NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
उत्पीड़न
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
मंत्री अजय मिश्रा की बर्ख़ास्तगी की मांग को लेकर किसानों का ‘रेल रोको’ आंदोलन
एसकेएम के मुताबिक आज का रेल रोको आंदोलन कुल 6 घंटे का रहेगा। इस दौरान पूरे देश में रेल सेवाएं सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बाधित की जाएंगी। रेल संपत्ति को बिना क्षति पहुंचाए, रेल रोको शांतिपूर्ण रहेगा। एसकेएम सभी घटकों से दिशानिर्देश का सख्ती से पालन करने की अपील की  है।  
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Oct 2021
kisan andolan

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री और भरतीय जनता पार्टी के नेता अजय मिश्रा टेनी को हटाने की मांग को लेकर आज, सोमवार को 6 घंटे देशव्यापी ‘रेल रोको’ आंदोलन का आह्वान किया। इसके तहत किसान पंजाब-हरियाणा समेत कई जगह रेल की पटरियों पर बैठे नजर आ रहे हैं।

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने समाचार एजेंसी एनएनआई से बात करते हुए बताया कि ये अलग-अलग ज़िलों में अलग-अलग जगह होगा। पूरे देश में वहां के लोगों को पता रहता है कि हमें कहां ट्रेन रोकनी है। भारत सरकार ने अभी हमसे कोई बात नहीं की है।

लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड में जब तक न्याय नहीं मिल जाता तब तक प्रदर्शन लगातार तेज होता जाएगा : संयुक्त किसान मोर्चा

3 अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड के तुरंत बाद, संयुक्त किसान मोर्चा ने इस नरसंहार की घटना में न्याय सुनिश्चित करने के लिए कई कार्यक्रमों की घोषणा की थी। एसकेएम शुरू से ही अजय मिश्रा टेनी को मोदी सरकार में मंत्रिपरिषद से बर्खास्त करने की मांग करता रहा है। एसकेएम का कहना है-

यह स्पष्ट है कि अजय मिश्रा के केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री होने के कारण, इस मामले में न्याय सुनिश्चित नहीं किया जा सकता है। ऐसा सिर्फ इसलिए नहीं है कि उनका बेटा, आशीष मिश्रा लखीमपुर खीरी हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। सच तो यह है कि अजय मिश्रा टेनी किसी आम उपद्रवी की तरह किसानों को जनसभा से धमकियां देने से भी नहीं हिचकिचाए। किसी हिस्ट्रीशीटर की तरह, उन्होंने डराने-धमकाने के लिए अपने आपराधिक इतिहास का भी हवाला दिया था। उन्होंने अपने भाषणों में हिंदुओं और सिखों के बीच नफरत, दुश्मनी और सांप्रदायिक द्वेष को बढ़ावा दिया। उनके वाहनों का उपयोग शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए किया गया। जब पुलिस समन जारी कर रही थी तब भी उन्होंने अपने बेटे और साथियों को संरक्षण दिया।

एसकेएम ने कहा कि रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि चश्मदीदों पर गवाही न देने और अपने बयान दर्ज नहीं करने दबाव है। उनके बेटे, मुख्य आरोपी, वीआईपी सुविधाएं प्राप्त कर रहे हैं, जैसा इस देश में किसी अन्य हत्या-आरोपी को नहीं दी जाती हैं। भाजपा में उनकी पार्टी के सहयोगी दावा कर रहे हैं कि वह पूरे नरसंहार के सूत्रधार थे। यह स्पष्ट है कि अगर निष्पक्ष जांच और प्रक्रिया होती तो अजय मिश्रा टेनी को अब तक गिरफ्तार कर लिया जाना चाहिए था। अजय मिश्रा को मंत्री के रुप मे बनाए रखकर नरेंद्र मोदी केंद्रीय मंत्रिपरिषद को शर्मसार कर रहे हैं, और बेहद अनैतिक रवैया प्रदर्शित कर रहे हैं। देश में ऐसी सरकार होने से नागरिकों का सर शर्म से झुक जाता है।
एसकेएम ने एक बार फिर मांग की है कि अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त कर तत्काल गिरफ्तार किया जाए।

इन मांगों  पर जोर देने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने आज सोमवार को  देशव्यापी रेल रोको कार्यक्रम की घोषणा की है। एसकेएम ने अपने घटकों से 18 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच छह घंटे के लिए रेल यातायात रोकने का आह्वान किया था। एसकेएम ने इस कार्रवाई को, बिना किसी रेल संपत्ति को किसी भी प्रकार की क्षति के, शांतिपूर्ण ढंग से कार्यान्वित करने का आह्वान किया है।

दशहरे के दिन, देशभर में सैकड़ों स्थानों पर पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां भाजपा नेताओं के पुतले जलाए गए और अजय मिश्रा की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी और लखीमपुर खीरी हत्याकांड में न्याय की मांग की गई। उत्तर प्रदेश में दर्जनों जगहों पर पुलिस ने कई किसान नेताओं को हिरासत में लिया और घर में नजरबंद कर दिया। एसकेएम ने इसकी निंदा की है और कहा है कि वह यूपी सरकार से आम नागरिकों के विरोध के अधिकार को कुचलने के खिलाफ चेतावनी देता है।

विभिन्न राज्यों में निकाली जा रही हैं लखीमपुर खीरी शहीद कलश यात्राएं -  देश भर में कई पक्के मोर्चा जारी हैं

लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड के शहीदों की अस्थियों के साथ उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और अन्य राज्यों में विभिन्न मार्गों पर शहीद कलश यात्राएं निकाली जा रही हैं।

राजस्थान के सीकर में, स्थानीय किसानों द्वारा काले झंडे लेकर विरोध का अल्टीमेटम देने के कारण राज्यपाल का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया, जिसे स्थानीय भाजपा सांसद द्वारा आयोजित किया जा रहा था। किसानों ने एकजुट होकर चेतावनी जारी की कि यदि राज्यपाल सांसद के वैदिक आश्रम में "यज्ञ" में भाग लेते हैं, तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि आश्रम का निर्माण भाजपा नेता द्वारा गांव की आम चारागाह भूमि पर अतिक्रमण कर किया गया है। इसके बाद राज्यपाल कलराज मिश्र ने  कार्यक्रम रद्द कर दिया।

एसकेएम विभिन्न राज्यों में भाजपा नेताओं और अन्य सहयोगी दलों के नेताओं द्वारा पार्टी कार्यक्रमों को आयोजित करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के उपयोग की निंदा करता है। यह भी दुखद पहलू है कि कार्यक्रम जातिवादी आधार पर आयोजित किये जा रहे हैं। एसकेएम ने भाजपा नेताओं के सामाजिक बहिष्कार को विभिन्न राज्यों में गति देने की भी अपील की है ।

विरोध कर रहे किसानों के,समर्थन में और ऐतिहासिक किसान आंदोलन के हिस्से के रूप में, देश भर में विभिन्न स्थानों पर टोल प्लाजों पर, कॉरपोरेट मॉल और पेट्रोल स्टेशनों पर, और भाजपा नेताओं के आवासों के बाहर, पक्के मोर्चा बनाए गए हैं। ऐसा मोर्चा राजस्थान के सवाई माधोपुर में 17 जनवरी 2021 से जारी है। मोहाली में एक रिले भूख हड़ताल अपने 133वें दिन में प्रवेश कर गई है, जिसमें बढ़ चढ़ कर  स्थानीय निवासी भाग ले रहे हैं। इसी तरह के मोर्चा महाराष्ट्र के वर्धा और मध्य प्रदेश के रीवा, सिवनी और सतना में भी चल रहे हैं। किसान आंदोलन की मांगों को लेकर कई समर्थकों ने पदयात्राएं और साइकिल यात्राएं निकालीं और हजारों किलोमीटर की कठिन यात्राएं कीं हैं। 

Lakhimpur Kheri
Lakhimpur massacre
kisan andolan
rail roko andolan
Nationwide Protest
Ajay Mishra Teni
BJP
SKM

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें


बाकी खबरें

  • बैंक निजीकरण से धन्नासेठों को फायदा
    न्यूज़क्लिक टीम
    बैंक निजीकरण से धन्नासेठों को फायदा
    30 Jul 2021
    52 साल पहले बड़े निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था। अब इन्ही बैंकों को वापस प्राइवेट सेक्टर को बेचने की तैयारी की जा रही है। इससे सिर्फ बड़े कॉर्पोरेट घरानों और धन्नासेठों को फायदा होगा
  • इज़रायली सैनिकों ने क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में एक अन्य फ़िलिस्तीनी युवक की हत्या की
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायली सैनिकों ने क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में एक अन्य फ़िलिस्तीनी युवक की हत्या की
    30 Jul 2021
    20 वर्षीय शौकत अवाद को उस समय गोली मारी गई जब इज़रायली सैनिकों ने 12 वर्षीय मोहम्मद अल-अलामी के अंतिम संस्कार में भाग लेने वाले लोगों पर गोलियां चलाई थीं। अलामी को इन सैनिकों ने एक दिन पहले गोली मार…
  • रियो टिंटोस द्वारा बड़े पैमाने पर खनन निविदा के ख़िलाफ़ सर्बिया में विरोध प्रदर्शन तेज़
    पीपल्स डिस्पैच
    रियो टिंटोस द्वारा बड़े पैमाने पर खनन निविदा के ख़िलाफ़ सर्बिया में विरोध प्रदर्शन तेज़
    30 Jul 2021
    पर्यावरण समूहों, प्रगतिशील राजनीतिक समूहों और स्थानीय लोगों के समूह ने पूरे सर्बिया से लिथियम समृद्ध जादराइट अयस्क के बड़े पैमाने पर खनन के लिए खनन दिग्गज रियो टिंटो की योजनाओं के ख़िलाफ़ विरोध तेज़…
  • आमागढ़ क़िला: आदिवासी मीणा समुदाय और हिंदूवादी संगठन आमने-सामने
    अवधेश
    आमागढ़ क़िला: आदिवासी मीणा समुदाय और हिंदूवादी संगठन आमने-सामने
    30 Jul 2021
    आमागढ़ जिसे आंबागढ़ भी कहा जाता है का क़िला मीणा समुदाय की अस्मिता से जुड़ा है लेकिन आज इसके साथ भगवे झंडे का विवाद भी जुड़ गया है, जिसे लेकर एक दूसरे को चुनौती दी जा रही है। इससे सामाजिक सौहार्द…
  • 112 दिनों की भूख हड़ताल के बाद जेल में बंद मोरक्को के पत्रकार सुलेमान रायसूनी की तबीयत बिगड़ी
    पीपल्स डिस्पैच
    112 दिनों की भूख हड़ताल के बाद जेल में बंद मोरक्को के पत्रकार सुलेमान रायसूनी की तबीयत बिगड़ी
    30 Jul 2021
    रायसूनी को प्री-ट्रायल डिटेंशन में रखा गया है। एक साल पहले सुनवाई के बाद उन्हें दोषी ठहराया गया और पांच साल की जेल की सज़ा सुनाई गई। इसे मानवाधिकार समूहों ने "त्रुटिपूर्ण" और "न्याय विहीन" क़रार दिया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License