NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
15 राज्यों की 57 सीटों पर राज्यसभा चुनाव; कैसे चुने जाते हैं सांसद, यहां समझिए...
देश में अगले महीने राज्यसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां विधायकों को साधने में जुट गई हैं।
रवि शंकर दुबे
25 May 2022
RAJYASABHA

देश में 15 राज्यों की 57 विधानसभा सीटों पर चुनाव का एलान हो चुका है। जैसा कि उम्मीद थी कि इस बार राज्यसभा चुनाव में बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं, तो हुआ भी ऐसा ही। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन के दूसरे दिन ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे कपिल सिब्बल ने सपा का दामन थामकर ये सच साबित कर दिया। सिब्बल ने 25 मई को अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव की मौजूदगी में राज्यसभा के लिए पर्चा दाखिल किया। 

15 राज्यों की 57 विधानसभा सीटों के नतीजे 10 जून को आएंगे, जबकि 31 मई तक पर्चा दाखिल किया जा सकता है। इसी कड़ी में हर राजनीतिक पार्टी अपने छंटे हुए उम्मीदवारों पर दांव खेल रही है। जिसमें उत्तर प्रदेश जैसा बड़ा राज्य आने वाले लोकसभा चुनावों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

राज्यसभा चुनाव 2022

·   24 मई को अधिसूचना जारी की गई।

·   31 मई को नामांकन दाखिल करने का आख़िरी दिन।

·   1 मई को नामांकन की स्क्रूटनी की जाएगी।

·   3 जून नामांकन वापस लेने की आख़िरी तारीख।

·   10 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होंगे।

·   10 जून को ही शाम 5 बजे के बाद मतों की गणना होगी।

जिन 15 ज़िलों की 57 सीटों पर चुनाव होने हैं:

·   उत्तर प्रदेश की 11 सीटें

·   महाराष्ट्र की 6 सीटें

·   बिहार की 5 सीटें

·   राजस्थान, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की 4-4 सीटें

·   तमिलनाडु की 6 सीटें

·   एमपी और ओडिशा की 3-3 सीटें

·   पंजाब, हरियाणा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड की 2-2 सीटें

·   उत्तराखंड की 1 सीट

इन सभी राज्यों में उत्तर प्रदेश और राजस्थान की राज्यसभा सीटों पर मुकाबला काफी रोचक होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश की जिन 11 सीटों पर चुनाव है, विधायकों के आंकड़ों को देखते हुए 7 बीजेपी और 3 सपा के खाते में जाना तय है। ऐसे में 11वीं सीट के लिए सपा और बीजेपी के बीच एक दूसरे के खेमे में सेंधमारी की कवायद करनी होगी। वहीं, राजस्थान की चार राज्यसभा सीटों में से दो सीटें कांग्रेस और एक सीट बीजेपी को मिलनी तय है जबकि चौथी सीट के लिए सियासी संग्राम मचेगा।

बात उत्तर प्रदेश राज्यसभा की...

विधानसभा में भाजपा गठबंधन के 273 और सपा गठबंधन के 125 विधायक हैं। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक और कांग्रेस के दो-दो और बसपा का एक विधायक है। माना जा रहा है कि जनसत्ता दल के दो विधायकों का समर्थन भाजपा को मिल सकता है और भाजपा 8वीं सीट अपने पाले में कर सकती है। कांग्रेस और बसपा का किसी भी दल से गठबंधन नहीं होने से दोनों दल चुनाव से बाहर रह सकते हैं।

सपा के लिए चुनौती

राज्यसभा चुनाव में सपा के लिए अपने नाराज विधायकों को एकजुट रखना बड़ी चुनौती होगी। राज्यसभा जाने की मंशा रखने वाले पार्टी नेताओं को भी पार्टी में बनाए रखना अखिलेश यादव के लिए एक बड़ी चुनौती है। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से सपा में शिवपाल और आजम खान की नाराजगी एक बड़ा मुद्दा है। शिवपाल यादव तो सपा पर आजम खान की अनदेखी करने का आरोप तक लगा चुके हैं। विधायकों की बैठक में न बुलाए जाने से भी वह लगातार पार्टी से नाराज चल रहे हैं।

इन नेताओं का कार्यकाल पूरा

यूपी से जिन 11 राज्यसभा सदस्यों के कार्यकाल पूरे हो रहे हैं, उसमें  बीजेपी से जफर इस्लाम, शिव प्रताप शुक्ला, सुरेंद्र सिंह नागर, संजय सेठ और जय प्रकाश निषाद का नाम शामिल है। तो समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रेवती रमण सिंह, विशंभर प्रसाद निषाद और सुखराम सिंह यादव हैं। बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा, अशोक सिद्धार्थ हैं। वहीं कपिल सिब्बल का कार्यकाल भी राज्यसभा से भी समाप्त हो गया और कांग्रेस से भी। हालांकि कपिल सिब्बल अब समाजवादी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा जाएंगे।

बात राजस्थान राज्यसभा चुनाव की...

जैसे कि आपको मालूम है कि राजस्थान की 4 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। और चारों पर ही भाजपा का कब्ज़ा है। लेकिन अब यहां विधायकों के लिहाज़ से दो सीटों पर कांग्रेस तो एक सीट पर भाजपा सुरक्षित नज़र आ रही है। लेकिन दोनों ही पार्टियां चौथी सीट को जीतने के लिए जुगत में लग गई हैं। क्योंकि कांग्रेस हो या भाजपा चौथी सीट जीतने के लिए निर्दलीय, बीटीपी, आरएलपी, और माकपा के सदस्यों के समर्थन की ज़रूरत पड़ेगी ही।

हालांकि, निर्दलीय के समर्थन से कांग्रेस का पलड़ा फिलहाल बारी दिख रहा है। राजस्थान में कांग्रेस के 108, भाजपा के 71, निर्दलीय 13, आरएलपी 3, बीटीपी 2, माकपा 2 और आरएलडी के पास एक विधायक है। राजस्थान में राज्यसभी की एक सीट के लिए 51 विधायकों का समर्थन चाहिए। इस लिहाज़ से कांग्रेस अपने अतिरिक्त वोटों के साथ-साथ निर्दलीय और अन्य छोटी पार्टियों का समर्थन जुटा लेती है तो तीसरी सीट पर काबिज़ हो सकती है। ये कहना ग़लत नहीं होगा कि आख़िरी समय में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उलटफेर करने में माहिर हैं। इस लिहाज़ से भाजपा को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान के अलावा बाकी राज्यों में भी राज्यसभा चुनावों के लिए कड़ी टक्कर होने की उम्मीद है, हालांकि ज्यादातर जगहों पर एकतरफा विधायक होने से भाजपा की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

अब राज्यसभा और राज्यसभा चुनाव के बारे में जानते हैं...

संविधान के मुताबिक, राज्यसभा में सदस्यों की अधिकतम संख्या 250 निर्धारित की गई है, जिसमे 238 सदस्यों के लिए चुनाव का प्रावधान है जबकि 12 सदस्य राष्ट्रपति नॉमिनेट करते हैं। जिन सदस्यों को राष्ट्रपति नॉमिनेट करते हैं वो कला, खेल, संगीत जैसे क्षेत्रों से होते हैं।  हर दो साल में से एक तिहाई सदस्यों का कार्यकाल खत्म भी होता है, जिसके बाद उनकी सीटों के लिए चुनाव होता है, इसका मतलब है कि प्रत्येक दो साल पर राज्यसभा के एक तिहाई सदस्य बदलते हैं न कि यह सदन भंग होता है। यानी राज्यसभा हमेशा बनी रहती है।

अलग होती है चुनावी प्रक्रिया

राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया लोकसभा और विधानसभा चुनाव से अलग है। क्योंकि उसके सदस्य का कार्यकाल 6 साल का होता है। लोकसभा चुनाव में आम आदमी वोट करते हैं लेकिन राज्यसभा चुनाव के लिए आम आदमी वोट नहीं कर सकता है, इसके लिए जनता द्वारा चुने गए जन प्रतिनिधि यानी विधायक ही इस चुनाव में हिस्सा लेते हैं। और राज्यसभा चुनावों के नतीजों के लिए एक फार्मूला भी तय किया गया है।

किसी राज्य की राज्यसभा की खाली सीटों में 1 जोड़कर उससे कुल विधानसभा सीटों को विभाजित किया जाता है यानी भाग दिया जाता है। जो भी संख्या निकलकर आती है उसमें 1 जोड़ दिया जाता है। जैसे अभी उत्तर प्रदेश में 11 सीटें खाली हैं और यहां कुल विधायक हैं 403 । अब समझिए....

·   खाली राज्यसभा सीटों की संख्या 11, अब इसमें एक जोड़ना होगा, हो गया 12.... (11+1=12) 

·   अब 12 से विधायकों की संख्या यानी 403 को भाग दिया जाएगा, तो नतीजा आएगा 33.58... (403/12=33.58)

·   भाग देने पर आई संख्या 33.58 में 1 जोड़ दिया जाएगा, तो आएगा 34.58... (33.58+1=34.58)

·   यानी ये कह सकते हैं कि यूपी राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए एक सदस्य को औसतन 35 विधायकों का समर्थन चाहिए।

ख़ैर.. आने वाले राज्यसभा चुनाव उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बेहद दिलचस्प होने वाले हैं। जिसके लिए फिलहाल सभी राजनीतिक पार्टियां अपना पूरा ज़ोर लगा रही हैँ।

 

इसे भी पढ़ें: /saaikaila-para-savaara-haokara-raajayasabhaa-jaaengae-kapaila-saibabala

 

Rajyasabha Election
Congress
BJP
UP
Rajasthan
kapil sibbal

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    ग़ाज़ीपुर के ज़हूराबाद में सुभासपा के मुखिया ओमप्रकाश राजभर पर हमला!, शोक संतप्त परिवार से गए थे मिलने
    10 May 2022
    ओमप्रकाश राजभर ने तत्काल एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के अलावा पुलिस कंट्रोल रूम, गाजीपुर के एसपी, एसओ को इस घटना की जानकारी दी है। हमले संबंध में उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया। उन्होंने कहा है कि भाजपा के…
  • कामरान यूसुफ़, सुहैल भट्ट
    जम्मू में आप ने मचाई हलचल, लेकिन कश्मीर उसके लिए अब भी चुनौती
    10 May 2022
    आम आदमी पार्टी ने भगवा पार्टी के निराश समर्थकों तक अपनी पहुँच बनाने के लिए जम्मू में भाजपा की शासन संबंधी विफलताओं का इस्तेमाल किया है।
  • संदीप चक्रवर्ती
    मछली पालन करने वालों के सामने पश्चिम बंगाल में आजीविका छिनने का डर - AIFFWF
    10 May 2022
    AIFFWF ने अपनी संगठनात्मक रिपोर्ट में छोटे स्तर पर मछली आखेटन करने वाले 2250 परिवारों के 10,187 एकड़ की झील से विस्थापित होने की घटना का जिक्र भी किया है।
  • राज कुमार
    जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप
    10 May 2022
    सम्मेलन में वक्ताओं ने उन तबकों की आज़ादी का दावा रखा जिन्हें इंसान तक नहीं माना जाता और जिन्हें बिल्कुल अनदेखा करके आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। उन तबकों की स्थिति सामने रखी जिन तक आज़ादी…
  • भाषा
    श्रीलंका में हिंसा में अब तक आठ लोगों की मौत, महिंदा राजपक्षे की गिरफ़्तारी की मांग तेज़
    10 May 2022
    विपक्ष ने महिंदा राजपक्षे पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हमला करने के लिए सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को उकसाने का आरोप लगाया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License