NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
राजस्थान: नहीं थम रही यौन हिंसा, लॉकडाउन में फंसी महिला के साथ गैंगरेप
लॉकडाउन के चलते महीने भर से सवाई माधोपुर में फंसी महिला जब जयपुर अपने घर जाने को पैदल निकली तो एक स्कूल में तीन लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया। पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
27 Apr 2020
राजस्थान

देशभर में लॉकडाउन लागू है, चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है बावजूद इसके महिलाओं के साथ हो रही यौन हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही। ताजा मामला राजस्थान के सवाई माधोपुर से सामने आया है। यहां बटोदा थाना इलाके में लॉकडाउन में फंसी एक महिला के साथ स्कूल में कथित तौर पर दुष्कर्म का मामला सामने आया है। फिलहाल इस संबंध में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने कोर्ट में पेश कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया में आई ख़बरों के अनुसार 40 वर्षीय पीड़ित महिला ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि वह पिछले एक महीने से लॉकडाउन के कारण सवाई माधोपुर में फंसी थी, इसलिए अब उसने पैदल ही जयपुर स्थित अपने घर पहुंचने का फैसला किया। लेकिन जब वह बटोदा के एक स्कूल में रात को आराम के लिए रुकी तो वहां कुछ लोगों ने उसके साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना गुरुवार रात 23 अप्रैल की है। पीड़ित महिला ने थाने में इसकी शिकायत अगले दिन शुक्रवार सुबह 24 अप्रैल को दर्ज करवाई है। महिला ने सवाई माधोपुर पुलिस को दिए अपने बयान में कहा कि वह दौसा जेल में अपने बेटे से मिलने गई थी, जो 2015 में जयपुर में गैंगरेप और पॉक्सो मामले में आरोपी है।

इस संबंध में इलाके के डीएसपी पार्थ शर्मा ने कहा कि तीनों आरोपियों की पहचान कर ली गई और उन्हें फौरन गिरफ्तार भी कर लिया गया। बाद में उन्हें कोर्ट में पेश कर कर दिया गया है। महिला की शिकायत पर उसकी मेडिकल जांच की गई और बयान दर्ज किया गया है।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों की पहचान ऋषिकेश मीणा, लखन रेगर और कमल खरवाल के रूप में हुई है। इस मामले में एक हेड कॉन्स्टेबल लाल चंद को भी सस्पेंड कर दिया गया है। जिला कलेक्टर ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

स्थानीय पत्रकार अनिल जैन ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में बताया, “ कुछ पुलिसवालों की जानकारी के मुताबिक महिला अपने घर पहुंचने की कोशिश में बटोडा के गांव पहुंच गई। जहां स्थानीय प्रशासन द्वारा महिला के खाने-पीने और एक सरकारी स्कूल में रुकने का इंतजाम किया गया। हालांकि पुलिस ने ग्रामीणों से कहा था कि महिला को सुरक्षा के लिहाज से अकेला न छोड़े लेकिन महिला के कोरोना से संक्रमित होने के संदेह पर ग्रामीणों ने महिला को रात में अकेला छोड़ दिया, जिसके बाद रात के समय गांव के ही तीन लोगों ने महिला के साथ बलात्कार किया। महिला को क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया है और उनकी कोरोना जांच की गई है। फिलहाल रिपोर्ट नहीं आई है।”

राजस्थान के एक गैर-सरकारी महिला संगठन से जुड़ी मनिषा कुक्कड़ बताती हैं, “ये हैरानी की बात है कि आखिर प्रशासन ने क्या सोचकर एक महिला को खाली स्कूल में अकेले छोड़ दिया। जगह-जगह पुलिस रात-दिन लगी हुई है लेकिन बावजूद इसके जब से लॉकडाउन हुआ है महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में इज़ाफा ही देखने को मिला है। क्या पुलिस और प्रशासन सिर्फ कोरोना की बीमारी से लड़ेगे, उससे बड़ी जो सालों से हमारे समाज में पितृसत्ता की है उसका क्या होगा?”

राजस्थान में कार्यरत समाजिक कार्यकर्ता कविता श्रीवास्तव कहती हैं, “अगर साल 2018 की एनसीआरबी की रिपोर्ट देखें तो राजस्थान में यौन हिंसा के साढ़े चार हजार मामले दर्ज किए गए थे। ये तो सिर्फ वो संख्या है जो पुलिस तक मामले पहुंचते हैं लेकिन अनगिनत ऐसे मामले भी हैं जो रिपोर्ट ही नहीं होते। बढ़ते यौन अपराधों को दोखते हुए हमने कई संगठनों के साथ मिलकर प्रदेश को यौन हिंसा मुक्त बनाने के कई कार्यक्रम किए। इसमें महिला और छात्र संगठनों के जिरए लोगों को जागरूक करने के लिए कई अभियान भी चलाए जा रहे हैं लेकिन ये सब सरकार, पुलिस और प्रशासन के बीना कतई संभव नहीं है। हमें ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे, इसे सामान्य अपराध मानकर सिर्फ सजा देकर छोड़ देने से कुछ नहीं होगा।"

इस मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी संज्ञान लेते हुए राजस्थान पुलिस के महानिदेशक भूपेंद्र सिंह यादव से पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

गौरतलब है कि देश-विदश में लॉकडाउन के दौरान महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में लगातार इज़ाफा देखने को मिला है। संयुक्त राष्ट्रसंघ प्रमुख ने भी लॉकडाउन के दौरान महिलाओं की रक्षा करने की सरकारों से अपील की है। इससे पहले देश में राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी लॉकडाउन में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में बढ़ोत्तरी पर चिंता व्यक्त की थी।

Lockdown
Rajasthan
Lockdown crisis
gang rape
crimes against women
exploitation of women
Rajasthan sarkar
ashok gehlot
Rajasthan Police

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

जोधपुर की घटना पर माकपा ने जताई चिंता, गहलोत सरकार से सख़्त कार्रवाई की मांग

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'

यूपी: बुलंदशहर मामले में फिर पुलिस पर उठे सवाल, मामला दबाने का लगा आरोप!


बाकी खबरें

  • Victims of Tripura
    मसीहुज़्ज़मा अंसारी
    त्रिपुरा हिंसा के पीड़ितों ने आगज़नी में हुए नुकसान के लिए मिले मुआवज़े को बताया अपर्याप्त
    25 Jan 2022
    प्रशासन ने पहले तो किसी भी हिंसा से इंकार कर दिया था, लेकिन ग्राउंड से ख़बरें आने के बाद त्रिपुरा सरकार ने पीड़ितों को मुआवज़ा देने की घोषणा की थी। हालांकि, घटना के तीन महीने से अधिक का समय बीत जाने के…
  • genocide
    अजय सिंह
    मुसलमानों के जनसंहार का ख़तरा और भारत गणराज्य
    25 Jan 2022
    देश में मुसलमानों के जनसंहार या क़त्ल-ए-आम का ख़तरा वाक़ई गंभीर है, और इसे लेकर देश-विदेश में चेतावनियां दी जाने लगी हैं। इन चेतावनियों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
  • Custodial Deaths
    सत्यम् तिवारी
    यूपी: पुलिस हिरासत में कथित पिटाई से एक आदिवासी की मौत, सरकारी अपराध पर लगाम कब?
    25 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश की आदित्यनाथ सरकार दावा करती है कि उसने गुंडाराज ख़त्म कर दिया है, मगर पुलिसिया दमन को देख कर लगता है कि अब गुंडाराज 'सरकारी' हो गया है।
  • nurse
    भाषा
    दिल्ली में अनुग्रह राशि नहीं मिलने पर सरकारी अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ ने विरोध जताया
    25 Jan 2022
    दिल्ली नर्स संघ के महासचिव लालाधर रामचंदानी ने कहा, ‘‘लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल, जीटीबी हस्पताल और डीडीयू समेत दिल्ली सरकार के अन्य अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ ने इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भाग…
  • student
    भाषा
    विश्वविद्यालयों का भविष्य खतरे में, नयी हकीकत को स्वीकार करना होगा: रिपोर्ट
    25 Jan 2022
    रिपोर्ट के अनुसार महामारी के कारण उन्नत अर्थव्यवस्था वाले देशों में विश्वविद्यालयों के सामने अनेक विषय आ रहे हैं और ऐसे में विश्वविद्यालयों का भविष्य खतरे में है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License