NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बढ़ती बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ इराक़ में विरोध प्रदर्शन, प्रमुख तेल रिफ़ाइनरी बंद
लगभग एक सप्ताह तक निरंतर विरोध प्रदर्शन के कारण इस क्षेत्र में तेल की भारी कमी हो गई है और नासिरियाह तेल रिफ़ाइनरी में तेल उत्पादन और तेल शोधन के कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
पीपल्स डिस्पैच
08 Apr 2021
बढ़ती बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ इराक़ में विरोध प्रदर्शन, प्रमुख तेल रिफ़ाइनरी बंद

इराक में प्रदर्शनकारियों ने बुधवार 7 अप्रैल को देश के दक्षिण में स्थित नासिरियाह तेल रिफाइनरी के प्रवेश द्वार को एक बार फिर से अवरुद्ध कर दिया है। ये प्रदर्शनकारी बेरोजगारी की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को समाप्त करने और अपने वेतन का भुगतान करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सरकार की अक्षमता और अपने मुद्दों के समाधान करने और हाल में स्नातक की डिग्री लेने वाले हजारों इराकियों को रोजगार प्रदान करने में विफलता पर नाराजगी जाहिर की।

बुधवार का दिन इस विरोध प्रदर्शन का पांचवा दिन था। इसमें न केवल विश्वविद्यालय से स्नातक पास और प्रमुख तेल व ऊर्जा क्षेत्र के श्रमिक बल्कि इस क्षेत्र के शिक्षक भी शामिल हैं जिनके वेतन का भुगतान महीनों से नहीं किया गया है।

कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से प्रदर्शनकारियों ने 'धी कर प्रांत' में रिफाइनरी के कामकाज को दिन-प्रतिदिन बाधित किया है। सैकड़ों बेरोजगार स्नातक पास युवाओं ने रिफाइनरी के प्रवेश द्वार को अवरुद्ध कर दिया है और कर्मचारियों को परिसर में प्रवेश करने से रोका है।

हाल के महीनों में, लोगों को प्रभावित करने वाले व्यापक बेरोजगारी के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक मुद्दों सहित अन्य मुद्दे जैसे वेतन का भुगतान न करने, गरीबी, प्रशासनिक विफलताओं और राजनीतिक भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन व धरना तेल-समृद्ध धीर कर क्षेत्र में नियमित घटना हो गई है। इस साल फरवरी महीने में हुए विरोध प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों ने उन्हें दबाने के लिए हिंसक कार्रवाई जिससे कम से कम पांच प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और 175 अन्य घायल हो गए।

वर्ष 2021 के लिए हाल ही में प्रस्तावित बजट के बाद विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया है क्योंकि इसमें रोजगार के अवसरों की कमी को दूर करने के लिए कोई समाधान और नीतियां शामिल नहीं थी।

दुनिया में तेल का सबसे बड़ा उत्पादक देश इराक अपने नागरिकों के जीवन स्तर में भारी गिरावट और बढ़ती बेरोजगारी के कारण एक गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। इससे लोग सड़कों पर उतर आए हैं और अपने अधिकारों के लिए विरोध कर रहे हैं। इराक में अमेरिकी आक्रमण के बाद की सरकारों ने इराकी नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में काम करने के बजाय प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की और उन्हें दबाने की कोशिश की जिससे पिछले दो साल में लगभग 600 से अधिक प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और 25,000 अन्य लोग घायल हो गए।

Iraq
Iraq Protest
unemployment

Related Stories

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें

बिहार बजट सत्र: विधानसभा में उठा शिक्षकों और अन्य सरकारी पदों पर भर्ती का मामला 

झारखंड: राज्य के युवा मांग रहे स्थानीय नीति और रोज़गार, सियासी दलों को वोट बैंक की दरकार

बार-बार धरने-प्रदर्शन के बावजूद उपेक्षा का शिकार SSC GD के उम्मीदवार

देश बड़े छात्र-युवा उभार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर बढ़ रहा है

बिहार : रेलवे परीक्षा परिणाम में धांधली का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों का दूसरे दिन भी प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • कार्टून क्लिक: सम्मान निधि नहीं एमएसपी का क़ानून चाहिए
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: सम्मान निधि नहीं एमएसपी का क़ानून चाहिए
    02 Aug 2021
    किसान प्रधानमंत्री से न कोई अतिरिक्त सम्मान मांग रहे हैं, न सम्मान निधि, वे बस उनके ऊपर थोपे जा रहे तीन दमनकारी कृषि क़ानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं और अपने हक़ के तौर पर एमएसपी का क़ानून…
  • इज़रायल द्वारा अवैध रूप से हिरासत में लिए जाने के विरोध में 17 फ़िलिस्तीनी क़ैदी भूख हड़ताल पर
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायल द्वारा अवैध रूप से हिरासत में लिए जाने के विरोध में 17 फ़िलिस्तीनी क़ैदी भूख हड़ताल पर
    02 Aug 2021
    फ़िलिस्तीनी क़ैदियों के अधिकार समूहों के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में 540 फ़िलिस्तीनियों को इज़रायल द्वारा प्रशासनिक हिरासत की अवैध नीति के तहत क़ैद कर रखा गया है।
  • ओमान तट के पास तेल टैंकर पर हमले में शामिल होने के इज़रायली आरोपों से ईरान का इनकार
    पीपल्स डिस्पैच
    ओमान तट के पास तेल टैंकर पर हमले में शामिल होने के इज़रायली आरोपों से ईरान का इनकार
    02 Aug 2021
    इज़रायल, अमेरिका और यूके ने कोई सबूत दिए बिना ईरान पर पिछले हफ्ते ओमानी तट के पास इज़रायल के स्वामित्व वाले तेल टैंकर पर ड्रोन हमले के लिए आरोप लगाया था जिसमें चालक दल के दो सदस्यों की मौत हो गई थी।
  • 2022 विधानसभा चुनाव से पहले दक्षिण गुजरात में  पटेलों को लुभाने पर आप-भाजपा का ज़ोर
    दमयन्ती धर
    2022 विधानसभा चुनाव से पहले दक्षिण गुजरात में  पटेलों को लुभाने पर आप-भाजपा का ज़ोर
    02 Aug 2021
    फरवरी में हुए नगर निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी (आप) ने जिन 27 सीटों पर जीत हासिल की थी। यह नतीजे सूरत की 12 विधानसभा सीटों में से तीन पर पार्टी को बढ़त दे रही हैं।
  • हमारे समय का सबसे बड़ा मुक़ाबला मानवता और साम्राज्यवाद के बीच है
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    हमारे समय का सबसे बड़ा मुक़ाबला मानवता और साम्राज्यवाद के बीच है
    02 Aug 2021
    23 जुलाई 2021 को, न्यूयॉर्क टाइम्स में संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के नाम क्यूबा के ख़िलाफ़ अमेरिकी नाकाबंदी हटाने की माँग करते हुए एक पूरे पेज
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License