NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मैक्सिको में महिलाओं की हत्या को लेकर विरोध प्रदर्शन
कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय नारीवादी समूहों और मानवाधिकार संगठनों ने विक्टोरिया सालाज़ार की हत्या के साथ-साथ मैक्सिको में व्याप्त नस्लवाद, वर्गवाद, स्त्री-द्वेष और विदेशी लोगों से नफरत करने के मामले को लेकर की निंदा की है।
पीपल्स डिस्पैच
01 Apr 2021
मैक्सिको में महिलाओं की हत्या को लेकर विरोध प्रदर्शन

30 मार्च को मैक्सिको के क्विंटाना रु प्रांत में विभिन्न नारीवादी समूह, महिला संगठनों के सदस्यों और टुलुम नगरपालिका के लोगों ने स्थानीय पुलिस द्वारा सल्वाडोर के प्रवासी विक्टोरिया एशपरंजा सालाज़ार की हत्या का विरोध करने के लिए नगरपालिका की सड़कों पर उतरे।

300 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने सेटलाइट और टुलुम मार्ग के चौराहे पर प्रदर्शन किया और फिर क्विंटाना रु प्रांत में विक्टोरिया और अन्य महिलाओं की हत्या को लेकर न्याय की मांग करते हुए सिटी हॉल तक मार्च किया। टुलुम फेमिनिस्ट कलेक्टिव ने पुलिस की बर्बरता और पुलिस हिंसा को रोकने की भी मांग की।

36 वर्षीय विक्टोरिया की हत्या चार पुलिस अधिकारियों ने 27 मार्च को की थी जिनमें एक महिला और तीन पुरुष अधिकारी शामिल थे। उसे हिरासत में लेते हुए महिला पुलिस की अधिकारी ने उसे घुटनों के बल नीचे झुकाए रखा और उसकी इस शिकायतों के बावजूद कि वह सांस नहीं ले पा रही है किसी भी सुरक्षा अधिकारी ने उसकी मदद नहीं की। जब उन्होंने देखा कि वह हरकत नहीं कर रही है तो उन्होंने एम्बुलेंस को फोन भी नहीं किया इसके बजाए वे एक पुलिस ट्रक के पीछे उसके बेजान शरीर को ले गए। 29 मार्च को जारी किए गए ऑटोप्सी रिपोर्ट के अनुसार विक्टोरिया की स्पाइन की पहली दो वर्टिब्रा में फ्रैक्चर था जिससे उसकी मौत हो गई।

विक्टोरिया के लिए न्याय मांगने को लेकर ये विरोध प्रदर्शन क्विंटाना रु प्रांत में कनकून, चेतूमल, होलबॉक्स, प्लाया डेल कारमेन, कोज़ुमेल और फेलिपे कैरिलो प्यूर्टो शहरों के साथ साथ राजधानी मेक्सिको सिटी तक फैल गया। इन सभी विरोध प्रदर्शनों में मैक्सिको की महिलाओं ने देश में महिलाओं की हत्या में वृद्धि और इस अपराध के मामले में इम्प्यूनिटी को लेकर निंदा की।

मैक्सिको दुनिया में सबसे अधिक महिलाओं की हत्या और इम्पयूनिटी देने वाले देशों में से एक है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, मैक्सिको में हर दिन औसतन 10 महिलाओं की मौत होती है और इनमें से 10% से भी कम मामलों का ही हल हो पाता हैं। जिस दिन विक्टोरिया की हत्या हुई थी उस दिन क्विंटाना रु में तीन अन्य महिलाओं की भी हत्या कर दी गई थी।

कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय नारीवादी समूहों और मानवाधिकार संगठनों ने माना है कि विक्टोरिया की हत्या नस्लवाद, वर्गवाद, स्त्री-द्वेष और विदेशी लोगों से नफरत करने का मामला है जो देश में व्याप्त है। संगठनों ने इसे उदाहरण के तौर पर बताया कि मैक्सिको में प्रवासियों और गरीबों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है।

mexico
Mexico Protest
International feminist groups

Related Stories

मैक्सिको : एबॉर्शन के अधिकार की मांग के साथ महिलाओं की रैली


बाकी खबरें

  • JK
    अनीस ज़रगर
    कश्मीरः जेल में बंद पत्रकारों की रिहाई के लिए मीडिया अधिकार समूहों ने एलजी को लिखी चिट्ठी 
    16 Feb 2022
    मीडिया निकायों ने फहद की पत्रकारिता कार्य के विरुद्ध शुरू की गई सभी पुलिसिया जांच को वापस लेने का भी आह्वान किया। 
  • modi ravidas mandir
    राज वाल्मीकि
    रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न जात
    16 Feb 2022
    कई जगह दलितों का वोट प्राप्त करने के लिए भाजपा के नेता भी आज रैदास मंदिर में नमन कर रहे हैं। इसे देखकर एक अम्बेडकरवादी होने के नाते मैं असहज हुआ।
  • Greta Acosta Reyes
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    वामपंथ के पास संस्कृति है, लेकिन दुनिया अभी भी बैंकों की है
    16 Feb 2022
    'जब हमारे समय की महान सांस्कृतिक बहसों की बात आती है, इतिहास की सुई लगभग पूरी तरह से वामपंथ की ओर झुक जाती है।लेकिन आर्थिक व्यवस्था के मामले में दुनिया बैंकों की है'।
  • UNEMPLOYMENT
    प्रभात पटनायक
    क्यों पूंजीवादी सरकारें बेरोज़गारी की कम और मुद्रास्फीति की ज़्यादा चिंता करती हैं?
    16 Feb 2022
    सचाई यह है कि पूंजीवादी सरकारों को बेरोजगारी के मुकाबले में मुद्रास्फीति की ही ज्यादा चिंता होना, समकालीन पूंजीवाद में वित्तीय पूंजी के वर्चस्व को ही प्रतिबिंबित करता है।
  • punjab
    न्यूज़क्लिक टीम
    अमृतसर: व्यापार ठप, नौकरियाँ ख़त्म पर चुनावों में ग़ायब मुद्दा
    16 Feb 2022
    भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार ख़त्म होने के बाद अमृतसर, तरन तारन और गुरदासपुर के हज़ारों लोग बेरोज़गार हो गए. इस व्यापार ने हज़ारों ट्रक ड्राइवरों, कुलियों, ढाबों को आबाद किया लेकिन अब सभी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License