NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
थाईलैंड में प्रदर्शनकारी सड़कों पर फिर उतरे, पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे
पिछले साल के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए एक्टिविस्टों की रिहाई की मांग करते हुए हज़ारों लोग प्रदर्शन में शामिल हुए और राजनीतिक सुधारों के लिए अपनी पिछली मांगों को भी दोहराया।
पीपल्स डिस्पैच
12 Feb 2021
थाईलैंड में प्रदर्शनकारी सड़कों पर फिर उतरे, पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे

थाईलैंड में प्रदर्शनकारी बैंकॉक की सड़कों पर उतर आए जो यह दर्शाता है कि लोकतंत्रीकरण के लिए संघर्ष फिर से शुरू हो गया है। माना जाता है कि गुरुवार 11 फरवरी को राष्ट्रीय राजधानी बैंकॉक के केंद्र में एक विशाल प्रदर्शन में हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी शामिल हुए। अन्य सिविल सोसाइटी समूहों के साथ साथ इस प्रदर्शन का आयोजन रैट्सेडॉर्न (पीपुल्स पार्टी) समूह और लेबर नेटवर्क फॉर पीपुल्स राइट्स द्वारा आयोजित किया गया था और म्यांमार में तख्तापलट के विरोध प्रदर्शन से प्रेरित होकर "इस तानाशाही के खिलाफ" प्रदर्शनकारियों ने बर्तन बजाए।

ये प्रदर्शनकारी बैंकाक के पथुमवन जिले के स्काईवॉक पर इकट्ठा हुए थे। प्रचेतई के अनुसार, पिछले साल विरोध प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग करने के लिए और थाईलैंड के आर्थिक संकट से निपटने के लिए प्रदर्शनकारियों को इकट्ठा किया गया था। इन प्रदर्शनकारियों ने राजनीतिक सुधारों के लिए अपनी तीन मूल मांगें भी दोहराईं, जिनमें सैन्य समर्थित प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा का इस्तीफा, देश को आगे लोकतांत्रिक बनाने के लिए संविधान में प्रमुख संशोधन और राजतंत्र की शक्तियों और विशेषाधिकारों को सीमित करने के लिए सुधार शामिल है।

ये प्रदर्शन बैंकॉक की एक आपराधिक अदालत द्वारा गिरफ्तार चार एक्टिविस्ट को जमानत देने से इनकार करने के बाद हुआ। इन पर सितंबर के विरोध प्रदर्शन में उनकी भूमिका के लिए राजद्रोह और लेसे मैजेस्टे (राजशाही का अपमान) के आरोप लगाया गया था। इन एक्टिविस्टों की जमानत से इनकार के बाद मंगलवार शाम सैकड़ों लोग अदालत के फैसले का विरोध करते हुए एक जगह इकट्ठा हो गए। खबरों के मुताबिक, गुरुवार का विरोध प्रदर्शन गिरफ्तार एक्टिविस्टों को मामले से हटाने और प्रयुत सरकार के खिलाफ आंदोलन को फिर से शुरू करने के लिए किया गया।

एक पूर्व सांसद टोस्सापोर्न सेरिराक ने कहा, “मैं सरकार, प्रधानमंत्री या सभी महान लोगों से कहता हूं कि विरोध प्रदर्शन के लिए परिस्थितियां बनाना बंद करें। जल्दी सब कुछ रोकना और बातचीत शुरू करना बेहतर है।”

बाद में, जैसे ही शाम को प्रदर्शन बढ़ा पुलिस ने स्काईवॉक क्षेत्र के चार प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पथुमवन पुलिस स्टेशन की ओर जाना शुरु किया जहां हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को उनकी रिहाई की मांग की जा रही थी। 100 से अधिक भीड़ नियंत्रण करने वाली पुलिस तैनात की गई थी जिससे अंततः थाने के बाहर झड़पें हुईं। इस क्षेत्र को खाली कराने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठियां बरसाई।

Thailand
Thailand Protest

Related Stories

थाईलैंडः प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई में दर्जनों लोग घायल और कई लोग हिरासत में

थाईलैंड के प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की हिंसात्मक कार्रवाई

थाईलैंड के प्रदर्शनकारियों पर योजनाबद्ध रैली से पहले सम्राट का अपमान करने का आरोप

शाहीन बाग़ अपडेट, थाईलैंड संकट और अन्य ख़बरें


बाकी खबरें

  • yogi bulldozer
    सत्यम श्रीवास्तव
    यूपी चुनाव: भाजपा को अब 'बाबा के बुलडोज़र' का ही सहारा!
    26 Feb 2022
    “इस मशीन का ज़िक्र जिस तरह से उत्तर प्रदेश के चुनावी अभियानों में हो रहा है उसे देखकर लगता है कि भारतीय जनता पार्टी की तरफ से इसे स्टार प्रचारक के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।”
  • Nagaland
    अजय सिंह
    नगालैंडः “…हमें चाहिए आज़ादी”
    26 Feb 2022
    आफ़्सपा और कोरोना टीकाकरण को नगालैंड के लिए बाध्यकारी बना दिया गया है, जिसके ख़िलाफ़ लोगों में गहरा आक्रोश है।
  • women in politics
    नाइश हसन
    पैसे के दम पर चल रही चुनावी राजनीति में महिलाओं की भागीदारी नामुमकिन
    26 Feb 2022
    चुनावी राजनीति में झोंका जा रहा अकूत पैसा हर तरह की वंचना से पीड़ित समुदायों के प्रतिनिधित्व को कम कर देता है। महिलाओं का प्रतिनिधित्व नामुमकिन बन जाता है।
  • Volodymyr Zelensky
    एम. के. भद्रकुमार
    रंग बदलती रूस-यूक्रेन की हाइब्रिड जंग
    26 Feb 2022
    दिलचस्प पहलू यह है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने ख़ुद भी फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से सीधे पुतिन को संदेश देने का अनुरोध किया है।
  • UNI
    रवि कौशल
    UNI कर्मचारियों का प्रदर्शन: “लंबित वेतन का भुगतान कर आप कई 'कुमारों' को बचा सकते हैं”
    26 Feb 2022
    यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया ने अपने फोटोग्राफर टी कुमार को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कई पत्रकार संगठनों के कर्मचारी भी मौजूद थे। कुमार ने चेन्नई में अपने दफ्तर में ही वर्षों से वेतन न मिलने से तंग आकर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License