NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बढ़ते आर्थिक संकट और पुलिस की बर्बरता को लेकर ट्यूनीशिया में विरोध प्रदर्शन जारी
प्रदर्शनकारी जिनमें ज़्यादातर युवा शामिल हैं उन्होंने कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर नए सिरे से लॉकडाउन की घोषणा का भी विरोध किया।
पीपल्स डिस्पैच
18 Jan 2021
ट्यूनीशिया

राजधानी ट्यूनिस के साथ साथ कई दूसरे शहरों में रविवार 17 जनवरी को दूसरे दिन हजारों ट्यूनीशियाई लोगों ने सड़क पर प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शनकारी पुलिस की बर्बरता बढ़ने और देश में गुरुवार को नए सिरे से लॉकडाउन नियमों की घोषणा का विरोध कर रहे थे।

देश के लगभग 10 शहरों में सड़कों को अवरुद्ध करने वाले प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों ने भारी बल का प्रयोग किया। अधिकारियों ने शनिवार को तेबोरबा शहर में कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया। हालांकि, विरोध प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहा।

इन प्रदर्शनकारियों में से अधिकांश युवाा हैं जो ज्यादा से ज्यादा नौकरियों की मांग कर रहे हैं और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर अंकुश लगाने की मांग कर रहे हैं। नए सिरे से लॉकडाउन की घोषणा ने बढ़ते बेरोजगारी के साथ देश में आर्थिक सुधार की आशाओं को धराशायी कर दिया है।

ट्यूनीशिया देश में COVID-19 के प्रकोप की दूसरी लहर का सामना कर रहा है। जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष की शुरुआत से यहां संक्रमण के कुल 180,000 मामलों और लगभग 5,700 मौतों के साथ नए मामलों की संख्या में तेज वृद्धि सामने आ रही है। रविवार को देश में कुल 2,859 नए मामले और 76 मौत के मामले सामने आए हैं। ट्यूनीशिया की कुल आबादी 11.5 मिलियन है।

COVID-19 के प्रकोप के कारण देश की जीडीपी काफी प्रभावित हुई है। इसकी अर्थव्यवस्था रोजगार के मुख्य क्षेत्रों के साथ पिछले साल लगभग 9% कम हो गई। पर्यटन क्षेत्र को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है। देश के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार देश में एक तिहाई से अधिक युवा बेरोजगार हैं।

उत्तरी शहर सिलियाना में एक पुलिसकर्मी द्वारा गड़ेरिया की पिटाई का एक वीडियो शुक्रवार को वायरल होने के बाद विरोध प्रदर्शन शनिवार को शुरू हो गया था। इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा भड़क गया और बाद में देश के विभिन्न हिस्सों में कई विरोध प्रदर्शन हुए।

जनवरी 2011 में ज़ीन अल-अबिदीन बेन अली के अलोकतांत्रिक, भ्रष्ट शासन को उखाड़ फेंकने वाली क्रांति की दसवीं सालगिरह को याद करते हुए प्रदर्शनकारियों ने इस पिटाई को लेकर आपत्ति जताई।

Tunisia
Violent protests
Police brutality
economic crisis

Related Stories

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

रेलवे भर्ती मामला: बर्बर पुलिसया हमलों के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा

रेलवे भर्ती मामला: बिहार से लेकर यूपी तक छात्र युवाओं का गुस्सा फूटा, पुलिस ने दिखाई बर्बरता

साकेरगुडा नरसंहार के 9 साल पूरे होने के मौक़े पर पहुंचे हज़ारों प्रदर्शनकारी, बस्तर में आदिवासी की होती हत्यायाओं को बताया एक निरंतर चलने वाला वाक़या

ट्यूनीशियाई राज्य समाचार एजेंसी टीएपी के विवादास्पद प्रमुख ने विरोध के बाद इस्तीफा दिया

मांगने आए रोज़गार, मिली पुलिस की लाठी–पानी की बौछार

‘पुलिसिया हिंसा’ में मारे गए वाम कार्यकर्ता के लिए कोलकाता से दिल्ली तक रोष प्रदर्शन

रोज़गार की मांग को लेकर वाम मोर्चा कार्यकर्ताओं की कोलकाता में मार्च के दौरान पुलिस का बर्बर बल प्रयोग

आर्थिक अधिकारों और राजनीतिक परिवर्तन की मांग करते हुए ट्यूनीशिया के लोगों ने संसद तक रैली निकाली

आर्थिक गिरावट को लेकर ट्यूनीशिया में तीसरे दिन भी विरोध जारी, सैकड़ों लोग गिरफ़्तार


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जेएनयू में फिर हिंसा: एबीवीपी पर नॉनवेज के नाम पर छात्रों और मेस कर्मचारियों पर हमले का आरोप
    11 Apr 2022
    जेएनयू छात्र संघ ने एक बयान में कहा, “घृणा और विभाजनकारी एजेंडे की अपनी राजनीति का पूर्ण प्रदर्शन करते हुए एबीवीपी के गुंडों ने कावेरी छात्रावास में हिंसक माहौल बनाया है। वे मेस कमेटी को रात के खाने…
  • लाल बहादुर सिंह
    JNU में खाने की नहीं सांस्कृतिक विविधता बचाने और जीने की आज़ादी की लड़ाई
    11 Apr 2022
    जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र खाने के लिए नहीं, सांस्कृतिक विविधता के अनुरूप नागरिकों की जीने की आज़ादी और राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं।
  • अभिवाद
    सीताराम येचुरी फिर से चुने गए माकपा के महासचिव
    11 Apr 2022
    23वीं पार्टी कांग्रेस ने केरल से केंद्रीय समिति सदस्य एम सी जोसेफिन की मृत्यु पर भी गहरा शोक व्यक्त किया है, जिनकी कांग्रेस में भाग लेने के दौरान हृदय गति रुकने से मृत्यु हो गई।
  • एम. के. भद्रकुमार
    यमन में ईरान समर्थित हूती विजेता
    11 Apr 2022
    माना जाता है कि हूती आज से सात साल पहले के मुक़ाबले तेहरान के कहीं ज़्यादा क़रीब है। ऐसे में इस बात की ज़रूरत है कि अमेरिका ईरान से बातचीत करे।
  • भाषा
    हिंदुत्व एजेंडे से उत्पन्न चुनौती का मुकाबला करने को तैयार है वाम: येचुरी
    11 Apr 2022
    सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए येचुरी ने सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एकजुट करने और माकपा की ताकत में उल्लेखनीय वृद्धि करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने केंद्र में भाजपा व उसकी सरकार…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License