NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
रामदेव पर राजद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए :आईएमए ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा
‘‘हम आपसे अपील करते हैं कि अपने कंपनी के उत्पादों के निहित स्वार्थ के चलते टीकाकरण पर डर का संदेश फैलाने वाले तथा भारत सरकार के उपचार प्रोटोकॉलों को चुनौती देने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करें। हमारे विचार से यह स्पष्ट रूप से राजद्रोह का मामला है और ऐसे लोगों पर बिना किसी देरी के राजद्रोह के आरोपों में फौरन मुकदमा दर्ज होना चाहिए।’’
भाषा
27 May 2021
रामदेव

नयी दिल्ली: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि कोविड-19 के उपचार के लिए सरकार के प्रोटोकॉल को चुनौती देने तथा टीकाकरण पर कथित दुष्प्रचार वाला अभियान चलाने के लिए योगगुरु रामदेव पर तत्काल राजद्रोह के आरोपों के तहत मामला दर्ज होना चाहिए।

आधुनिक चिकित्सा पद्धति से इलाज करने वाले डॉक्टरों के प्रमुख संगठन ने एलोपैथी के खिलाफ कथित अपमानजनक बयान के लिए रामदेव को मानहानि का नोटिस भी भेजा है। संघ ने उनसे 15 दिन के अंदर माफी मांगने को कहा है। उसने कहा है कि ऐसा नहीं होने पर वह उनसे 1,000 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि मांगेगा।

आईएमए ने मोदी को लिखे पत्र में कहा कि यह बड़ी संतोषजनक बात है कि देश में टीकों की दोनों खुराक ले चुके केवल 0.06 प्रतिशत लोगों को कोरोना वायरस का ‘मामूली’ संक्रमण हुआ और टीका लगवा चुके लोगों को फेफड़ों में अत्यंत गंभीर संक्रमण होने के मामले ‘बहुत दुर्लभ’ रहे।

चिकित्सक संघ ने अपने पत्र में लिखा, ‘‘भलीभांति प्रमाणित है कि टीकाकरण से हम गंभीर संक्रमण के विनाशकारी प्रभावों से अपनी जनता और देश को बचाते हैं। इस मौके पर हम बड़े दुख के साथ आपके संज्ञान में लाना चाहते हैं कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि टीके की दोनों खुराक लेने के बाद भी 10,000 डॉक्टरों की मौत हो गयी और एलोपैथिक दवाएं लेने के कारण लाखों लोगों की मौत हो गयी, जैसा कि पतंजलि प्रोडक्ट्स के मालिक श्री रामदेव ने कहा है।’’

इसमें कहा गया, ‘‘हम आधुनिक चिकित्सा पेशेवरों के प्रतिनिधि कहना चाहते हैं कि हम अस्पतालों में आने वाले लाखों लोगों के उपचार में आईसीएमआर या राष्ट्रीय कार्यबल के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों तथा प्रोटोकॉलों का पालन करते हैं। अगर कोई दावा कर रहा है कि एलोपैथिक दवाओं से लोगों की जान गयी तो यह मंत्रालय को चुनौती देने का प्रयास है जिसने हमें उपचार के लिए प्रोटोकॉल जारी किया।’’

आईएमए ने कहा कि आज की तारीख तक और उसकी रजिस्ट्री के अनुसार कोरोना वायरस की पहली लहर में 753 डॉक्टरों की संक्रमण से मौत हो गयी थी और दूसरी लहर में 513 चिकित्सकों ने जान गंवाई।

उसने कहा कि पहली लहर में किसी को कोरोना वायरस का टीका नहीं लगा था और दूसरी लहर में जान गंवाने वाले अधिकतर लोग अनेक कारणों से टीका नहीं लगवा पाए थे।

आईएमए ने कहा, ‘‘अब कपटपूर्ण तरीके से टीके की दोनों खुराकें लेने के बाद भी 10,000 लोगों के मरने की बात करना जनता तक टीकाकरण को पहुंचाने के प्रयासों को बाधित करने का जानबूझकर किया जा रहा प्रयास है और इसे तत्काल रोकना होगा।’’

उसने यह भी कहा कि आईएमए चिकित्सा की सभी प्रणालियों, विशेष रूप से आयुर्वेदिक दवाओं की भारतीय प्रणाली का सम्मान करता है।

आईएमए ने लिखा है, ‘‘हम ऐसी किसी दवा के विरुद्ध नहीं हैं जिसे मंत्रालय प्रोत्साहित कर रहा हो और हम अपने अधिकतर सार्वजनिक स्वास्थ्य उपचार केंद्रों पर आयुष मंत्रालय द्वारा संवर्धित दवाओं को खुशी से साझा करते हैं। हमने मंत्रालय की स्वीकृति के बिना कुछ दवाओं का विरोध किया था।’’

संगठन ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया, ‘‘हम आपसे अपील करते हैं कि अपने कंपनी के उत्पादों के निहित स्वार्थ के चलते टीकाकरण पर डर का संदेश फैलाने वाले तथा भारत सरकार के उपचार प्रोटोकॉलों को चुनौती देने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करें। हमारे विचार से यह स्पष्ट रूप से राजद्रोह का मामला है और ऐसे लोगों पर बिना किसी देरी के राजद्रोह के आरोपों में फौरन मुकदमा दर्ज होना चाहिए।’’

रामदेव ने वायरल हुए वीडियो में जारी अपने बयान को रविवार को वापस ले लिया था। इसमें उन्हें कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज के लिए इस्तेमाल कुछ दवाओं पर सवाल उठाते हुए और यह कहते सुना जा सकता है कि ‘‘कोविड-19 के इलाज में एलोपैथिक दवाएं लेने की वजह से लाखों लोग मर गये।’’

इस बयान का एलोपैथिक डॉक्टरों और आईएमए ने जोरदार विरोध किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रामदेव से इस ‘अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण’ बयान को वापस लेने को कहा था।

एक दिन बाद रामदेव ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक खुले पत्र में आईएमए से 25 सवाल पूछे। इसमें उन्होंने पूछा कि क्या एलोपैथी से उच्च रक्तचाप और टाइप-1 और 2 के मधुमेह के रोगियों को स्थायी उपचार मिल सका।

IMA
Baba Ramdev
Ayurveda
Ayurveda and Allopathy

Related Stories

पेट्रोल डीजल के दाम याद दिलाया तो धमकाने लगे रामदेव!

रामदेव विरोधी लिंक हटाने के आदेश के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया की याचिका पर सुनवाई से न्यायाधीश ने खुद को अलग किया

पतंजलि आयुर्वेद को कुछ कठिन सवालों के जवाब देने की ज़रूरत 

आईएमए का उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से कांवड़ यात्रा की इजाज़त नहीं देने का आग्रह

न्यायालय ने रामदेव से एलोपैथी पर अपने बयान का मूल रिकॉर्ड पेश करने को कहा

स्विस बैंकों में भारतीयों का पैसा बढ़ा, कांग्रेस ने सरकार से की श्वेत पत्र लाने की मांग

छत्तीसगढ़ : योग गुरु रामदेव के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

अथ टीका पुराण और इति वैक्सीन विरोधी मुहिम का कथा सार

बिहार की एक अदालत में बाबा रामदेव के खिलाफ याचिका, देशद्रोह का मामला चलाने की मांग

काफ़ी नहीं है रामदेव की माफ़ी, दंडनीय अपराध है उनका एलोपैथी पर दिया बयान


बाकी खबरें

  • medical camp
    विजय विनीत
    EXCLUSIVE: सोनभद्र के सिंदूर मकरा में क़हर ढा रहा बुखार, मलेरिया से अब तक 40 आदिवासियों की मौत
    30 Nov 2021
    प्रशासन सिर्फ़ 20 मौतों की पुष्टि कर रहा है। सरकारी दावों के उलट रिहंद जलाशय की तलहटी में बसे सिंदूर मकरा गांव में उदासी और सन्नाटा है। बीमारी और मौत से आदिवासी ख़ासे भयभीत हैं। आदिवासियों की लगातार…
  • Honduras President
    उपेंद्र स्वामी
    दुनिया भर की: मध्य अमेरिका में एक और कास्त्रो का उदय
    30 Nov 2021
    वामपंथी पार्टी की शियोमारा कास्त्रो बनेंगी होंदुरास की पहली महिला राष्ट्रपति। रविवार को हुए राष्ट्रपति पद के चुनावों में कास्त्रो ने सत्तारूढ़ नेशनल पार्टी नासरी असफुरा को पीछे छोड़ दिया है।
  •  Mid Day Meal Workers
    सरोजिनी बिष्ट
    बंधुआ हालत में मिड डे मील योजना में कार्य करने वाली महिलाएं, अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में भरी हुंकार
    30 Nov 2021
    मिड डे मील योजना में काम करने वाली रसोइयों का आक्रोश उस समय सामने आया जब वे अपनी मांगों के साथ 29 नवम्बर को लखनऊ के इको गार्डेन में "उत्तर प्रदेश मिड डे मील वर्कर्स यूनियन" के बैनर तले एक दिवसीय धरने…
  • workers
    मुकुंद झा
    निर्माण मज़दूरों की 2 -3 दिसम्बर को देशव्यापी हड़ताल,यूनियन ने कहा- करोड़ों मज़दूर होंगे शामिल
    30 Nov 2021
    भारत की निर्माण मज़दूर फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर ने कहा कि इस हड़ताल में केंद्रीय मुद्दों के साथ साथ राज्य के अपने मुद्दे भी शामिल होंगे। इस हड़ताल में हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों में…
  • UP farmers
    प्रज्ञा सिंह
    पश्चिम उत्तर प्रदेश में किसान बनाम हिंदू पहचान बन सकती है चुनावी मुद्दा
    30 Nov 2021
    किसान आंदोलन ने पश्चिमी उत्तरप्रदेश में सामाजिक पहचान बदल दी है, उत्तरप्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में यहां से 122 सीटें हैं और अगले साल की शुरुआत में यहां चुनाव होने हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License