NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
एविक्शन बैन के प्रति क़ानूनी चुनौती को लेकर अलाबामा रियल्टर समूह के बाहर प्रदर्शन
अन्य प्रगतिशील और ज़मीनी स्तर के संगठनों के साथ कैंसिल द रेंट अभियान द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन हाल ही में सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के बेदखली प्रतिबंध के ख़िलाफ़ दायर संघीय मुकदमे की प्रतिक्रिया में था।
पीपल्स डिस्पैच
09 Aug 2021
एविक्शन बैन के प्रति क़ानूनी चुनौती को लेकर अलाबामा रियल्टर समूह के बाहर प्रदर्शन

दर्जनों लोगों ने अलाबामा के मोंटगोमरी में एक प्रमुख अमेरिकी रीयलटर्स कार्यालय के बाहर प्रदर्शन में भाग लिया। शनिवार 7 अगस्त को आयोजित इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन अलबामा एसोसिएशन ऑफ रियलटर्स (एएआर) के मुख्यालय के बाहर किराए को रद्द करने, बेदखली पर प्रतिबंध और आवास अधिकारों की वकालत करने वाले एक राष्ट्रव्यापी संगठित अभियान कैंसिल द रेंट द्वारा किया गया था।

एएआर अपने सहयोगी समूह जॉर्जिया एसोसिएशन ऑफ रियल्टर्स के साथ रीयलटर्स और भूस्वामियों के दो सबसे बड़े लॉबिंग समूहों में से एक है जो फिलहाल बाइडेन प्रशासन के नए एविक्शन मोरेटोरियम के निर्णय को लागू करने के खिलाफ फेडरल लीगल चैलेंज का नेतृत्व कर रहा है। इसने सेंटर्स ऑफ डीजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (सीडीसी) के जरिए दायर किया है जहां कोविड-19 संक्रमण का अधिक सामना करना पड़ रहा है।

आवास अधिकार समूहों और एक्टिविस्टों ने कहा है कि रियल्टर समूहों द्वारा दायर मुकदमों से लगभग 15 मिलियन लोगों को पिछले किराए और मोर्टगेड भुगतान करने में विफलता के चलते मोर्टगेज प्रोपर्टी का अधिग्रहण करने की कार्रवाई के कारण बेदखली का खतरा है। वाशिंगटन डीसी में एक संघीय जिला अदालत में दायर मुकदमे का कहना है कि सरकार ने जून में सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन देने के बावजूद कि वह ऐसा नहीं करेगी, नए तरीकों से मोरेटोरियम को बढ़ाकर "गलत" किया।

लेकिन नए मोरेटोरियम के समर्थकों ने कहा है कि नया एविक्शन बैन सशर्त है और पिछले बैन की तरह व्यापक नहीं है। हालांकि पिछले मोरेटोरियम के विपरीत, नई सीडीसी मोरेटोरियम ऐसी स्थितियां हैं जो लगभग 80% अमेरिकी काउंटियों को राष्ट्रीय आबादी के 90% से अधिक आवास को कवर करती हैं और आवास अधिकार समर्थकों द्वारा एक स्वीकार्य कदम के रूप में स्वागत किया गया है।

कैंसिल द रेंट्स ने इस मोरेटोरियम का बचाव और विस्तार करने के लिए एएआर कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। उसका मानना है कि एएआर इस मोरेटोरियम को पलटने के लिए प्रमुख अन्य रियल्टर एसोसिएशन का नेतृत्व करता है। अन्य आंदोलनों और प्रगतिशील संगठनों ने भी इस विरोध में भाग लिया या समर्थन किया, जिसमें पार्टी फॉर सोशलिज्म एंड लिबरेशन (पीएसएल), हाउसिंग जस्टिस लीग और नेशनल कोएलिशन फॉर ए सिविल राइट टू काउंसिल शामिल हैं।

लिबरेशन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, रैली में बोलते हुए पोलक ने यह भी बताया था कि सरकार ने पहले ही किराये की राहत में 47 बिलियन अमेरिकी डॉलर आवंटित कर दिया है, जो सीधे भूस्वामियों के पास जाएगा, इसलिए इस मोरेटोरियम को समाप्त करने की कोई आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।

Alabama
Alabama Association of Realtors
AAR
Alabama Protest

Related Stories

वॉरियर मेट में कोयला कर्मचारियों की हड़ताल को 2 महीने पूरे हुए

अलबामा में अमेजन यूनियन पर ऐतिहासिक मतदान प्रक्रिया शुरू


बाकी खबरें

  • विजय विनीत
    बनारस को धार्मिक उन्माद की आग में झोंकने का घातक खेल है "अज़ान बनाम हनुमान चालीसा" पॉलिटिक्स
    19 Apr 2022
    हनुमान चालीसा एक धार्मिक पाठ है। इसे किसी को जवाब देने के लिए नहीं, मन और आत्मा की शांति के लिए पढ़ा जाता है। अब इसका इस्तेमाल नफ़रती राजनीति के लिए किया जा रहा है। दिक्कत यह है कि बहुत से पढ़े-लिखे…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्य प्रदेश फसल घोटाला: माकपा ने कहा- 4000 करोड़ के घोटाले में बिचौलिए ही नहीं भाजपाई भी हैं शामिल
    19 Apr 2022
    माकपा ने इस घोटाले का आरोप बीजेपी पर लगाते हुए कहा है कि पिछले डेढ़ दशक से भी लंबे समय से चल रहे गेहूं घोटाले में बिचौलिए ही नहीं प्रशासन और भाजपाई भी बड़े पैमाने पर शामिल हैं। 
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: कई राज्यों में मामले बढ़े, दिल्ली-एनसीआर में फिर सख़्ती बढ़ी 
    19 Apr 2022
    देश के कई राज्यों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकारों ने कोरोना के नियमों का पालन करने जोर दिया है, और मास्क नहीं पहनने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा |
  • अजय कुमार
    मुस्लिमों के ख़िलाफ़ बढ़ती नफ़रत के ख़िलाफ़ विरोध में लोग लामबंद क्यों नहीं होते?
    19 Apr 2022
    उत्तर भारत की मज़बूत जनाधार वाली पार्टियां जैसे कि समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, बाकी अन्य दलों के नेताओं की तरफ से ऐसा कुछ भी नहीं कहा गया, जिससे यह लगे कि भारत के टूटते ताने-बाने को बचाने के…
  • संदीप चक्रवर्ती
    केवल आर्थिक अधिकारों की लड़ाई से दलित समुदाय का उत्थान नहीं होगा : रामचंद्र डोम
    19 Apr 2022
    आर्थिक और सामाजिक शोषण आंतरिक रूप से जुड़े हुए हैं। माकपा की पोलिट ब्यूरो में चुने गए पहले दलित सदस्य का कहना है कि सामाजिक और आर्थिक दोनों अधिकारों की लड़ाई महत्वपूर्ण है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License