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मंत्री अजय मिश्रा की बर्ख़ास्तगी की मांग को लेकर किसानों का ‘रेल रोको’ आंदोलन
एसकेएम के मुताबिक आज का रेल रोको आंदोलन कुल 6 घंटे का रहेगा। इस दौरान पूरे देश में रेल सेवाएं सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बाधित की जाएंगी। रेल संपत्ति को बिना क्षति पहुंचाए, रेल रोको शांतिपूर्ण रहेगा। एसकेएम सभी घटकों से दिशानिर्देश का सख्ती से पालन करने की अपील की  है।  
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Oct 2021
kisan andolan

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री और भरतीय जनता पार्टी के नेता अजय मिश्रा टेनी को हटाने की मांग को लेकर आज, सोमवार को 6 घंटे देशव्यापी ‘रेल रोको’ आंदोलन का आह्वान किया। इसके तहत किसान पंजाब-हरियाणा समेत कई जगह रेल की पटरियों पर बैठे नजर आ रहे हैं।

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने समाचार एजेंसी एनएनआई से बात करते हुए बताया कि ये अलग-अलग ज़िलों में अलग-अलग जगह होगा। पूरे देश में वहां के लोगों को पता रहता है कि हमें कहां ट्रेन रोकनी है। भारत सरकार ने अभी हमसे कोई बात नहीं की है।

लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड में जब तक न्याय नहीं मिल जाता तब तक प्रदर्शन लगातार तेज होता जाएगा : संयुक्त किसान मोर्चा

3 अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड के तुरंत बाद, संयुक्त किसान मोर्चा ने इस नरसंहार की घटना में न्याय सुनिश्चित करने के लिए कई कार्यक्रमों की घोषणा की थी। एसकेएम शुरू से ही अजय मिश्रा टेनी को मोदी सरकार में मंत्रिपरिषद से बर्खास्त करने की मांग करता रहा है। एसकेएम का कहना है-

यह स्पष्ट है कि अजय मिश्रा के केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री होने के कारण, इस मामले में न्याय सुनिश्चित नहीं किया जा सकता है। ऐसा सिर्फ इसलिए नहीं है कि उनका बेटा, आशीष मिश्रा लखीमपुर खीरी हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। सच तो यह है कि अजय मिश्रा टेनी किसी आम उपद्रवी की तरह किसानों को जनसभा से धमकियां देने से भी नहीं हिचकिचाए। किसी हिस्ट्रीशीटर की तरह, उन्होंने डराने-धमकाने के लिए अपने आपराधिक इतिहास का भी हवाला दिया था। उन्होंने अपने भाषणों में हिंदुओं और सिखों के बीच नफरत, दुश्मनी और सांप्रदायिक द्वेष को बढ़ावा दिया। उनके वाहनों का उपयोग शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए किया गया। जब पुलिस समन जारी कर रही थी तब भी उन्होंने अपने बेटे और साथियों को संरक्षण दिया।

एसकेएम ने कहा कि रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि चश्मदीदों पर गवाही न देने और अपने बयान दर्ज नहीं करने दबाव है। उनके बेटे, मुख्य आरोपी, वीआईपी सुविधाएं प्राप्त कर रहे हैं, जैसा इस देश में किसी अन्य हत्या-आरोपी को नहीं दी जाती हैं। भाजपा में उनकी पार्टी के सहयोगी दावा कर रहे हैं कि वह पूरे नरसंहार के सूत्रधार थे। यह स्पष्ट है कि अगर निष्पक्ष जांच और प्रक्रिया होती तो अजय मिश्रा टेनी को अब तक गिरफ्तार कर लिया जाना चाहिए था। अजय मिश्रा को मंत्री के रुप मे बनाए रखकर नरेंद्र मोदी केंद्रीय मंत्रिपरिषद को शर्मसार कर रहे हैं, और बेहद अनैतिक रवैया प्रदर्शित कर रहे हैं। देश में ऐसी सरकार होने से नागरिकों का सर शर्म से झुक जाता है।
एसकेएम ने एक बार फिर मांग की है कि अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त कर तत्काल गिरफ्तार किया जाए।

इन मांगों  पर जोर देने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने आज सोमवार को  देशव्यापी रेल रोको कार्यक्रम की घोषणा की है। एसकेएम ने अपने घटकों से 18 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच छह घंटे के लिए रेल यातायात रोकने का आह्वान किया था। एसकेएम ने इस कार्रवाई को, बिना किसी रेल संपत्ति को किसी भी प्रकार की क्षति के, शांतिपूर्ण ढंग से कार्यान्वित करने का आह्वान किया है।

दशहरे के दिन, देशभर में सैकड़ों स्थानों पर पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां भाजपा नेताओं के पुतले जलाए गए और अजय मिश्रा की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी और लखीमपुर खीरी हत्याकांड में न्याय की मांग की गई। उत्तर प्रदेश में दर्जनों जगहों पर पुलिस ने कई किसान नेताओं को हिरासत में लिया और घर में नजरबंद कर दिया। एसकेएम ने इसकी निंदा की है और कहा है कि वह यूपी सरकार से आम नागरिकों के विरोध के अधिकार को कुचलने के खिलाफ चेतावनी देता है।

विभिन्न राज्यों में निकाली जा रही हैं लखीमपुर खीरी शहीद कलश यात्राएं -  देश भर में कई पक्के मोर्चा जारी हैं

लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड के शहीदों की अस्थियों के साथ उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और अन्य राज्यों में विभिन्न मार्गों पर शहीद कलश यात्राएं निकाली जा रही हैं।

राजस्थान के सीकर में, स्थानीय किसानों द्वारा काले झंडे लेकर विरोध का अल्टीमेटम देने के कारण राज्यपाल का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया, जिसे स्थानीय भाजपा सांसद द्वारा आयोजित किया जा रहा था। किसानों ने एकजुट होकर चेतावनी जारी की कि यदि राज्यपाल सांसद के वैदिक आश्रम में "यज्ञ" में भाग लेते हैं, तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि आश्रम का निर्माण भाजपा नेता द्वारा गांव की आम चारागाह भूमि पर अतिक्रमण कर किया गया है। इसके बाद राज्यपाल कलराज मिश्र ने  कार्यक्रम रद्द कर दिया।

एसकेएम विभिन्न राज्यों में भाजपा नेताओं और अन्य सहयोगी दलों के नेताओं द्वारा पार्टी कार्यक्रमों को आयोजित करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के उपयोग की निंदा करता है। यह भी दुखद पहलू है कि कार्यक्रम जातिवादी आधार पर आयोजित किये जा रहे हैं। एसकेएम ने भाजपा नेताओं के सामाजिक बहिष्कार को विभिन्न राज्यों में गति देने की भी अपील की है ।

विरोध कर रहे किसानों के,समर्थन में और ऐतिहासिक किसान आंदोलन के हिस्से के रूप में, देश भर में विभिन्न स्थानों पर टोल प्लाजों पर, कॉरपोरेट मॉल और पेट्रोल स्टेशनों पर, और भाजपा नेताओं के आवासों के बाहर, पक्के मोर्चा बनाए गए हैं। ऐसा मोर्चा राजस्थान के सवाई माधोपुर में 17 जनवरी 2021 से जारी है। मोहाली में एक रिले भूख हड़ताल अपने 133वें दिन में प्रवेश कर गई है, जिसमें बढ़ चढ़ कर  स्थानीय निवासी भाग ले रहे हैं। इसी तरह के मोर्चा महाराष्ट्र के वर्धा और मध्य प्रदेश के रीवा, सिवनी और सतना में भी चल रहे हैं। किसान आंदोलन की मांगों को लेकर कई समर्थकों ने पदयात्राएं और साइकिल यात्राएं निकालीं और हजारों किलोमीटर की कठिन यात्राएं कीं हैं। 

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