NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
आपराधिक मानहानि मामले में रमानी का बरी होना महिला पत्रकारों की जीत : आईडब्ल्यूपीसी
आईडब्ल्यूपीसी ने एक बयान में कहा कि यह महिला पत्रकारों की जीत है, जिन्होंने हमेशा यौन उत्पीड़न का विरोध किया है और हमेशा समाचार कक्ष में बुरी नजर से बचती रही हैं।  
भाषा
18 Feb 2021
आपराधिक मानहानि मामले में रमानी का बरी होना महिला पत्रकारों की जीत : आईडब्ल्यूपीसी
Image courtesy: Social Media

नयी दिल्ली: इंडियन वीमन प्रेस कोर (आईडब्ल्यूपीसी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले में पत्रकार प्रिया रमानी का बरी होना यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने वाली महिला पत्रकारों की जीत है।

रमानी ने 2018 में ‘मी टू’ आंदोलन के दौरान अकबर पर यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे। इसपर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने 15 अक्टूबर 2018 को रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।

दिल्ली की एक अदालत ने आपराधिक मानहानि के मामले में रमानी को बुधवार को यह कहते हुए बरी कर दिया था कि किसी भी महिला को दशकों बाद भी किसी भी मंच पर अपनी शिकायत रखने का अधिकार है।

आईडब्ल्यूपीसी ने एक बयान में कहा कि वह रमानी को बरी किए जाने के अदालत के फैसले का स्वागत करती है।

इसने कहा कि यह महिला पत्रकारों की जीत है, जिन्होंने हमेशा यौन उत्पीड़न का विरोध किया है और हमेशा समाचार कक्ष में बुरी नजर से बचती रही हैं।

बयान में कहा गया, ‘‘हम सभी सुरक्षित कार्यस्थल चाहते हैं...लेकिन भेड़िये अंदर ही बैठे हुए हैं।’’

संगठन ने कहा कि वह मुद्दे पर रमानी के संकल्प की प्रशंसा करता है।

priya ramani
IWPC
Journalists

Related Stories

4 साल से जेल में बंद पत्रकार आसिफ़ सुल्तान पर ज़मानत के बाद लगाया गया पीएसए

बेशर्म नंगई पर उतरा तंत्र, नफ़रती एजेंटों की पौ-बारा

मध्य प्रदेश : बीजेपी विधायक के ख़िलाफ़ ख़बर दिखाई तो पुलिस ने पत्रकारों को थाने में नंगा खड़ा किया

साल 2021 : खेत से लेकर सड़क और कोर्ट तक आवाज़ बुलंद करती महिलाएं

पेगासस जासूसी मामला: विपक्ष ने सरकार पर उठाए गंभीर सवाल, गृह मंत्री को बर्ख़ास्त करने की मांग

इज़राइल स्थित एनएसओ ग्रुप के मालवेयर ने पत्रकारों, कार्यकर्ताओं को बनाया निशाना

यूपी: एक ट्वीट पर पत्रकारों से लेकर ट्विटर तक पर मुक़दमा

सरकार की आलोचना करने वाले सज़ा के नहीं, सुरक्षा के हक़दार हैं

#MeToo​: 'प्रतिष्ठा का अधिकार गरिमा के आधिकार से ऊपर नहीं'

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: सड़क से कोर्ट तक संघर्ष करती महिलाएं सत्ता को क्या संदेश दे रही हैं?


बाकी खबरें

  • Ayodhya
    रवि शंकर दुबे
    अयोध्या : 10 हज़ार से ज़्यादा मंदिर, मगर एक भी ढंग का अस्पताल नहीं
    24 Jan 2022
    दरअसल अयोध्या को जिस तरह से दुनिया के सामने पेश किया जा रहा है वो सच नहीं है। यहां लोगों के पास ख़ुश होने के लिए मंदिर के अलावा कोई दूसरा ज़रिया नहीं है। अस्पताल से लेकर स्कूल तक सबकी हालत ख़राब है।
  • BHU
    विजय विनीत
    EXCLUSIVE: ‘भूत-विद्या’ के बाद अब ‘हिंदू-स्टडीज़’ कोर्स, फिर सवालों के घेरे में आया बीएचयू
    24 Jan 2022
    किसी भी राष्ट्र को आगे ले जाने के लिए धर्म की नहीं, विज्ञान और संविधान की जरूरत पड़ती है। बेहतर होता बीएचयू में आधुनिक पद्धति के नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाते। हमारा पड़ोसी देश चीन बिजली की मुश्किलों से…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: एक वीरता पुरस्कार तो ग़रीब जनता का भी बनता है
    24 Jan 2022
    बेरोज़गारी, महंगाई और कोविड आदि की मार सहने के बाद भी भारत की आम जनता ज़िंदा है और मुस्कुरा कर पांच राज्यों में फिर मतदान की लाइन में लगने जा रही है, तो एक वीरता पुरस्कार तो उसका भी बनता है...बनता है…
  • genocide
    पार्थ एस घोष
    घर वापसी से नरसंहार तक भारत का सफ़र
    24 Jan 2022
    भारत में अब मुस्लिम विरोधी उन्माद चरम पर है। 2014 में नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से इसमें लगातार वृद्धि हुई है।
  • bulli bai
    डॉ. राजू पाण्डेय
    नफ़रत का डिजिटलीकरण
    24 Jan 2022
    सुल्ली डील्स, बुल्ली बाई, क्लबहाउस और अब ट्रैड्स के ज़रिये अल्पसंख्यक समुदाय के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाने का काम लगातार सोशल मीडिया पर हो रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License