़ितों के परिवारों को कुछ राहत मिले।दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज की छात्रा अदिति पुरोहित नारे लगाते समय रो पड़ीं। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं यहां इसलिए हूं क्योंकि एक महिला जो घर से दूर दिल्ली में रहती है, उस नाते यह मुद्दा मुझे और मेरे परिवार को प्रभावित करता है।’’

गौरतलब है कि सरकारी अस्पताल में काम करने वाली पशु चिकित्सक की पिछले हफ्ते गुरुवार रात हैदराबाद के बाहरी इलाके में बलात्कार के बाद हत्या कर दी थी। बाद में 25 वर्षीय इस महिला का झुलसा हुआ शव बरामद हुआ था। इस मामले में चार आरोपियों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इसके साथ ही प्रदर्शन कर रहे लोगो मांग कर रहे थे कि जस्टिस वर्मा कमेटी के सुझावों को लागू किया जाए। पीड़ितों को मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था की करने की बात थी लेकिन वो सब कहा हैं ?

इसे भी पढ़े :संसद में उठा हैदराबाद बलात्कार और हत्याकांड, कड़ी कार्रवाई और सामाजिक बदलाव की बात

Stop Rape
Protest against Rape Culture
Women protest
Student Protests
crimes against women
violence against women
sexual crimes
sexual violence
sexual harassment
patriarchal society
male dominant society
Hyderabad Rape Case
AIDWA
protest on jantar mantar

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'

यूपी: बुलंदशहर मामले में फिर पुलिस पर उठे सवाल, मामला दबाने का लगा आरोप!

दिल्ली गैंगरेप: निर्भया कांड के 9 साल बाद भी नहीं बदली राजधानी में महिला सुरक्षा की तस्वीर


बाकी खबरें

  • लाल बहादुर सिंह
    सावधान: यूं ही नहीं जारी की है अनिल घनवट ने 'कृषि सुधार' के लिए 'सुप्रीम कमेटी' की रिपोर्ट 
    26 Mar 2022
    कारपोरेटपरस्त कृषि-सुधार की जारी सरकारी मुहिम का आईना है उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित कमेटी की रिपोर्ट। इसे सर्वोच्च न्यायालय ने तो सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन इसके सदस्य घनवट ने स्वयं ही रिपोर्ट को…
  • भरत डोगरा
    जब तक भारत समावेशी रास्ता नहीं अपनाएगा तब तक आर्थिक रिकवरी एक मिथक बनी रहेगी
    26 Mar 2022
    यदि सरकार गरीब समर्थक आर्थिक एजेंड़े को लागू करने में विफल रहती है, तो विपक्ष को गरीब समर्थक एजेंडे के प्रस्ताव को तैयार करने में एकजुट हो जाना चाहिए। क्योंकि असमानता भारत की अर्थव्यवस्था की तरक्की…
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,660 नए मामले, संशोधित आंकड़ों के अनुसार 4,100 मरीज़ों की मौत
    26 Mar 2022
    बीते दिन कोरोना से 4,100 मरीज़ों की मौत के मामले सामने आए हैं | जिनमें से महाराष्ट्र में 4,005 मरीज़ों की मौत के संशोधित आंकड़ों को जोड़ा गया है, और केरल में 79 मरीज़ों की मौत के संशोधित आंकड़ों को जोड़ा…
  • अफ़ज़ल इमाम
    सामाजिक न्याय का नारा तैयार करेगा नया विकल्प !
    26 Mar 2022
    सामाजिक न्याय के मुद्दे को नए सिरे से और पूरी शिद्दत के साथ राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में लाने के लिए विपक्षी पार्टियों के भीतर चिंतन भी शुरू हो गया है।
  • सबरंग इंडिया
    कश्मीर फाइल्स हेट प्रोजेक्ट: लोगों को कट्टरपंथी बनाने वाला शो?
    26 Mar 2022
    फिल्म द कश्मीर फाइल्स की स्क्रीनिंग से पहले और बाद में मुस्लिम विरोधी नफरत पूरे देश में स्पष्ट रूप से प्रकट हुई है और उनके बहिष्कार, हेट स्पीच, नारे के रूप में सबसे अधिक दिखाई देती है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License